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संक्रमण पर नई खोजें: मरीज के एक्स-रे स्कैन से पांच सेकेंड में कोरोना का पता लगाएगा सॉफ्टवेयर

Sat, 25 Apr 2020 06:34 AM IST
Rajeev Rai न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Rajeev Rai Updated Sat, 25 Apr 2020 06:34 AM IST
सार

आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर का दावा, सॉफ्टवेयर से स्वास्थ्यकर्मियों में कम होगा संक्रमण का खतरा

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IITs doing invention helps in fight against coronavirus pandemic
कोरोना वायरस की जांच (सांकेतिक) - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर ने ऐसा सॉफ्टवेयर बनाने का दावा किया है, जो संदिग्ध मरीज के एक्स-रे स्कैन के जरिये पांच सेकेंड में कोरोना वायरस का पता लगा सकता है। प्रोफेसर कमल जैन ने 40 दिन में इस सॉफ्टवेयर को विकसित किया है और इसके पेटेंट के लिए आवेदन कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) से इसके परीक्षण को लेकर संपर्क किया है। हालांकि चिकित्सा संस्थान द्वारा जैन के इस दावे को सत्यापित नहीं किया गया है।

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सिविल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के प्रोफेसर जैन ने दावा किया कि इस सॉफ्टवेयर की मदद से न सिर्फ जांच की लागत कम होगी, बल्कि इसके इस्तेमाल से स्वास्थ्यकर्मियों के संक्रमित होने का जोखिम भी कम हो जाएगा। जैन ने बताया, मैंने 60 हजार एक्स-रे स्कैन की जांच करने के बाद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डाटाबेस विकसित किया। इनमें कोविड-19, निमोनिया और टीबी के मरीजों के एक्स-रे को शामिल किया, जिससे तीनों रोगों से ग्रस्त मरीजों की छाती के संक्रमण में अंतर किया जा सके। इस सॉफ्टवेयर पर डॉक्टर एक्स-रे की तस्वीर अपलोड कर सकते हैं। इसके बाद यह सॉफ्टवेयर न सिर्फ यह बताएगा कि मरीज में निमोनिया के लक्षण हैं, बल्कि यह भी बताएगा कि मरीज कोविड-19 या अन्य किसी बैक्टीरिया से संक्रमित है या नहीं। केवल पांच सेकेंड में सॉफ्टवेयर यह बता देगा।

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60  हजार एक्स-रे की जांच के बाद हुई खोज

सिविल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के प्रो. जैन के मुताबिक, सॉफ्टवेयर से सस्ती जांच के साथ स्वास्थ्यकर्मियों मेें संक्रमण का जोखिम भी कम होगा। जैन ने बताया, 60 हजार एक्स-रे की जांच के बाद आर्टिफिशियल इंटैलिजेंस आधारित डाटाबेस विकसित किया। इनमें कोरोना, निमोनिया और टीबी के मरीजों के एक्स-रे को शामिल किया, जिससे मरीजों में छाती के संक्रमण में अंतर किया जा सके। 

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तस्वीर अपलोड करके कर पाएंगेे परीक्षण

इस सॉफ्टवेयर पर डॉक्टर एक्स-रे की तस्वीर अपलोड कर सकते हैं। इसके बाद यह सॉफ्टवेयर न सिर्फ यह बताएगा कि मरीज में निमोनिया के लक्षण हैं, बल्कि यह भी बताएगा कि मरीज कोविड-19 या अन्य किसी बैक्टीरिया से संक्रमित है या नहीं। केवल पांच सेकेंड में सॉफ्टवेयर यह बता देगा। 

महिला डॉक्टर उद्यमी ने डिजाइन किया ओवरहेड प्रोजेक्टर शीट से फेस शील्ड...

कोरोना वायरस महामारी से बुरी तरह से प्रभावित मुंबई के स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए एक महिला डॉक्टर उद्यमी ने ओवरहेड प्रोजेक्टर शीट से फेस शील्ड डिजाइन किया है। वह उपनगरीय अस्पताल में संक्रमण नियंत्रण विशेषज्ञ के तौर पर कार्यरत हैं।

डॉक्टर ने कहा कि तरल पदार्थ को अंदर जाने से रोकने के लिए फेस शील्ड प्लास्टिको से बनाया जाना चाहिए। इसलिए, उसने ओवरहेड प्रोजेक्टरों के ए4ट्रांसपरेेंसी शीट का इस्तेमाल करने का फैसला किया और फेस शील्ड बनाया। इसे धोया और दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जब तक पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट या पीपीई की आपूर्ति नहीं होती है तब तक वह अस्पताल स्टाफ को ये फेस शील्ड देंगी। उन्होंने बताया कि आराम और स्पष्टता समेत अन्य तथ्यों की जांच के बाद इसके प्रोटोटाइप को मंजूरी मिलने पर 1000 यूनिट तैयार की। 

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