फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   If person performs daily physical activity consistently it improves his cardiorespiratory fitness

अध्ययन: तय समय पर ही करें नियमित काम, बेहतर रहेगी दिल की सेहत; बुढ़ापा जीने में अहम है हृदय और चलने का तरीका

Sun, 01 Jun 2025 07:20 AM IST
दीपक कुमार शर्मा एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Sun, 01 Jun 2025 07:20 AM IST
सार

शोध के नतीजों से पता चला कि जो बुजुर्ग प्रतिभागी सुबह जल्दी और नियमित समय पर सक्रिय रहते थे, उनकी दिल और फेफड़ों की क्षमता उन लोगों की तुलना में बेहतर थी जो देर से या अनियमित समय पर सक्रिय रहते थे।

विज्ञापन
If person performs daily physical activity consistently it improves his cardiorespiratory fitness
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : adobe stock images

विस्तार

यदि इंसान रोजाना की शारीरिक गतिविधि निरंतरता के साथ एक ही वक्त पर करें तो यह उसकी कार्डियोरेस्पिरेटरी यानी हृदय और सांस से जुड़ी फिटनेस और चलने की क्षमता को बेहतर करता है। ये सेहत के साथ बुढ़ापा जीने के दो अहम पहलू हैं। यह खुलासा मेडिसिन एंड साइंस इन स्पोर्ट्स एंड एक्सरसाइज नामक पत्रिका में प्रकाशित शोध के नतीजों में हुआ है।

विज्ञापन


यह बताता है कि हमारे शरीर की सर्कडियन लय या जैविक घड़ियां 24 घंटे की अवधि में किसी हमारी गतिविधियों को नियंत्रित करती हैं। इसमें सोने-जागने के चक्र सहित बड़े पैमाने पर शारीरिक और चयापचय का काम शामिल हैं। अमेरिका के फ्लोरिडा कॉलेज ऑफ मेडिसिन विश्वविद्यालय में प्रोफेसर और अध्यक्ष शोध के मुख्य लेखक कैरिन एस्सेर के मुताबिक, इंसान की प्रणाली में दैनिक लय पैदा करने वाली सर्कैडियन घड़ी उसके फायदे के लिए जरूरी और बेहद अहम हैं।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Point Nemo: धरती के आखिरी छोर पर भी तिरंगा... भारतीय नौसेना की दो वीरांगनाओं की उपलब्धि बेमिसाल; जानिए सबकुछ
विज्ञापन
विज्ञापन


शोध में शामिल हुए 800 बुजुर्ग
शोध के लिए औसतन 76 साल की उम्र के 800 बुजुर्गों की कलाई पर उनकी गतिविधि की निगरानी के लिए खास उपकरण पहनाए गए थे। इनके जरिये इन उम्रदराज लोगों की शारीरिक गतिविधियों की एक हफ्ते तक निगरानी की गई। इसके तहत उनके हृदय और फेफड़ों की सेहत का मूल्यांकन कार्डियोपल्मोनरी (हृदय और फेफड़ों से जुड़ा) व्यायाम परीक्षण से किया गया।


शारीरिक गतिविधि के वक्त की है अहमियत बड़ी 
शोध के नतीजों से पता चला कि जो बुजुर्ग प्रतिभागी सुबह जल्दी और नियमित समय पर सक्रिय रहते थे, उनकी दिल और फेफड़ों की क्षमता उन लोगों की तुलना में बेहतर थी जो देर से या अनियमित समय पर सक्रिय रहते थे। एसर के मुताबिक, हम पहले से जानते हैं कि शारीरिक सक्रियता उम्र बढ़ने में मददगार होती है।

ये भी पढ़ें: BJP: गृह मंत्री अमित शाह दो दिवसीय बंगाल दौरे पर, स्थानीय नेता उत्साहित; कहा- अगले साल यहां भाजपा सरकार बनेगी

सक्रियता, नियमितता व आराम के चक्र का असर
जिन बुजुर्गों की दिनचर्या में स्पष्ट सक्रियता के समय और आराम के समय का अंतर था यानी वे दिन में अधिक चलते-फिरते थे और रात को आराम करते थे, उनकी दिल-फेफड़ों की सेहत और चलने की क्षमता बेहतर पाई गई। वही जिन लोगों की हर दिन की गतिविधियों का समय लगभग एक जैसा था यानी दिन का वही हिस्सा हमेशा सबसे सक्रिय रहता था, उनके शारीरिक परिणाम अधिक अच्छे थे। यह शोध महज जिम वर्कआउट तक सीमित नहीं था। इसमें चहलकदमी, बागवानी, सफाई और खरीदारी जैसे रोजमर्रा के काम भी शामिल थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed