फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   impotency and homosexuality is bigger reason of divorce in india

नपुंसकता और समलैंगिकता बन रही सबसे ज्यादा तलाक की वजह

Thu, 07 Jul 2016 01:33 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 07 Jul 2016 01:33 PM IST
विज्ञापन
 impotency and homosexuality is bigger reason of divorce in india

केरल, महाराष्ट्र और  मध्य प्रदेश के बाद कर्नाटक में सबसे ज्यादा तलाक के मामले अदालत की दहलीज तक पहुंचते हैं। कर्नाटक में 2014 में 16,690 जोड़ो ने तलाक लिया था। 2015 की शुरुआत में  यहां की परिवार अदालतों में 23,285 मामले लटके पड़े थे।

विज्ञापन


परिवार अदालत में वकालत करने वाले बीएन नागराज के मुताबिक वो रोज करीब 25 तलाक के मामलों में वादी की ओर से कोर्ट में प्रस्तुत होते हैं। उनका कहना है कि न्यायाधीश एक मामले पर 6 मिनट से ज्यादा नहीं दे पाते क्योंकि उससे मामलों का बोझ बढ़ जाता है।
विज्ञापन


अधिकतर मामलो में यह देखा गया है कि दोनों के आपसी रिश्ते कुछ ही दिनों में दरकने लगते हैं। इतना ही नहीं मैंने यह भी देखा है कि लोगों की दूसरी शादी भी टूट रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि दुराचार और नपुंसकता के बाद तलाक का जो सबसे बड़ा कारण वादियों ने बताया वो समलैंकिता है। इस संबंध में वकील ऋषि के रुइया के मुताबिक तलाक के बढ़ते हुए मामले यह साबित कर रहे हैं कि महिलाएं व्यर्थ के कारणों के चलते रिश्ते नहीं निभाना चाहती। 


आंकड़ों के मुताबिक सन् 2007 से 2015 के बीच बेंगलुरु मेंडिटेशन सेंटर में वैवाहिक विवादों के 27,711 मामलों को निपटाया गया, जिसमें से 20,307 मामले सुलझाए गए। मेडिटेशन सेंटर के निदेशक चंद्रशेखर रेड्डी के अनुसार इस साल जनवरी से 18 जून के बीच 104 दंपतियों के बीच सुलह करई गई। 2015 के 114 मामलों में दंपतियों में सुलह कराई गई।

Published By Rahul Sankrityayan

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed