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पीएम मोदी के संबोधन की ऐसी बातें जिसने सबसे ज्यादा चौंकाया
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 31 Dec 2016 09:36 PM IST
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प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन से पहले सोशल मीडिया पर सुर्खियां बना डर तो निकल गया, लेकिन 5 ऐसी बातें रहीं, जिसने सबसे ज्यादा चौंकाया।
प्रधानमंत्री ने संबोधन की शुरुआत नोटबंदी या बेनामी संपत्ति पर करने की बजाय इंसानी स्वभाव पर की। उन्होंने कहा कि "हमारे राष्ट्र जीवन और समाज जीवन में भ्रष्टाचार, कालाधन और जाली नोटों के जाल में ईमानदार को भी घुटने टेकने को मजबूर कर दिया था। उसका मन स्वीकार नहीं करता था लेकिन उसे परिस्थितियों को सहना-स्वीकार करना पड़ता था। दीपावली की घटना के बाद यह सिद्ध हो चुका है कि करोड़ों देशवासी ऐसी घुटन से मुक्ति के लिए प्रयास कर रहे थे।''
प्रधानमंत्री ने संबोधन में नोटबंदी का नाम लिए बिना दीवाली के बाद के हालात का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दीपावली के तुरंत बाद हमारा देश ऐतिहासिक शुद्धि यज्ञ का गवाह बना है। सवा सौ करोड़ देशवासियों के प्रयत्न से ये जो शुद्धि यज्ञ चला, आने वाले वर्षों में यह अहम भूमिका निभाएगी।
'' देशवासी लगातार दृढ-संकल्प अप्रतिम धैर्य के साथ त्याग की परिकाष्ठा करते हुए, कष्ट झेलते हुए बुराइयों को पराजित करने के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। जब हम कहते हैं कि कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी... इस बात को देशवासियों ने जीकर दिखाया है।
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प्रधानमंत्री ने संबोधन की शुरुआत नोटबंदी या बेनामी संपत्ति पर करने की बजाय इंसानी स्वभाव पर की। उन्होंने कहा कि "हमारे राष्ट्र जीवन और समाज जीवन में भ्रष्टाचार, कालाधन और जाली नोटों के जाल में ईमानदार को भी घुटने टेकने को मजबूर कर दिया था। उसका मन स्वीकार नहीं करता था लेकिन उसे परिस्थितियों को सहना-स्वीकार करना पड़ता था। दीपावली की घटना के बाद यह सिद्ध हो चुका है कि करोड़ों देशवासी ऐसी घुटन से मुक्ति के लिए प्रयास कर रहे थे।''
प्रधानमंत्री ने संबोधन में नोटबंदी का नाम लिए बिना दीवाली के बाद के हालात का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दीपावली के तुरंत बाद हमारा देश ऐतिहासिक शुद्धि यज्ञ का गवाह बना है। सवा सौ करोड़ देशवासियों के प्रयत्न से ये जो शुद्धि यज्ञ चला, आने वाले वर्षों में यह अहम भूमिका निभाएगी।
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'' देशवासी लगातार दृढ-संकल्प अप्रतिम धैर्य के साथ त्याग की परिकाष्ठा करते हुए, कष्ट झेलते हुए बुराइयों को पराजित करने के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। जब हम कहते हैं कि कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी... इस बात को देशवासियों ने जीकर दिखाया है।
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आपको जानकर हैरानी होगी
नरेंद्र मोदी
- फोटो : SELF
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि इसे सुनने के बाद आप या तो हंस पड़ेंगे या गुस्सा फूट पड़ेगा। आपको जानकर हैरानी होगी कि देश में सिर्फ 24 लाख लोग ये स्वीकारते हैं कि उनकी आय 10 लाख रुपए सालाना से ज्यादा है। क्या किसी देशवासी के गले ये बात उतरेगी? आप भी अपने आसपास बड़ी-बड़ी कोठियां-गाड़ियां देखते होंगे। किसी एक बड़े शहर में आपको सालाना 10 लाख से अधिक आय वाले लाखों लोग मिल जाएंगे। देश की भलाई के लिए ईमानदारी के आंदोलन को अधिक ताकत देने की जरूरत है।''
मोदी ने कहा, ''पूरी दुनिया में सत्य है कि आतंकवाद से जुड़े लोग, काली कमाई करने वाले कालेधन पर निर्भर रहते हैं। हमारे एक निर्णय ने इस सब पर गहरी चोट पहुंचाई है। अगर हम जागरुक रहे तो अपने बच्चों को हिंसा के रास्ते पर जाने से बचा पाएंगे। इस अभियान की सफलता इस बात पर भी है कि अर्थव्यवस्था की मुख्यधारा से जो धन बाहर था, वह वापस आ गया है। पिछले कुछ दिनों की घटना से यह साबित हो चुका है कि चालाकी करने वालों के लिए आगे के रास्ते बंद हो चुके हैं। आदतन बेईमान लोगों को भी मुख्यधारा में आना होगा।''
बैंक कर्मियों को भी बूस्टअप करते हुए मोदी ने कहा कि 'बैंक कर्मियों ने दिन-रात एक किया है। कहीं-कहीं सरकारी कर्मचारियों ने गंभीर अपराध किए हैं और आदतन फायदा उठाने का निर्लज्ज प्रयास हुआ है। इन्हें बख्शा नहीं जाएगा। मैं देश के सभी बैंकों से आग्रहपूर्वक एक बात कहना चाहता हूं कि इतिहास गवाह है कि हिंदुस्तान की बैंकों के पास इतनी बड़ी मात्रा में इतना धन का भंडार पहले कभी नहीं आया था। बैंकों की स्वतंत्रता का आदर करते हुए कहना चाहता हूं कि बैंक जल्दी लोकहित में उचित निर्णय करें और उचित कदम उठाएं।''
मोदी ने कहा, ''पूरी दुनिया में सत्य है कि आतंकवाद से जुड़े लोग, काली कमाई करने वाले कालेधन पर निर्भर रहते हैं। हमारे एक निर्णय ने इस सब पर गहरी चोट पहुंचाई है। अगर हम जागरुक रहे तो अपने बच्चों को हिंसा के रास्ते पर जाने से बचा पाएंगे। इस अभियान की सफलता इस बात पर भी है कि अर्थव्यवस्था की मुख्यधारा से जो धन बाहर था, वह वापस आ गया है। पिछले कुछ दिनों की घटना से यह साबित हो चुका है कि चालाकी करने वालों के लिए आगे के रास्ते बंद हो चुके हैं। आदतन बेईमान लोगों को भी मुख्यधारा में आना होगा।''
बैंक कर्मियों को भी बूस्टअप करते हुए मोदी ने कहा कि 'बैंक कर्मियों ने दिन-रात एक किया है। कहीं-कहीं सरकारी कर्मचारियों ने गंभीर अपराध किए हैं और आदतन फायदा उठाने का निर्लज्ज प्रयास हुआ है। इन्हें बख्शा नहीं जाएगा। मैं देश के सभी बैंकों से आग्रहपूर्वक एक बात कहना चाहता हूं कि इतिहास गवाह है कि हिंदुस्तान की बैंकों के पास इतनी बड़ी मात्रा में इतना धन का भंडार पहले कभी नहीं आया था। बैंकों की स्वतंत्रता का आदर करते हुए कहना चाहता हूं कि बैंक जल्दी लोकहित में उचित निर्णय करें और उचित कदम उठाएं।''