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हिंदू नव वर्ष: इंद्रेश कुमार ने देशवासियों से की एकता और सद्भावना की अपील, बोले- सनातनी धर्म ही आया दुनिया के काम
Sat, 02 Apr 2022 05:47 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Sat, 02 Apr 2022 05:47 PM IST
सार
इंद्रेश कुमार ने कहा कि एक तरफ दल वैक्सीन को लेकर भ्रम करते रहे, लेकिन सनातन धर्म मानव की रक्षा के धर्म पर चल रहा था।
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इंद्रेश कुमार।
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
आरएसएस कार्यकारिणी के सदस्य इंद्रेश कुमार ने देशवासियों को हिंदू नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि एकता में शक्ति है और यही देश की कामयाबी का मूलमंत्र है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए वरिष्ठ संघ नेता ने कहा कि दुनिया ने देखा कि सनातनी हिंदू ही आखिरकार विश्वभर में काम आया। उन्होंने देशवासियों से एकता और सद्भावना की अपील करते हुए कहा कि अलग-अलग जातियों, भाषाओं, पंथ और दलों के होने के बावजूद हम सब एक हैं क्योंकि सभी की जगत जननी भी एक है।
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मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के संरक्षक इंद्रेश कुमार ने हिंदू नववर्ष के शुरु होने के उपलक्ष्य में हिंद सेना द्वारा 108 फुटा श्री संकट मोचन धाम में अखंड श्री रामायण पाठ शुरू किया। इंद्रेश कुमार ने सभी को हिंदू नववर्ष की बधाई देते हुए कहा कि हिंदू नववर्ष को अगले वर्ष और बड़े पैमाने पर मनाया जाएगा, जिसमें सभी धर्मों के लोग सम्मिलित होंगे। हिंदू नववर्ष सनातन धर्म की गौरवशाली परंपरा की शुरुआत है। हम सभी को मिलकर बड़े पैमाने पर इसे मनाना चाहिए। इसको लेकर समाज में जागरुकता पैदा करने की आवश्यकता है, जिससे लोगों में अंग्रेजी नववर्ष के प्रति होने वाले आकर्षण को कम किया जा सके।
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संघ नेता ने इस अवसर पर समय की जरूरत बताते हुए कहा कि एकता की शक्ति की उपासना हो और हम सब हर तरह की भेद से उठ कर हमेशा एक रहें। ऐसा भाव जन-जन में जागृत हो। छुआ-छूत, मजहबी कट्टरपन, नारियों का शोषण खत्म हो। गरीब, पीड़ित और कमजोर लोगों की निर्भीक होकर मदद के लिए आगे बढ़ें ताकि उनके जीवन में भी खुशियां आएं। संघ नेता ने इस बात पर भी जोर दिया कि देश में कोई भूखा न रहे और किसी के पास पहनने के कपड़ों की कमी न हो।
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इंद्रेश कुमार ने कहा कि प्रभु से प्रार्थना करूंगा कि हम सब के बीच एकता, भाईचारे, सद्भावना और आपसी सहमति मेल मिलाप की भावना स्थापित रहे ताकि शक्तियों का जन्म हो। संघ नेता ने कहा जब पूरी दुनिया में चीन द्वारा फैलाए गए कोरोना से हाहाकार मचा था, तब भारत ने दुनिया को न सिर्फ मुफ्त वैक्सीन और दवाएं दीं बल्कि अनेक देशों में जरूरत का समान भेजा।
इस मौके पर संघ के दिल्ली प्रांत कार्यकारिणी सदस्य दयानंद, हिंद सेना के प्रमुख अनुज गुप्ता, संगठन महामंत्री माला, नंदकिशोर गर्ग, सरला सिंह, प्रवेश खन्ना, राजेश गोयल, जयभगवान गोयल, मुकेश विराट, रोशन सिंह और निमेश समेत हिंद सेना के विभिन्न पदाधिकारी मौजूद थे। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की तरफ से मीडिया प्रभारी शाहिद सईद और मोइन खान इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
संघ नेता ने कहा कि कोविड 19 को भी हमने देखा। वायरस पैदा कर चीन इस महामारी से दुनिया के 60 लाख से अधिक लोगों ने अपनी जान गंवा दी। इसके बावजूद उसने दुनिया से माफी भी नहीं मांगी। लेकिन ऐसे समय में जब विश्वभर में लोगों में डर और चिंता थी, हर तरफ हाहाकार मचा था तो दुनिया की मदद के लिए अमेरिका, रूस, इंग्लैंड, जापान, जर्मनी, अरब या तुर्की जैसे देश आगे नहीं आए। ऐसे समय में पूरी मानवजाति और इंसानियत को किसी ने बचाया था, तो वो था भारत। यह एक सत्य है और कोई इससे इनकार नहीं कर सकता कि यह हिंद, हिंदू और हिंदुत्व यानी सनातन ही मानव और मानवता का रक्षक बन कर उभरा। भारत ने आयुर्वेद एवं यूनानी से औषधियां दीं, योग और प्राकृतिक चिकित्सा से मार्ग दिखाया, लॉकडाउन जैसा एक हथियार दिया।
इंद्रेश कुमार ने कहा कि एक तरफ दल वैक्सीन को लेकर भ्रम करते रहे, लेकिन सनातन धर्म मानव की रक्षा के धर्म पर चल रहा था। उन्होंने कहा कि कुछ दल तो ऐसे थे जो अपने राज्यों से मजदूरों कामगारों और किसानों को जबरन भगा रहे थे कि उत्तर प्रदेश और बिहार में जब वे कोरोना की चपेट में आएं तो उस पर राजनीति की जाए।