{"_id":"5a4296d74f1c1bd0408bf259","slug":"iit-gandhinagar-is-got-first-number-in-terms-of-placement","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईआईटी गांधीनगर प्लेसमेंट में नंबर वन, दिल्ली दूसरे स्थान पर ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
आईआईटी गांधीनगर प्लेसमेंट में नंबर वन, दिल्ली दूसरे स्थान पर
सीमा शर्मा/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 27 Dec 2017 12:07 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुराने व दिग्गज आईआईटी प्लेसमेंट की रेस में छोटे व नए आईआईटी से पिछड़ गए हैं। इसका मतलब ये नहीं कि वे प्लेसमेंट में फिसड्डी हैं। असल में वे दुनिया के टॉप सौ सर्वश्रेष्ठ शिक्षण संस्थानों में शामिल होने के लिए पेटेंट करने में बिजी हैं। जबकि नए आईआईटी प्लेसमेंट में रिकार्ड का कीर्तिमान बना रहे हैं।
विज्ञापन
केंद्र सरकार की ओर से संसद में 17 आईआईटी की तीन सालों की पेश प्लेसमेंट रिपोर्ट के मुताबिक, पुराने आईआईटी के प्लेसमेंट में गिरावट है। जबकि नए का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। खास बात यह है कि आईआईटी गांधीनगर पहले तो आईआईटी दिल्ली दूसरे, इंदौर तीसरे, रोपड़ चौथे, धनबाद पांचवें, खड़गपुर सातवें, कानपुर आठवें, मंडी नौवें तो मुंबई दसवें स्थान पर है।
विज्ञापन
सरकार के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, शैक्षणिक सत्र 2014-15, 2015-16 और 2016-17 की आईआईटी प्लेसमेंट की रिपोर्ट से साफ होता है कि पुराने और बड़े आईआईटी कैंपस प्लेसमेंट में पीछे हैं। क्योंकि अब वे रिसर्च के बाद पेटेंट, इनोवेशन समेत स्टार्टअप पर जोर दे रहे हैं। जबकि नए आईआईटी के पास अभी रिसर्च, इनोवेशन व स्टार्टअप का सेटअप न होने के चलते अंडर ग्रेजुएशन में सीट बढ़ाने और प्लेसमेंट पर फोकस है। इसी के चलते उनका प्लेसमेंट ग्राफ लगातार बढ़ रहा है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- भारतीय वैज्ञानिकों का कमाल, प्याज के छिलके से बनाई बिजली
प्लेसमेंट का आंकड़ा
2016-17 सत्र में आईआईटी गांधीनगर का प्लेसमेंट 88.31 फीसदी के साथ सबसे आगे हैं। जबकि दिल्ली 84.36 फीसदी, इंदौर 84.34, रोपड़ 83.16,धनबाद 78.95,कानपुर 77.63, रुड़की 76.04, पटना 74.86, मंडी 73.96, मुंबई 73.39, मद्रास 70.39, खड्गपुर 68.39, भुवनेश्वर 64.96, बनारस 60.32 फीसदी है।
प्लेसमेंट से अधिक स्टार्टअप बढ़ाने पर ध्यान
केंद्र सरकार ने 2016 में सभी आईआईटी को पत्र लिखकर 2017 सत्र में सीट बढ़ाने की मांग रखी थी। हालांकि पुराने आईआईटी ने बीटेक प्रोग्राम में सीट बढ़ोतरी से इनकार कर दिया। उनका तर्क था कि वे पढ़ाई की बजाय रिसर्च स्टार्टअप व इनोवेशन पर फोकस करना चाहते हैं। इसलिए सीट नहीं बढ़ा सकते। वहीं, उनका फोकस प्लेसमेंट से अधिक स्टार्टअप बढ़ाना है। ताकि युवा स्टार्टअप में छोटी-छोटी कंपनी बनाने में सक्षम हो सकें और अन्य को रोजगार का मौका दें।