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Mexico Drug: मैक्सिको में कैसे हुआ ड्रग तस्करी का उदय, प्रशासन भी नहीं रहा देश को खोखला करने में पीछे
Mon, 23 Feb 2026 07:09 PM IST
संध्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: संध्या
Updated Mon, 23 Feb 2026 07:09 PM IST
सार
एल मेंचो कौन था? वह कितना खतरनाक था? सेना ने उसे कैसे मार? मैक्सिको में ड्रग का इतिहास क्या है? जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल क्या है? अमेरिका ने उसे मारने में क्यों मदद की?
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मेक्सिको एल मेन्चो की मौत
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मैक्सिको की सड़कों पर उस समय हिंसा भड़का गई जब सेना ने कुख्यात ड्रग माफिया को मार गिराया। मैक्सिको में जलिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल (सीजेएनजी) के सरगना नेमेसियो रूबेन ओसेगुएरा सर्वेंटेस उर्फ 'एल मेंचो' को मारने के लिए एक सैन्य अभियान चलाया गया। इसी के साथ मैक्सिको के एक खतरनाक गिरोह का सफाया हो गया। व्हाइट हाउस ने बयान जारी कर बताया कि अमेरिका भी इस ऑपरेशन में शामिल था और अमेरिका ने ही मैक्सिको की सरकार को एल मेंचो के बारे में खुफिया जानकारी दी थी। एल मेंचो के मारे जाने के बाद देश में हिंसा भड़क गई। उसके गिरोह के सदस्यों ने सड़कों पर गाड़ी में आग लगा दी। देश में 20 से ज्यादा राज्यों में सड़कें को बंद कर दिया। ग्वाडलजारा और जलिस्को में लोगों ने खुद को घरों में बंद कर लिया। स्कूलों को भी रद्द कर दिया गया।
ऐसे में यह जानना अहम है कि एल मेंचो कौन था? वह कितना खतरनाक था? सेना ने उसे कैसे मार? मैक्सिको में ड्रग का इतिहास क्या है? जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल क्या है? अमेरिका ने उसे मारने में क्यों मदद की?
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ऐसे में यह जानना अहम है कि एल मेंचो कौन था? वह कितना खतरनाक था? सेना ने उसे कैसे मार? मैक्सिको में ड्रग का इतिहास क्या है? जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल क्या है? अमेरिका ने उसे मारने में क्यों मदद की?
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19वी शताब्दी से मैक्सिको में ड्रग का इतिहास?
मैक्सिको उत्तरी अमेरिका के दक्षिणी हिस्से में स्थित एक देश है, जिसके उत्तर में संयुक्त राज्य अमेरिका और दक्षिण-पूर्व में ग्वाटेमाला और बेलीज से अपनी सीमाएं साझा करता है। ये देश ड्रग्स तस्करी से बुरी तरह ग्रसित है। ड्रग कार्टेल यहां बड़ी संख्या में मौजूद है, जो यहां अपना वर्चस्व कायम करने में लगे रहे हैं। लेकिन इसकी जड़े बहुत पुरानी है। इसकी शुरूआत 19वीं और 20वी शताब्दी की शुरूआत में मिलता है। उस समय यहां इलाज के लिए मारिजुआना, अफीम और कोकीन जैसी दवाओं का उपयोग किया जाता था। इसे डॉक्टर खुद लिखा करते थे। यह दुकानों पर आसानी से मिल जाती थी।
19वी शताब्दी के बाद से उत्तर-पश्चिमी राज्यों जैसे सिनालोआ, सोनोरा, चिहुआहुआ और डुरंगो में अफीम की खेती होने लगी। इसकी गुणवत्ता सुधारने के लिए नियम बनाए गए। लेकिन सरकार को तब इसे प्रतिबंधित करना जरूरी नहीं लगा। 1920 में अमेरिका ने नशीले पदार्थों पर प्रतिबंध लगा दिया। अमेरिकी सरकार के दबाव में, मैक्सिकों सरकार ने इसके व्यपार पर प्रतिबंध लगा दिया। इन पदार्थों का ज्यादा सेवन लोगों के स्वास्थ को खराब कर रहा था। जिसकी वजह से इसके व्यपार को गैरकानूनी कर दिया गया। मौक्सिको के लिए ड्रग तस्करी करने के लिए अमेरिका सबसे बड़ा बाजार और आसानी से पहुंच बनाने वाला था। प्रतिबंध के बाद भी इसकी तस्करी मेक्सिकाली और तिजुआना के रास्ते अमेरिका में होती ही।
मैक्सिको उत्तरी अमेरिका के दक्षिणी हिस्से में स्थित एक देश है, जिसके उत्तर में संयुक्त राज्य अमेरिका और दक्षिण-पूर्व में ग्वाटेमाला और बेलीज से अपनी सीमाएं साझा करता है। ये देश ड्रग्स तस्करी से बुरी तरह ग्रसित है। ड्रग कार्टेल यहां बड़ी संख्या में मौजूद है, जो यहां अपना वर्चस्व कायम करने में लगे रहे हैं। लेकिन इसकी जड़े बहुत पुरानी है। इसकी शुरूआत 19वीं और 20वी शताब्दी की शुरूआत में मिलता है। उस समय यहां इलाज के लिए मारिजुआना, अफीम और कोकीन जैसी दवाओं का उपयोग किया जाता था। इसे डॉक्टर खुद लिखा करते थे। यह दुकानों पर आसानी से मिल जाती थी।
19वी शताब्दी के बाद से उत्तर-पश्चिमी राज्यों जैसे सिनालोआ, सोनोरा, चिहुआहुआ और डुरंगो में अफीम की खेती होने लगी। इसकी गुणवत्ता सुधारने के लिए नियम बनाए गए। लेकिन सरकार को तब इसे प्रतिबंधित करना जरूरी नहीं लगा। 1920 में अमेरिका ने नशीले पदार्थों पर प्रतिबंध लगा दिया। अमेरिकी सरकार के दबाव में, मैक्सिकों सरकार ने इसके व्यपार पर प्रतिबंध लगा दिया। इन पदार्थों का ज्यादा सेवन लोगों के स्वास्थ को खराब कर रहा था। जिसकी वजह से इसके व्यपार को गैरकानूनी कर दिया गया। मौक्सिको के लिए ड्रग तस्करी करने के लिए अमेरिका सबसे बड़ा बाजार और आसानी से पहुंच बनाने वाला था। प्रतिबंध के बाद भी इसकी तस्करी मेक्सिकाली और तिजुआना के रास्ते अमेरिका में होती ही।
1947 में मादक पदार्थ पुलिस का गठन
मैक्सिको ने कड़े प्रतिबंध के बाद भी लगातार ड्रग की तस्करी बढ़ती रही। इसके लिए वहां की सरकार ने 1947 में एक सुरक्षा एजेंसी का गठन किया जो मादक पदार्थों के मामले देखती थी। एजेंसी की जांच में सामने आया कि अवैध तस्करी के धंधों में सीधे तौर पर कई राजनेता शामिल थे। बाद में इन नेताओं और बड़े उद्योगपतियों ने अपनी पीढ़ियों में भी इसमें शामिल किया। इसी के साथ यह अवैध कारोबार पूरे देश में फैल गया।
मैक्सिको ने कड़े प्रतिबंध के बाद भी लगातार ड्रग की तस्करी बढ़ती रही। इसके लिए वहां की सरकार ने 1947 में एक सुरक्षा एजेंसी का गठन किया जो मादक पदार्थों के मामले देखती थी। एजेंसी की जांच में सामने आया कि अवैध तस्करी के धंधों में सीधे तौर पर कई राजनेता शामिल थे। बाद में इन नेताओं और बड़े उद्योगपतियों ने अपनी पीढ़ियों में भी इसमें शामिल किया। इसी के साथ यह अवैध कारोबार पूरे देश में फैल गया।
1960 कोलंबियाई कार्टेल के आने से बढ़ी हिंसा
1960 के दशक में इस देश के 300 गुप्त हवाई अड्डो ने कोलंबियाई कार्टेल को आकर्षित किया। यहां से उसे अमेरिका में तस्करी करने का सीधा रास्ता मिल गया था। 1970 के अंत तक कोलंबियाई कार्टेल के सहयोग से मैक्सिको में मादक पदार्थों की तस्करी और हिंसा होनो बढ़ी। तस्करी करने वाले गुट एक दूसरे से आगे निकने की होड़ और अपना वर्चस्व बढ़ान के लिए पुलिस के साथ झड़पे करने लगे।
सुदूर पूर्व के युद्ध क्षेत्रों से लौट रहे कुछ नशीली दवाओं के आदी सैनिकों की मांग से मैक्सिको से अमेरिका में मारिजुआना के व्यापार में और वृद्धि हुई। बढ़ती हुई हिंसा और अमेरिका के दबाव के कारण मैक्सिको सरकार ने सैन्य अभियानों से टन भर मादक पदार्थ नष्ट किया। इन कार्रवाइयों के बाद कोलंबियाई मारिजुआना की जगह मैक्सिकोई मारिजुआना अपनी जगह बनाने लगा। दोनों देशों के कार्टेल साथ व्यपार करने लगे और अमेरिकी बाजार में एक बार फिर मादक पदार्थ का प्रवाह बढ़ गया।
इन कार्रवाइयों के बावजूद, कोलंबियाई मारिजुआना ने मैक्सिकोई मारिजुआना की जगह ले ली और दोनों देशों के "कार्टेल" के बीच व्यापारिक संबंध फलने-फूलने लगे, जिससे अमेरिकी बाजार में मादक पदार्थों का प्रवाह जारी रहा। इस गठबंधन के परिणामस्वरूप मादक पदार्थों की तस्करी के लिए अभूतपूर्व सफलता का युग आया, जिसे 1980 और 1990 के दशक के दौरान एंडियन कोकीन की बढ़ती मांग ने और बढ़ावा दिया।
1960 के दशक में इस देश के 300 गुप्त हवाई अड्डो ने कोलंबियाई कार्टेल को आकर्षित किया। यहां से उसे अमेरिका में तस्करी करने का सीधा रास्ता मिल गया था। 1970 के अंत तक कोलंबियाई कार्टेल के सहयोग से मैक्सिको में मादक पदार्थों की तस्करी और हिंसा होनो बढ़ी। तस्करी करने वाले गुट एक दूसरे से आगे निकने की होड़ और अपना वर्चस्व बढ़ान के लिए पुलिस के साथ झड़पे करने लगे।
सुदूर पूर्व के युद्ध क्षेत्रों से लौट रहे कुछ नशीली दवाओं के आदी सैनिकों की मांग से मैक्सिको से अमेरिका में मारिजुआना के व्यापार में और वृद्धि हुई। बढ़ती हुई हिंसा और अमेरिका के दबाव के कारण मैक्सिको सरकार ने सैन्य अभियानों से टन भर मादक पदार्थ नष्ट किया। इन कार्रवाइयों के बाद कोलंबियाई मारिजुआना की जगह मैक्सिकोई मारिजुआना अपनी जगह बनाने लगा। दोनों देशों के कार्टेल साथ व्यपार करने लगे और अमेरिकी बाजार में एक बार फिर मादक पदार्थ का प्रवाह बढ़ गया।
इन कार्रवाइयों के बावजूद, कोलंबियाई मारिजुआना ने मैक्सिकोई मारिजुआना की जगह ले ली और दोनों देशों के "कार्टेल" के बीच व्यापारिक संबंध फलने-फूलने लगे, जिससे अमेरिकी बाजार में मादक पदार्थों का प्रवाह जारी रहा। इस गठबंधन के परिणामस्वरूप मादक पदार्थों की तस्करी के लिए अभूतपूर्व सफलता का युग आया, जिसे 1980 और 1990 के दशक के दौरान एंडियन कोकीन की बढ़ती मांग ने और बढ़ावा दिया।
मादक पदार्थ से निपटने के लिए अमेरिका का कर्यवाई
अमेरिका ने अपनी नशीली दवाओं के खिलाफ युद्ध के नीति के तहत मैक्सिको में तस्करी की समस्या से निपटने का प्रयास किया। अमेरका ने बड़ा पैमाने पर मैक्सिको के बड़े ड्रग कार्टेलों पर मुकदमा चलाना शुरू किया। इसमें सबसे बड़े नाम सिमालोआ और तिजुआना के थे। अमेरिका की कार्यवाईयों के बाद भी मादक पदार्थों से संबंधित हिंसा में वृद्धि हुई।
अमेरिका ने अपनी नशीली दवाओं के खिलाफ युद्ध के नीति के तहत मैक्सिको में तस्करी की समस्या से निपटने का प्रयास किया। अमेरका ने बड़ा पैमाने पर मैक्सिको के बड़े ड्रग कार्टेलों पर मुकदमा चलाना शुरू किया। इसमें सबसे बड़े नाम सिमालोआ और तिजुआना के थे। अमेरिका की कार्यवाईयों के बाद भी मादक पदार्थों से संबंधित हिंसा में वृद्धि हुई।
