झूठ बोलकर खुद को दिलासा दे रहा है पाकिस्तान, फिर अलापा वही पुराना राग
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48 साल बाद भारत ने पहली बार 2019 में पाकिस्तान में घुसकर आतंक की फैक्ट्री चलाने वाले जैश-ए-मोहम्मद के कई ठिकानों को नष्ट किया। भारतीय वायुसेना ने मंगलवार तड़के पाकिस्तान के खैबर-पख्तून क्षेत्र के बालाकोट कस्बे में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी शिविरों पर बम बरसाए। बालाकोट, जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों का गढ़ है। साल 2005 में यह इलाका भूकंप के चलते पूरी तरह से ढह गया था। बाद में पाकिस्तान की सरकार ने इस इलाके का पुनर्निर्माण करवाया। बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के ऑपरेशन को मौलाना मसूद अजहर का साला ऑपरेट कर रहा था। यहां स्थित आतंकी सेंटर, नए आतंकियों की भर्ती और ट्रेनिंग के लिहाज से प्रमुख था। भारतीय वायुसेना ने अपनी कार्रवाई में जैश के इस सेंटर को ध्वस्त कर दिया।
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मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि यह सेंटर बालाकोट से भी 20 किलोमीटर अंदर था। यहां तक कहा जा रहा है कि आतंकी संगठन जैश के बालाकोट सेंटर में पाक सेना के पूर्व सैनिक ही आतंकियों को ट्रेनिंग देते थे। यहां स्थित कैंप की स्थापना खुद मसूद अजहर ने की थी। बालाकोट, नियंत्रण रेखा से 80 किलोमीटर दूर और एबटाबाद के करीब है। एबटाबाद, वही जगह है जहां अमेरिकी सेना ने आतंकी संगठन अल-कायदा के प्रमुख ओसामा बिन लादेन को मार गिराया था। इस इलाके में जैश-ए-मोहम्मद ही नहीं बल्कि आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन भी सक्रिय है। भारत ने अपनी इस कार्रवाई को असैन्य कार्रवाई बताया है। वायुसेना की इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान पूरी तरह से तिलमिला गया है। विदेश मंत्री और प्रधानमंत्री ने आपात बैठक बुलाई। पाकिस्तानी मीडिया ने सेना के हवाले से लिखा है कि बालाकोट इलाके में इस स्ट्राइक में जान-माल की हानि नहीं हुई है।
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पाकिस्तानी वेबसाइट एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद के हवाले से लिखा है कि पाकिस्तान ने आतंक के खिलाफ सफल लड़ाई लड़ी है। उन्होंने खुद को शांतिप्रिय राष्ट्र बताया है। कुरैशी का यह बयान, बेमानी है। शांतिप्रिय राष्ट्र कभी भी विश्व के दूसरे देशों में आतंक नहीं फैलता। इतिहास इस बात का गवाह है कि भारत में होने वाले हर आतंकी हमले के पीछे उन ही संगठनों का हाथ होता है जो पाकिस्तान की शरण में ठाठ से रहते हैं। खुलेआम, आतंकी शिविरों का संचालन होता है और भारत के खिलाफ जहर उगला जाता है।
जब आतंक के खिलाफ भारत, पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दे रहा है तो ऐसे वक्त में अब वहां के विदेश मंत्री पाक को शांतिप्रिय राष्ट्र बता रहे हैं। यह बात किसी से छिपी नहीं है कि जब भी भारत में कोई आतंकी हमला होता है तो पाकिस्तान हर बार सबूत मांगता है, जबकि वहां बैठा हाफिज सईद, खुलेआम मुंबई हमले से लेकर दूसरे आतंकी हमले में अपने हाथ होने की बात कहता है । पाकिस्तान इस वक्त अंतरराष्ट्रीय समुदाय में पूरी तरह से अलग-थलग पड़ चुका है। ऐसे में खुद को कितना भी शांतिप्रिय राष्ट्र बताए, उसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की हमदर्दी बिल्कुल भी नहीं मिलने वाली।