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Rajya Sabha: भाजपा का आरोप- कर्नाटक में कांग्रेस नेता की जीत पर लगे पाकिस्तान समर्थित नारे, संसद में तीखी बहस
Thu, 03 Apr 2025 09:18 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Thu, 03 Apr 2025 09:18 PM IST
सार
राज्यसभा में भाजपा सांसद की तरफ से कर्नाटक में कांग्रेस नेता की जीत पर पाकिस्तान समर्थित नारे लगाए जाने के आरोप पर जमकर हंगामा बरपा। कांग्रेस, टीएमसी और डीएमके और भाजपा के बीच इस पर जोरदार बहस हुई।
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राज्यसभा में भाजप सांसद के बयान पर तीखी बहस
- फोटो : ANI
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विस्तार
राज्यसभा में गुरुवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी बहस हुई। भाजपा सांसद राधा मोहन दास अग्रवाल ने आरोप लगाया कि कर्नाटक में कांग्रेस नेता की जीत के बाद 'पाकिस्तान समर्थित' नारे लगे। यह विवाद वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पर चर्चा के दौरान शुरू हुआ। अग्रवाल ने कहा कि जब कांग्रेस नेता राज्यसभा के लिए चुने गए, तो इस मौके पर पाकिस्तान समर्थक नारे लगाए गए और इसका विरोध करने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं को जेल भेज दिया गया।
यह भी पढ़ें - Waqf Bill in Rajya Sabha: बीजद के अचानक लिए फैसले से बदला राज्यसभा का गणित, जानें कैसे कमजोर हुआ विपक्ष
भाजपा सांसद के आरोप पर कांग्रेस ने जताई आपत्ति
इस आरोप पर कांग्रेस सांसद नसीर हुसैन ने कड़ी आपत्ति जताई, जिसके बाद सदन में माहौल गर्म हो गया, जिसे शांत कराने के लिए सभापति ने हस्तक्षेप किया। इसके बाद कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने राज्यसभा के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी सदस्य को ऐसे बयान नहीं देने चाहिए जो सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाते हों। जिसके बाद गृह मंत्री अमित शाह और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राधा मोहन दास अग्रवाल का समर्थन किया। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि राधा मोहन दास अग्रवाल ने नसीर हुसैन पर कोई आरोप नहीं लगाया, बल्कि कहा कि नारेबाजी किसी और ने की थी।
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टीएमसी और डीएमके सांसदों ने जताई गई आपत्ति
नसीर हुसैन जब जवाब देने खड़े हुए तो उनके बयान को सदन की कार्यवाही से हटा दिया गया। इससे तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के सांसदों ने आपत्ति जताई। टीएमसी सांसद सुखेंदु शेखर रॉय और डीएमके सांसद तिरुचि शिवा ने दलील दी कि हुसैन को अपना पक्ष रखने का पूरा अधिकार है। वहीं विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने भी आग्रह किया कि नसीर हुसैन को कम से कम 10-20 सेकंड बोलने दिया जाए।
यह भी पढ़ें - Maharashtra: जन्म प्रमाण पत्र पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, कहा-बच्चे के जन्म रिकॉर्ड पर किसी का एकाधिकार नहीं
विवाद को लेकर राज्यसभा में हुई तीखी बहस
इस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि नसीर हुसैन को पहले ही बोलने का मौका दिया गया था और मामला खत्म हो चुका है। उन्होंने अध्यक्ष से अनुरोध किया कि टीएमसी सांसद नदिमुल हक को बोलने का मौका न दिया जाए, जिस पर टीएमसी के सांसदों ने जोरदार विरोध किया। इस पूरे विवाद के चलते राज्यसभा में तनावपूर्ण माहौल बन गया।
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भाजपा सांसद के आरोप पर कांग्रेस ने जताई आपत्ति
इस आरोप पर कांग्रेस सांसद नसीर हुसैन ने कड़ी आपत्ति जताई, जिसके बाद सदन में माहौल गर्म हो गया, जिसे शांत कराने के लिए सभापति ने हस्तक्षेप किया। इसके बाद कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने राज्यसभा के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी सदस्य को ऐसे बयान नहीं देने चाहिए जो सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाते हों। जिसके बाद गृह मंत्री अमित शाह और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राधा मोहन दास अग्रवाल का समर्थन किया। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि राधा मोहन दास अग्रवाल ने नसीर हुसैन पर कोई आरोप नहीं लगाया, बल्कि कहा कि नारेबाजी किसी और ने की थी।
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टीएमसी और डीएमके सांसदों ने जताई गई आपत्ति
नसीर हुसैन जब जवाब देने खड़े हुए तो उनके बयान को सदन की कार्यवाही से हटा दिया गया। इससे तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के सांसदों ने आपत्ति जताई। टीएमसी सांसद सुखेंदु शेखर रॉय और डीएमके सांसद तिरुचि शिवा ने दलील दी कि हुसैन को अपना पक्ष रखने का पूरा अधिकार है। वहीं विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने भी आग्रह किया कि नसीर हुसैन को कम से कम 10-20 सेकंड बोलने दिया जाए।
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विवाद को लेकर राज्यसभा में हुई तीखी बहस
इस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि नसीर हुसैन को पहले ही बोलने का मौका दिया गया था और मामला खत्म हो चुका है। उन्होंने अध्यक्ष से अनुरोध किया कि टीएमसी सांसद नदिमुल हक को बोलने का मौका न दिया जाए, जिस पर टीएमसी के सांसदों ने जोरदार विरोध किया। इस पूरे विवाद के चलते राज्यसभा में तनावपूर्ण माहौल बन गया।
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