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बुलेट से भी तेज हाईपरलूप ट्रेन! दिल्ली से मुंबई सिर्फ 55 मिनट में 

Wed, 01 Mar 2017 07:22 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 01 Mar 2017 07:22 AM IST
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Hyperloop trains will covered Delhi-Mumbai in just 60 minutes

बुलेट  ही नहीं अब आप ट्यूब में हवाई जहाज की रफ्तार से भी तेज रफ्तार में यात्रा करने की सोच सकते है। मैग्लेव तकनीक की हाईपरलूप ट्रेन चलाने की कवायद शुरू हो गई है। मंगलवार को बकायदा अमेरिका की कंपनी हाईपर लूप वन ने रेल  मंत्री व नीति आयोग के अधिकारियों की उपस्थिति में प्रजेंटेंशन दिया।  दिल्ली-मुंबई वाया जयपुर, बंगलूरू-चैन्नई, बंगलूरू-तिरुअनंनतपुरम,  मुंबई-बंगलूरू, बंगलूरू-चैन्नई के बीच किए गए सर्वे की रिपोर्ट भी पेश की।

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हवा से बातें करती बुलेट ट्रेन के साथ भविष्य में आप हाईपरलूप  ट्रेन में भी सफर का आनंद ले सकेंगे। ट्यूब में चलने वाली इस ट्रेन की  रफ्तार का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते है कि बंगलूरू से चेन्नई महज 20  मिनट में और दिल्ली से मुंबई महज 55 मिनट में वाया जयपुर पहुंच सकते हैं।  हालांकि, केंद्रीय रेलमंत्री सुरेश प्रभु इस मौके पर सीधे तौर पर हरी झंडी  नहीं दी लेकिन भविष्य में इसपर विचार करने के संकेत जरूर दिए। 
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उन्होंने  कहा कि हाईपर लूप के लिए इतना हाईपर होने की आवश्यकता नहीं है। यात्री  स्पीड से सफर करना चाहते है। इसके लिए रेलवे मंत्रालय प्रयास कर रहा है। कई  विदेशी कंपनी ट्रेनों की रफ्तार से चलाने की मुहिम में जुटी हुई है। छह  देशों से बातचीत भी मंत्रालय कर रहा है। वहीं, नीति आयोग के सीईओ अमिताभ  कांत ने जरूर इस तकनीक की प्रशंसा करते दिखें। उन्होंने कहा कि बिना तकनीक  के विकास के आधुनिक नहीं बना जा सकता। 

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ऑटोमेटिक तकनीक पर आधारित है ट्रेन

Hyperloop trains will covered Delhi-Mumbai in just 60 minutes

हाइपरलूप वन के सह-संस्थापक और कार्यकारी निदेशक शेरविन पेशवर ने कहा कि ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ट्रैक एक लूप के अंदर बिछाए जाते हैं और ट्रेन भी उसी के अंदर चलती है।ऑटोमेटिक तकनीक पर आधारित है। 

दूरिया सिमट जाएंगी
कंपनी  ने भारत के पांच रेल रूटों पर पहले चरण का सर्वे कर अपनी रिपोर्ट को रेल  मंत्रालय और नीति आयोग के साथ साझा भी किया है। इनमे बंगलूरू-चेन्नई 334  किलोमीटर 20 मिनट का सफर। बंगलूरू-तिरुवनंतपुरम 736 किलोमीटर 41 मिनट में  सफर। दिल्ली-मुंबई 1,317 किलोमीटर 55 मिनट में, मुंबई-चेन्नई बरास्ता  बंगलूरू 1,102 किलोमीटर 50 मिनट में  और बंगलूरू-चैन्नई 20 मिनट में सफर को  तय किया जा सकता है।

ट्रेन की खासियत
. बुलेट ट्रेन से दोगुनी रफ्तार से चलेगी। 
. मैग्लेव की तरह चुंबकीय तकनीक से लैस पॉड (ट्रैक) पर चलेगी।
. वैक्यूम (बिना हवा) ट्यूब सिस्टम से गुजरने वाली कैप्सूल जैसी हाइपरलूप में चलेगी।
. 1224 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने में सक्षम होगी।
. मेगलेव यानी मैग्नेटिक लेविटेशन की तकनीक पर ही आधारित होगी। 

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