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यूपी-बिहार-असम में बाढ़ से मचा हाहाकार, 10 लाख से ज्यादा बेघर, रद्द हुईं 11 ट्रेन

Mon, 14 Aug 2017 03:00 PM IST
amarujala.com- presented by: मनीष कुमार
amarujala.com- presented by: मनीष कुमार Updated Mon, 14 Aug 2017 03:00 PM IST
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heavy flood in up bihar assam and other north states

लगातार हो रही बारिश की वजह से उत्तर भारत के कई राज्यों में हाहाकार मचा है। पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और असम में बाढ़ के कारण लाखों लोग प्रभावित हैं। गंगा, ब्रह्मपुत्र जैसी बड़ी नदियां खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गई हैं और दस लाख से ज्यादा लोगों को घरों से बेघर होना पड़ा है।

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रेलवे ट्रैकों पर पानी भर जाने के बाद ट्रेने रद्द कर दी गई हैं, साथ ही कई जगह पूरे के पूरे गांव जलमग्न हो गए हैं। गोरखपुर एयरपोर्ट के रनवे पर पानी भरने से फिलहाल उड़ानों का संचालन बंद कर दिया गया है।
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बाढ़ की वजह से रद्द हुई 11 ट्रेनें
भारी बारिश के बाद आई बाढ़ की वजह से 11 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। इनमें डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस, पूर्वोत्तर संपर्क क्रांति, महानंदा एक्सप्रेस, नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस, सीमांचल एक्सप्रेस, ब्रह्मपुत्र मेल, असम एक्सप्रेस, गरीब नवाज एक्सप्रेस और अमृतसर कटिहार एक्सप्रेस शामिल हैं।
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बाढ़ की विभीषिका ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी चिंतित कर दिया है। इस मुद्दे पर पीएम ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल से बात कर हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

पढ़ें: नेपाल में बाढ़ का कहर जारी, फंसे हुए 600 लोगों में 200 भारतीय भी शामिल

बता दें कि देश के उत्तर-पूर्वी राज्यों के कई इलाके डूब गए हैं और लोग अपनी जान-बचाने के लिए मदद की गुहार लगा रहे हैं। असम और पश्चिम बंगाल में पिछले तीन दशकों का रिकॉर्ड टूट गया है।

वहीं बिहार के सीमांचल जिलों पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज में बाढ़ के हालात लगातार बने हुए हैं। यहां अस्पतालों में पानी घुस गया है और दवाईयों के खराब हो जाने का खतरा मंडरा रहा है।

बिहार के किशनगंज में बाढ़ की वजह से रेल पटरी के नीचे की जमीन धंस गई और ट्रेनों का आवागमन बाधित हो गया। यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर रेलवे से दिल्ली से डिब्रुगढ़ (असोम) जा रही ब्रह्मपुत्र मेल को मुगलसराय से ही टर्मिनेट करने का निर्णय लिया।

देश के पूर्वी हिस्से पूर्वोत्तर राज्यों में बाढ़ का कहर जारी है, जहां असम में स्थिति बेहद खराब है। यहां बीते 24 घंटों में बाढ़ से 10 लाख लोग बुरी तरह हुए प्रभावित हैं। वहीं राज्य के 21 जिलों में 15 लाख से ज्यादा प्रभावित हैं। लगभग 3,000 ग्रामीणों को बचाया गया और राहत शिविरों में स्थानांतरित कर दिया गया।  बाढ़ की वजह से काजीरंगा राष्ट्रीय पार्क काफी प्रभावित हुआ है।

नदी का पानी कई जगहों पर 6 फुट से ऊपर

heavy flood in up bihar assam and other north states
ब्रह्मपुत्र नदी का पानी भी बुरी तरह प्रभावित है। नदी का पानी कई जगहों पर 6 फुट से ऊपर है।  तो वहीं सड़क और रेल मार्ग भी पूरी तरह ठप पड़ गया है। वहीं  एनएच-37 सड़क मार्ग पर सैकड़ों वाहन फंसे हुए हैं। बता दें कि अप्रेल और जुलाई के बीच बाढ़  में 85 लोगों की मृत्यु हुई और 19 लाख लोग प्रभावित हुए।

उत्तर प्रदेश के कई इलाके बाढ़ की चपेट में हैं, जिसमें गोंडा, अवध, बहराइच समेत कई इलाके शामिल हैं। यहां बहराइच के 425 गांवों में सैलाब तबाही मचा रहा है। वहीं लगातार बारिश से जिले की पांच नदियों रोहिन, राप्ती, महाव, चंदन, प्यास का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर हो गया है। बंधे के किनारे बसे गांवों के लोग दहशत में हैं।

नीतीश ने किया हवाई सर्वे

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया।
 
मिहींपुरवा में बाढ़ से बचने के लिए लोगों ने पेड़ पर शरण ले रखी है। एनडीआरएफ ने पेड़ों पर चढ़े कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। नवाबगंज में भी मुख्य सड़क धंसने से यातायात ठप हो गया है। गांवों में लगभग चार फीट तक पानी घुस गया है।

उत्तराखंड के पिथौरगढ़ में बादल फटने की वजह से कई लोगों की मौत हो गई है। साथ ही पौड़ी गढ़वाल के गांव धरियालसार के पास बादल फटने से तबाही हो गई। पानी के सैलाब से तीन किलोमीटर का क्षेत्र खाई बन गया। प्राकृतिक आपदा में पैदल पुलिया, पेयजल लाइन और सैंकड़ों पेड़ बह गए। बाढ़ की चपेट में आने से राष्ट्रीय राजमार्ग बाल-बाल बचा।

बिहार में राहत कार्य के लिए बचाव दल रवाना 

बाढ़ से जूझ रहे बिहार में राहत एवं बचाव कार्य के लिए नेशनल डिजास्टर रिस्पांस की टीम रवाना हो गई है।
 
शनिवार रात करीब आठ बजे विधानसभा यमकेश्वर के ग्राम पंचायत जमरगड्डी के राजस्व ग्राम धरियालसार के निकट नाले में बादल फटने से बरसाती नाला करीब तीन किमी तक गहरी खाई में बदल गया। पानी का प्रवाह इतना तेज था कि इसके रास्ते में आने वाले पेड़, पुल और उपजाऊ भूमि सब नष्ट हो गए।
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