मैक्सिको में नशीली दवाओं से होने वाली मौतें
आधिकारिक आंकड़े बताते है कि 2013 से 2016 के बीच मैक्सिको में 28,000 मौतें नशीली दवाओं के कारण हुई। इसमें से सबसे ज्यादा लोग मादक पदार्थों के व्यापार में शामिल लोग थे या सेना के अधिकारी थे।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, मादक पदार्थों की तस्करी से संबंधित अपराध 2007 में चरम पर था, और 2008 से इसमें कमी आ रही है। मैक्सिको की 46 प्रतिशत आबादी गरीब मानी जाती है 2012 की एक रिपोर्ट से पता चला कि कम से कम 11.5 मिलियन मैक्सिकन नागरिकों के पास स्वास्थ्य, घर, शिक्षा और भोजन जैसी बुनियादी सामाजिक ज़रूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं थे। मैक्सिको में हुए अध्ययनों के अनुसार, हत्याओं की संख्या 2007 में 8,867 से बढ़कर 2011 में 27,199 हो गई।
आधिकारिक आंकड़े बताते है कि 2013 से 2016 के बीच मैक्सिको में 28,000 मौतें नशीली दवाओं के कारण हुई। इसमें से सबसे ज्यादा लोग मादक पदार्थों के व्यापार में शामिल लोग थे या सेना के अधिकारी थे।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, मादक पदार्थों की तस्करी से संबंधित अपराध 2007 में चरम पर था, और 2008 से इसमें कमी आ रही है। मैक्सिको की 46 प्रतिशत आबादी गरीब मानी जाती है 2012 की एक रिपोर्ट से पता चला कि कम से कम 11.5 मिलियन मैक्सिकन नागरिकों के पास स्वास्थ्य, घर, शिक्षा और भोजन जैसी बुनियादी सामाजिक ज़रूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं थे। मैक्सिको में हुए अध्ययनों के अनुसार, हत्याओं की संख्या 2007 में 8,867 से बढ़कर 2011 में 27,199 हो गई।
एल मेंचो कौन था?
ओसेगुएरा सर्वेंटेस को एल मेनचो के नाम से भी जाना जाता था। 60 वर्षीय एल मेनचो पश्चिमी राज्य मिचोआकान का मूल निवासी था। वह अपराध की दुनिया में कम से कम तीन दशक से था। वह पहले एक पूर्व पुलिस अधिकारी था। 1990 में वह मादक पदार्थ की तस्करी में सक्रिय हुआ। 1994 में उसे अमेरिका में हेरोइन तस्करी के मामले में तीन साल के लिए जल भेजा गया। जेल से बाहर और मैक्सिको वापस आने पर उसने मादक पदार्थों की तस्करी के गिरोह में तेजी से तरक्की की। 2017 से, एल मेनचो पर कोलंबिया जिले के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के जिला न्यायालय में कई बार अभियोग लगाया गया था।
ओसेगुएरा सर्वेंटेस को एल मेनचो के नाम से भी जाना जाता था। 60 वर्षीय एल मेनचो पश्चिमी राज्य मिचोआकान का मूल निवासी था। वह अपराध की दुनिया में कम से कम तीन दशक से था। वह पहले एक पूर्व पुलिस अधिकारी था। 1990 में वह मादक पदार्थ की तस्करी में सक्रिय हुआ। 1994 में उसे अमेरिका में हेरोइन तस्करी के मामले में तीन साल के लिए जल भेजा गया। जेल से बाहर और मैक्सिको वापस आने पर उसने मादक पदार्थों की तस्करी के गिरोह में तेजी से तरक्की की। 2017 से, एल मेनचो पर कोलंबिया जिले के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के जिला न्यायालय में कई बार अभियोग लगाया गया था।
जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल क्या है?
जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल मैक्सिको से संचालित एक ड्रग तस्करी गिरोह है। इसका संचालन एल मेनचो करता था। लगभग 2009 में उसने इसकी स्थापना की थी। हाल के साल में यह देश का सबसे ताकतवर आपराधिक संगठन बन गया था। वह सिनालोआ कार्टेल तुलना में अंतराष्ट्रीय स्तर पर कम जाता जाता है। सिनालोआ कार्टेल का संचालन जेल में बंद जोकिन गुज़मैन करता था। जिसे ‘एल चापो’ के नाम से भी जाना जाता था। जलिस्को मैक्सिको में काफी मशहूर है। यहां इसे काफी हिंसक माना जाता है। साथ ही इसके पास सैन्य हथियारों का जखीरा भी है।
जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल मैक्सिको से संचालित एक ड्रग तस्करी गिरोह है। इसका संचालन एल मेनचो करता था। लगभग 2009 में उसने इसकी स्थापना की थी। हाल के साल में यह देश का सबसे ताकतवर आपराधिक संगठन बन गया था। वह सिनालोआ कार्टेल तुलना में अंतराष्ट्रीय स्तर पर कम जाता जाता है। सिनालोआ कार्टेल का संचालन जेल में बंद जोकिन गुज़मैन करता था। जिसे ‘एल चापो’ के नाम से भी जाना जाता था। जलिस्को मैक्सिको में काफी मशहूर है। यहां इसे काफी हिंसक माना जाता है। साथ ही इसके पास सैन्य हथियारों का जखीरा भी है।
जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल कितना खतरनाक है?
इसके खतरनाक होने का पता इसी से लगाया जा सकता है कि इनके पास सैन्य हथियार मैजूद है। 2015 में एल मेंचो को पकड़ने की कोशिश करने वाले एक आर्मी हैलिकॉप्टर को रॉकेट लॉन्चर से मार गिराया। यह कार्टेल सेना पर हमलों के लिए कुख्यात रहा है, जिसमें हेलिकॉप्टरों को निशाना बनाना, ड्रोन से विस्फोटक गिराना और बारूदी सुरंगें बिछाना शामिल है। 2020 में इसने मैक्सिको सिटी के बीचोंबीच तत्कालीन पुलिस प्रमुख पर ग्रेनेड और अत्याधुनिक हथियारों से हमला किया था। अमेरिकी ड्रग प्रवर्तन एजेंसी (DEA) के अनुसार, यह कार्टेल ताकत में सिनालोआ कार्टेल के बराबर है और अमेरिका के सभी 50 राज्यों में मादक पदार्थों की आपूर्ति करता है। यह अमेरिका में कोकीन का बड़ा सप्लायर है और फेंटानिल व मेथामफेटामीन के कारोबार से अरबों डॉलर कमाता रहा है।
इसके खतरनाक होने का पता इसी से लगाया जा सकता है कि इनके पास सैन्य हथियार मैजूद है। 2015 में एल मेंचो को पकड़ने की कोशिश करने वाले एक आर्मी हैलिकॉप्टर को रॉकेट लॉन्चर से मार गिराया। यह कार्टेल सेना पर हमलों के लिए कुख्यात रहा है, जिसमें हेलिकॉप्टरों को निशाना बनाना, ड्रोन से विस्फोटक गिराना और बारूदी सुरंगें बिछाना शामिल है। 2020 में इसने मैक्सिको सिटी के बीचोंबीच तत्कालीन पुलिस प्रमुख पर ग्रेनेड और अत्याधुनिक हथियारों से हमला किया था। अमेरिकी ड्रग प्रवर्तन एजेंसी (DEA) के अनुसार, यह कार्टेल ताकत में सिनालोआ कार्टेल के बराबर है और अमेरिका के सभी 50 राज्यों में मादक पदार्थों की आपूर्ति करता है। यह अमेरिका में कोकीन का बड़ा सप्लायर है और फेंटानिल व मेथामफेटामीन के कारोबार से अरबों डॉलर कमाता रहा है।