जनधन खातों में धोखाधड़ी का जोखिम अधिक: आरबीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अवैध रूप से पैसा अर्जित करने वालों द्वारा जन-धन खाते का दुरुपयोग किए जाने को लेकर चिंता जताते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने चेताया है कि इन खातों के धोखाधड़ी का शिकार होने का जोखिम काफी अधिक है। आरबीआई ने बैंकों से ऐसी गतिविधियों के खिलाफ सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने को कहा है।
रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर एसएस मुंद्रा ने कहा कि बैंकों को इन खातों में ट्रांजेक्शन की निगरानी के लिए सटीक तंत्र बनाना चाहिए। मुद्रा ने यहां एक आयोजन में कहा कि प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खोले गए नए खातों में धोखाधड़ी का अधिक जोखिम है। मुंद्रा ने कहा कि दूसरों के लिए अवैध रूप से अर्जित पैसा प्राप्त करने और स्थानांतरित करने वालों द्वारा इन खातों के दुरुपयोग के खिलाफ बैंकों को सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की जरूरत है।
मुंद्रा ने हाल में हुई एक घटना का उल्लेख किया, जहां एक निष्क्रिय खाते का इस्तेमाल खाता धारक की जानकारी के बिना बड़ी राशि प्राप्त करने और स्थानांतरित करने में किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि यह खाता पंजाब में एक दैनिक मजदूर का था । इसे एक बेसिक खाते के रूप में खोला गया था, जिसमें ट्रांजेक्शन की संख्या को सीमित किया गया था। खाते में ट्रांजेक्शन की राशि 1 करोड़ रुपये थी। कर अधिकारियों ने जब खाता धारक को कर नोटिस भेजा तो यह मामला सामने आया।
बैंकिंग धोखाधड़ी में ग्राहक जवाबदेही होगी कम
रिजर्व बैंक, बैंकिंग धोखाधड़ी में ग्राहक उत्तरदायित्वों को सीमित करने पर विचार कर रही है। जल्द ही इसके लिए एक ढांचे का निर्माण किया जाएगा। यह जानकारी रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर, एसएस मुंद्रा ने सोमवार को दी।
मुंद्रा ने यह बात बैंकिंग कोड्स एंड स्टैंडर्ड्स बोर्ड ऑफ इंडिया (बीसीएसबीआई) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कही। बीसीएसबीआई का उद्देश्य बैंकों के लिए व्यापक कोड्स और मानदंडाें की योजना बनाना, उन्हें प्रकट करना, तैयार करना, विकसित करना, उन्हें प्रोत्साहित और पेश करना एवं ग्राहकों को निष्पक्ष व्यवहार उपलब्ध कराना है।
मुंद्रा ने स्पष्ट करते हुए कहा कि मूल विचार यह है कि ग्राहकों के लिए जवाबदेही एक सीमा के पार नहीं जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्राहक उत्तरदायित्व की सीमा पर विचार विमर्श किया जा रहा है और एक बार अंतिम निर्णय हो जाए, उसके बाद सीमा की घोषणा कर दी जाएगी।