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Covid-19 : उन मरीजों पर अध्ययन करेगा आईसीएमआर जिनमे नहीं दिखे लक्षण
Fri, 08 May 2020 04:04 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Fri, 08 May 2020 04:04 PM IST
सार
देश में कोविड-19 संक्रमण के मामलों में उछाल देखते हुए भारतीय चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईसीएमआर) ने ऐसे मरीजों पर अध्ययन करने का फैसला किया है जो कोरोना वायरस से संक्रमित तो हुए हैं लेकिन उनमें इसके लक्षण दिखाई नहीं दिए। जानकारी के मुताबिक आईसीएमआर यह अध्ययन देश के 75 जिलों के मरीजों पर करेगा।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
संस्थान से जुड़े सूत्रों ने बताया कि यह अध्ययन इस बात को सुनिश्चित करने में मदद कर सकता है कि इन इलाकों में सामुदायिक संक्रमण की स्थिति है या नहीं। सामुदायिक प्रसार एक ऐसा चरण है जहां संक्रमण के स्रोत का पता नहीं लगाया जा सकता है।
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सूत्रों ने बताया कि इस अध्ययन के लिए ऐसे जिले चुने जाएंगे जहां जनसंख्या घनत्व अधिक होगा और जहां अंतरराज्यीय आवागमन ज्यादा होगा। एक अध्ययन के मुताबिक कोरोना वायरस से संक्रमित 80 फीसदी मामलों में या तो बीमारी के लक्षण दिखे ही नहीं और दिखे भी तो बहुत हल्के दिखे।
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केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 3390 नए मामले सामने आए हैं और 103 लोगों की मौत हुई है। इसके बाद देशभर में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 56,342 हो गई है, जिनमें 37,916 सक्रिय हैं, 16,540 लोग स्वस्थ हो चुके हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और 1,886 लोगों की मौत हो चुकी है।
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एक अधिकारी ने बताया कि, अध्ययन के भाग के रूप में जिले के रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन के लोगों की यह जानने के लिए कोविड-19 जांच होगी कि क्या उनमें संक्रमण के खिलाफ एंटीबॉडी विकसित हुई हैं फिर भले ही वह एसिम्टोमैटिक मरीज (जिनमें बीमारी के लक्षण न दिखें) हों या उनमें बहुत हल्के लक्षण दिखे हों।
उन्होंने कहा, उनके शरीर में एंटीबॉडी की मौजूदगी से यह स्पष्ट होगा कि वह वायरस से संक्रमित हुए थे और उसे खत्म करने में सक्षम थे। उन्हें पता नहीं था कि वह बीमारी की चपेट में आए थे क्योंकि उनमें कोई लक्षण दिखाई नहीं दिए थे। आईसीएमआर के वैज्ञानिक इस अध्ययन को जल्द से जल्द शुरू करना चाहते हैं।