{"_id":"57f8df8e4f1c1b5e15270268","slug":"high-court-bench-not-post-office-for-representations-high-court-says-tamil-nadu-government","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिकायत पत्रों का डाकघर नहीं है अदालत : हाईकोर्ट","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
शिकायत पत्रों का डाकघर नहीं है अदालत : हाईकोर्ट
एजेंसी/ चेन्नई
Updated Sat, 08 Oct 2016 05:29 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जनता के शिकायत पत्रों का जवाब देने में असफल रहने पर मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। नाराज कोर्ट ने कहा कि अदालत की खंडपीठ डाकघर नहीं है कि वह सरकार के इस तरह के मामलों का निपटारा करे।
विज्ञापन
अदालत ने यह प्रतिक्रिया शुक्रवार को सी अरुमुगम की ओर से दायर याचिका का निपटारा करते हुए दी। अरुमुगम ने अपनी याचिका में अत्तुर गांव में अतिक्रमण हटाने के लिए विल्लुपुरम के कलेक्टर और अन्य संबंधित प्राधिकरणों को निर्देश देने की अपील की थी।
विज्ञापन
अदालत ने संबंधित विभागों को नोटिस जारी करते हुए कलेक्टर को निर्देश दिया कि वह याचिकाकर्ता की शिकायत पर अधिकतम तीन महीने के भीतर निर्णय लें।
अदालत ने कहा कि अतिक्रमण और अवैध निर्माण के मामलों में अदालत तभी हस्तक्षेप करती है जब प्रशासन शिकायत का निपटारा करने में असफल रहता है। अदालत ने कहा कि इस तरह के मामलों को निपटारे के लिए डाकघर में अदालत की खंडपीठ स्थापित नहीं की जा सकती।
विज्ञापन