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Immigration Bill: नए इमिग्रेशन बिल पर हंगामा, कांग्रेस ने कहा- सभी विदेशियों को अपराधी मानने का दे रहा संदेश

Wed, 02 Apr 2025 05:42 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पवन पांडेय Updated Wed, 02 Apr 2025 05:42 PM IST
सार

नए इमिग्रेशन बिल को लेकर राज्यसभा में कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा, 'अगर यह बिल ऐसे ही पास हुआ तो आने वाले सालों में यह अदालत में टिक नहीं पाएगा।' उन्होंने गृह मंत्री से अपील की कि इस बिल को पुनर्विचार के लिए संसदीय समिति को भेजा जाए।

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Immigration Bill sends message that all foreigners are potential criminals: Singhvi in RS
अभिषेक मनु सिंघवी, सांसद, कांग्रेस - फोटो : X / @INCIndia

विस्तार

राज्यसभा में कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने आव्रजन और विदेशी विधेयक 2025 का जोरदार विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह बिल ऐसा संदेश देता है जैसे भारत में आने वाला हर विदेशी संभावित अपराधी है, जिस पर शक किया जाना चाहिए। यह बिल 27 मार्च को लोकसभा में पास हो चुका है। कांग्रेस सांसद ने इसे संसद की स्थायी समिति के पास भेजने की मांग की। उनका कहना था कि यह कानून छोटे अधिकारियों को बहुत ज्यादा ताकत देता है, लेकिन इसमें अपील करने, निगरानी रखने और जवाबदेही तय करने की कोई उचित व्यवस्था नहीं है।
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बिल पर कांग्रेस का विरोध
अभिषेक मनु सिंघवी ने इस दौरान कहा, 'यह बिल सरकार के नियंत्रणवादी रवैये को दर्शाता है। यह विदेशियों के लिए डर का माहौल बनाने और उन पर निगरानी रखने का एक जरिया बन जाएगा।' उन्होंने आरोप लगाया कि यह कानून मानता है कि विदेशियों के पास भारतीय संविधान के तहत कोई अधिकार नहीं हैं, जो पूरी तरह गलत है। उन्होंने यह भी कहा कि यह बिल सरकार को यह शक्ति देता है कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा, भारत की संप्रभुता, विदेशी संबंधों या सार्वजनिक स्वास्थ्य के नाम पर किसी भी विदेशी को भारत में प्रवेश देने से मना कर सकती है या देश से निकाल सकती है। इसके अलावा, सरकार अपनी मर्जी से नए कारण जोड़कर किसी को भी रोक सकती है। इस बिल का सबसे विवादास्पद प्रावधान यह है कि इमिग्रेशन अधिकारी का निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होगा, यानी इस पर कोई अपील नहीं की जा सकेगी। सिंघवी ने कहा कि यह अधिकारियों को मनमानी करने की खुली छूट देने जैसा है। 
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टीएमसी और बीजेपी की प्रतिक्रिया
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद सुष्मिता देव ने भी इस बिल का विरोध करते हुए कहा कि इसे विस्तार से जांचने के लिए संसदीय समिति के पास भेजा जाना चाहिए। वहीं, भारतीय जनता पार्टी की सांसद रेखा शर्मा ने इस बिल का समर्थन किया और कहा कि यह भारत की सीमाओं की सुरक्षा और देश की संस्कृति को बचाने के लिए जरूरी कदम है।

बिल में क्या प्रावधान हैं?
  • विदेशियों की निगरानी होगी: होटल, विश्वविद्यालय, अस्पताल और अन्य संस्थानों को यह अनिवार्य रूप से रिपोर्ट देना होगा कि उनके यहां कौन-कौन से विदेशी ठहरे हुए हैं।  
  • अवैध रूप से रहने पर कड़ी सजा: बिना वैध पासपोर्ट या वीजा के भारत में प्रवेश करने वाले किसी भी व्यक्ति को 5 साल तक की जेल या 5 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।  
  • सरकार को खास जगहों पर नियंत्रण का अधिकार: सरकार उन स्थानों को नियंत्रित कर सकती है जहां विदेशी अक्सर आते-जाते हैं।

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