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बैंककर्मी एलटीसी पर विदेश यात्रा करेंगे तो देना पड़ेगा टीडीएस
नई दिल्ली, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 18 Aug 2018 04:43 AM IST
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छुट्टी यात्रा रियायत (एलटीसी) पर विदेश भ्रमण करने वाले बैंककर्मियों को भारत में नियमानुसार स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) का भुगतान करना होगा। बैंककर्मी हालांकि यदि एलटीसी का उपयोग देश में ही भ्रमण के लिए करते हैं, तो उन्हें टीडीएस के मद में कोई भुगतान नहीं करना होगा।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पिछले पखवाड़े इस बारे में देश के कई आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण ने अपने फैसले में कहा है कि अगर कोई कर्मी एलटीसी का उपयोग स्वदेश भ्रमण के लिए करता है, तो उसे आयकर कानून की धारा 10(5) के तहत छूट मिलेगी, लेकिन अगर वे विदेश भ्रमण करते हैं, तो उन्हें इस धारा का लाभ नहीं मिलेगा।
आयकर स्लैब के हिसाब से टीडीएस
आयकर विभाग के कई आयुक्तालयों के टीडीएस अधिकारियों के सर्वेक्षण से यह पता चला था कि कई बैंक एलटीसी भत्ते का भुगतान करते वक्त टीडीएस की कटौती नहीं कर रहे हैं। इसके बाद यह मामला आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण तक भी पहुंच गया।
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आयकर विभाग के अनुसार यदि कोई व्यक्ति विदेशी पर्यटन स्थल के लिए एलटीसी भत्ते का लाभ लेता है, तो उसे उसी हिसाब से टीडीएस का भुगतान करना होगा, जिस टैक्स स्लैब में वह आ रहा है। मान लिया जाए कि कोई व्यक्ति 30 फीसदी के टैक्स स्लैब में आ रहा है, तो उसे 30 फीसदी के हिसाब से ही टीडीएस का भुगतान करना होगा।
न्यायाधिकरण ने दिया फैसला
देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) सहित कई बैंक अपने कर्मियों को एलटीसी के मद में विदेश भ्रमण के लिए भी यात्रा व्यय की प्रतिपूर्ति करते हैं। इस पर आयकर विभाग द्वारा टीडीएस का दावा किए जाने के बाद सिंडिकेट बैंक बनाम सहायक आयकर आयुक्त (टीडीएस) का मामला आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण के बंगलूरू पीठ में चला गया था।
इसी तरह न्यायाधिकरण के लखनऊ बेंच में भी एसबीआई से संबंधित इसी तरह का मामला पहुंचा था। न्यायाधिकरण ने स्पष्ट किया कि देश से बाहर के स्थलों के भ्रमण पर आयकर कानून की धारा 10(5) के तहत छूट का लाभ नहीं मिलेगा।
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केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पिछले पखवाड़े इस बारे में देश के कई आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण ने अपने फैसले में कहा है कि अगर कोई कर्मी एलटीसी का उपयोग स्वदेश भ्रमण के लिए करता है, तो उसे आयकर कानून की धारा 10(5) के तहत छूट मिलेगी, लेकिन अगर वे विदेश भ्रमण करते हैं, तो उन्हें इस धारा का लाभ नहीं मिलेगा।
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आयकर स्लैब के हिसाब से टीडीएस
आयकर विभाग के कई आयुक्तालयों के टीडीएस अधिकारियों के सर्वेक्षण से यह पता चला था कि कई बैंक एलटीसी भत्ते का भुगतान करते वक्त टीडीएस की कटौती नहीं कर रहे हैं। इसके बाद यह मामला आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण तक भी पहुंच गया।
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आयकर विभाग के अनुसार यदि कोई व्यक्ति विदेशी पर्यटन स्थल के लिए एलटीसी भत्ते का लाभ लेता है, तो उसे उसी हिसाब से टीडीएस का भुगतान करना होगा, जिस टैक्स स्लैब में वह आ रहा है। मान लिया जाए कि कोई व्यक्ति 30 फीसदी के टैक्स स्लैब में आ रहा है, तो उसे 30 फीसदी के हिसाब से ही टीडीएस का भुगतान करना होगा।
न्यायाधिकरण ने दिया फैसला
देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) सहित कई बैंक अपने कर्मियों को एलटीसी के मद में विदेश भ्रमण के लिए भी यात्रा व्यय की प्रतिपूर्ति करते हैं। इस पर आयकर विभाग द्वारा टीडीएस का दावा किए जाने के बाद सिंडिकेट बैंक बनाम सहायक आयकर आयुक्त (टीडीएस) का मामला आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण के बंगलूरू पीठ में चला गया था।
इसी तरह न्यायाधिकरण के लखनऊ बेंच में भी एसबीआई से संबंधित इसी तरह का मामला पहुंचा था। न्यायाधिकरण ने स्पष्ट किया कि देश से बाहर के स्थलों के भ्रमण पर आयकर कानून की धारा 10(5) के तहत छूट का लाभ नहीं मिलेगा।