यूपी-हिमाचल सहित कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी, बिहार-असम में बाढ़ से हाहाकार
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मुंबई में मंगलवार देर रात एक बार फिर भारी बारिश हुई है, जिससे कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। वहीं मौसम विभाग ने उत्तर भारत के दिल्ली एनसीआर समेत कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। वहीं बाढ़ से देशभर में अब तक कुल 174 लोगों की मौत हो गई है। इनमें बिहार में 106 जबकि असम में मरने वालों की संख्या 68 है।
Maharashtra: Water logging in parts of Mumbai following rainfall; visuals from Gandhi Market in Sion. pic.twitter.com/ytfG043xIt
— ANI (@ANI) July 24, 2019विज्ञापन
बिहार के 12 जिलों में आई बाढ़ से अब तक 80 लाख 85 हजार से अधिक की आबादी प्रभावित हुई है। आपदा प्रबंधन विभाग से बुधवार को प्राप्त जानकारी के मुताबिक, बाढ़ से प्रभावित बिहार के 12 जिलों में शिवहर, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, दरभंगा, सहरसा, सुपौल, किशनगंज, अररिया, पूर्णिया एवं कटिहार शामिल हैं।
मरने वालों में सीतामढ़ी के 27, मधुबनी के 25, अररिया के 12, शिवहर एवं दरभंगा के 10-10, पूर्णिया के 9, किशनगंज के 5, सुपौल के 3, पूर्वी चंपारण एवं मुजफ्फरपुर के 2-2 और सहरसा का एक व्यक्ति शामिल है।
बाढ़ प्रभावित 12 जिलों में कुल 54 राहत शिविर चलाए जा रहे हैं जिसमें 29,400 लोगों ने शरण ले रखी है और उनके भोजन की व्यवस्था के लिए 812 सामुदायिक रसोई चलाई जा रही हैं। बाढ़ प्रभावित इलाके में राहत एवं बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की कुल 26 टीमें तैनात की गई हैं तथा 125 मोटरबोट का इस्तेमाल किया जा रहा है।
केंद्रीय जल आयोग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, बिहार की नदियां बूढ़ी गंडक, बागमती, अधवारा समूह, कमला बलान, कोसी, महानंदा और परमान नदी विभिन्न स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही थीं। भारत मौसम विभाग के अनुसार बिहार की सभी नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में बुधवार सुबह तक साधारण बारिश की संभावना जतायी गयी है।
असम में मरने वालों की संख्या हुई 68, दो जिलों में फिर घुसा पानी
असम में बाढ़ के कारण मंगलवार को दो और व्यक्तियों की मौत के साथ मरने वालों की संख्या 68 तक पहुंच गई है। वहीं बाढ़ की स्थिति भयावह बनी हुई है। 19 जिलों में करीब 28.01 लाख लोग उससे प्रभावित हुए हैं।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार गोलाघाट जिले के काजीरंगा नेशनल पार्क में 13 जुलाई से अब तक मरने वाले जानवरों की संख्या बढ़कर 204 हो गई है जिनमें 15 गैंडे हैं। प्राधिकरण ने कहा कि वैसे विश्वनाथ और कारबी आंगलोंग जिलों में पानी घटा है लेकिन लखीमपुर और बक्सा में फिर बाढ़ का प्रकोप शुरू हो गया है।
प्राधिकरण के बुलेटिन के अनुसार मोरीगांव और गोलाघाट जिलों में सोमवार से दो व्यक्तियों की जान चली गयी। बाढ़ प्रभावित जिलों की संख्या सोमवार के 18 से बढ़कर मंगलवार को 19 हो गयी। बाढ़ प्रभावित जिलों में अब भी 2523 गांव और 1.27 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में लगी फसल पानी में डूबी हुई हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ बाढ़ में फंसे लोगों को बचाने में लगे हैं।
कुल 1.04 लाख विस्थापित लोग अब भी 782 राहत शिविरों और राहत वितरण केंद्रों में हैं। हालांकि काजीरंगा नेशनल पार्क में पानी घटने लगा है।
Assam: Flooding in parts of Bongaigaon district due to heavy rainfall in the region. #AssamFloods pic.twitter.com/TjbnvKIzCe
— ANI (@ANI) July 23, 2019
उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी जारी
पिछले 36 घंटों में मौसमी गतिविधियों से जोरों पर आए मानसूनी सिस्टम के चलते उत्तर प्रदेश में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान झमाझम बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग ने प्रदेश के कुछेक इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानियों ने बताया कि प्रदेश के कई इलाकों में बादलों के छाये रहने के साथ वायुमंडल में अधिकत आर्द्रता स्तर 85 से 90 प्रतिशत के आसपास बरकरार है।
ऐसे में कई स्थानों पर गरज चमक के साथ बारिश तेज बौछारें पड़ सकती हैं, जबकि कुछेक स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इन सबके बीच प्रदेश में कई स्थानों पर उमस ने बेहाल किया तो बादलों की आवाजाही जारी रही। पूर्वी उप्र समेत अन्य इलाकों में तेज बारिश ने तर बतर किया।
मंगलवार सुबह से शाम तक बांदा में 51 मिमी., बहराइच में 49.4, गोरखपुर में 12.6, उरई में 17, बलिया में 18, चुर्क में 22.2 मिमी. बारिश दर्ज की गई। प्रदेश भर मे जारी चिपचिपी उमस भरी गर्मी के बीच कई स्थानों पर अधिकतम तापमान सामान्य से दो से छह डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया।
हिमाचल प्रदेश में आज और कल भारी बारिश की चेतावनी
हिमाचल प्रदेश में बुधवार और वीरवार को कई क्षेत्रों में भारी बारिश होने की चेतावनी जारी हुई है। 29 जुलाई तक पूरे प्रदेश में मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान जताया गया है। मंगलवार को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रहा। धूप खिलने से अधिकतम तापमान में सामान्य से तीन डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज हुई।
उधर, मानसून सीजन में अभी तक प्रदेश भर में सामान्य से 39 फीसदी कम बादल बरसे हैं। एक जुलाई से 23 जुलाई तक सूबे में 118 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई है जबकि इस अवधि के दौरान 194 मिलीमीटर बारिश को सामान्य माना गया है। मानसून के सुस्त रहने के चलते बिलासपुर जिला में सामान्य से पांच फीसदी, चंबा में 69, हमीरपुर में 10, कांगड़ा में 39, किन्नौर में 69, कुल्लू में 34, लाहौल एवं स्पीति में 94, मंडी में 48, शिमला में 18, सिरमौर में 33, सोलन में 20 और ऊना में 25 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड हुई।
मंगलवार को ऊना में अधिकतम तापमान 37.6, भुंतर में 35.0, कांगड़ा में 34.3, सुंदरनगर में 33.8, चंबा में 33.0, नाहन में 31.0, सोलन में 30.6, धर्मशाला में 27.8, कल्पा में 26.3, शिमला में 25.8, केलांग में 22.5 और डलहौजी में 20.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।