आईसीआईसीआई लोन मामला: चंदा कोचर और वेणुगोपाल के घरों में ईडी की तलाशी
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी चंदा कोचर और वीडियोकॉन समूह के प्रवर्तक वेणुगोपाल धूत के आवास एवं कार्यालय परिसर की तलाशी ली। ईडी ने यह खोजबीन बैंक धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले में की है।
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी चंदा कोचर और वीडियोकॉन समूह के प्रवर्तक वेणुगोपाल धूत के आवास एवं कार्यालय परिसर की तलाशी ली। ईडी ने यह खोजबीन बैंक धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले में की है।
अधिकारियों ने बताया कि यह छापेमारी मुंबई एवं अन्य जगहों पर कम से ईडी ने पांच कार्यालय और आवासीय परिसर में की गई है। निदेशालय ने इस महीने की शुरुआत में कोचर, उनके पति दीपक कोचर, धुत एवं अन्य के खिलाफ धनशोधन रोकथाम कानून (मनी लॉन्ड्रिंग कानून) के तहत एक आपराधिक मामला दर्ज किया था।
अधिकारियों ने बताया कि मामले में अधिक सबूतों की तलाश के लिए ईडी ने शुक्रवार सुबह यह छापेमारी की। इसमें पुलिस ने ईडी की मदद की।
Mumbai: An Enforcement Directorate raid is underway at the premises of the suspect and accused of ICICI-Videocon case. pic.twitter.com/cZ8IYqKnrV
— ANI (@ANI) March 1, 2019
केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) चंदा कोचर, उनके पति दीपक कोचर और वेणुगोपाल धूत के खिलाफ पहले ही लुकआउट नोटिस जारी कर चुकी है। लुक आउट नोटिस जारी करने के बाद तीनों लोग देश छोड़कर बाहर नहीं भाग पाएंगे। इस नोटिस के बाद एयरपोर्ट पर इनको रोक लिया जाएगा। लुक आउट नोटिस ऐसे लोगों के खिलाफ जारी किया जाता है, जिन्होंने किसी तरह का आर्थिक अपराध किया हो।
बीते महीने दर्ज हुई थी एफआईआर
इन तीनों के खिलाफ सीबीआई ने पिछले महीने 1875 करोड़ के भ्रष्टाचार के आरोप में केस दर्ज किया था। चंदा के कार्यकाल के दौरान वीडियोकॉन को 2009-11 के बीच छह बार लोन दिया गया था। सीबीआई के अलावा ईडी भी इस मामले में जांच कर रही है।इन पर होनी है जांच
ईडी को कोचर दंपत्ति द्वारा खरीदी गई संपत्तियों की जांच करनी है, जिसमें दक्षिण मुंबई स्थित उनके द्वारा खरीदा गया एक अपार्टमेंट भी शामिल है। ईडी ने कहा है कि कोचर दंपत्ति ने पैसों की हेराफेरी करने के लिए कई सारी कंपनियों को बनाया, जिसके जरिए वीडियोकॉन समूह को पैसा भेजा गया था। इस मामले में रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज से भी बात की जाएगी।वापस करना होगा बोनस का पैसा
आईसीआईसीआई बैंक ने चंदा कोचर को कदाचार का दोषी पाया है। 9 साल की नौकरी में चंदा ने बैंकिंग क्षेत्र में बड़ा नाम कमाया, लेकिन अब बैंक ने 2009 से मिले बोनस से लेकर के भविष्य में मिलने वाली कई सुविधाओं को वापस ले लिया है। अब जस्टिस बी.एन श्रीकृष्णा की रिपोर्ट जारी होने के बाद बैंक ने कड़ा कदम उठाते हुए उनको मिलने वाली सारीसुविधाओं को वापस ले लिया है।
ऐसे पहुंची शून्य-शिखर-शून्य तक
चंदा कोचर ने आईसीआईसीआई बैंक में 1984 में मैनेजमेंट ट्रेनी नौकरी शुरू की थी। 2009 में उनको बैंक का सीईओ नियुक्त किया गया था। देश के किसी बैंक की पहली महिला सीईओ बनने वाली चंदा राजस्थान के जोधपुर से हैं। 2009 में 48 साल की चंदा किसी बैंक की सबसे युवा सीईओ थीं।वीडियोकॉन विवाद से छवि हुई धूमिल
- वीडियोकॉन विवाद में नाम आने के बाद चंदा कोचर की छवि धूमिल हो गई थी।
- सीबीआई ने दर्ज किया केस।
- 2011 में राष्ट्रपति के हाथों देश का दूसरा सबसे बड़ा राष्ट्रीय सम्मान पद्मभूषण दिया गया।
- फोर्ब्स और फार्च्यून पत्रिकाओं द्वारा विश्व की 100 सबसे शक्तिशाली महिलाओं की सूची में कई सालों तक शामिल होती रही हैं।
- उनके नेतृत्व में ही आईसीआईसीआई बैंक देश का दूसरा सबसे बड़ा निजी बैंक बना।
- बैंकिंग क्षेत्र में किया बड़ा घोटाला।