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Supreme Court: बिहार जातिगत जनगणना पर सुनवाई आज; हल्द्वानी अतिक्रमण मामले में भी शीर्ष कोर्ट सुनेगी दलीलें

Mon, 07 Aug 2023 04:48 AM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Mon, 07 Aug 2023 04:48 AM IST
सार

शीर्ष अदालत की वेबसाइट पर अपलोड की गई वाद सूची के अनुसार, गैर सरकारी संगठन एक सोच एक प्रयास की ओर से हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस एसवीएन भट्टी की पीठ सुनवाई करेगी। एनजीओ के अलावा हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ एक और याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई है। 
 

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Hearing will be held in Supreme Court today on the issue of caste census in Bihar today update news
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट बिहार में जातिगत जनगणना की वैधता को बरकरार रखने के पटना हाईकोर्ट के एक अगस्त के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सोमवार को सुनवाई करेगा। हाईकोर्ट ने जातिगत जनगणना को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया था। राज्य सरकार ने पिछले साल इसका आदेश दिया था और इस साल यह जनगणना शुरू हुई है।

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शीर्ष अदालत की वेबसाइट पर अपलोड की गई वाद सूची के अनुसार, गैर सरकारी संगठन एक सोच एक प्रयास की ओर से हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस एसवीएन भट्टी की पीठ सुनवाई करेगी। एनजीओ के अलावा हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ एक और याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई है। 
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बिहार के नालंदा निवासी अखिलेश कुमार की ओर से दायर याचिका में दलील दी गई है कि जातिगत जनगणना कराने के लिए राज्य सरकारी की तरफ से जारी अधिसूचना संविधान के प्रावधानों के खिलाफ है। संविधान के प्रावधानों के मुताबिक, केवल केंद्र सरकार को ही जनगणना कराने का अधिकार है।

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हल्द्वानी अतिक्रमण मामला: आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को उत्तराखंड के हल्द्वानी में रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण हटाने के मामले की सुनवाई हो सकती है। कोर्ट की वाद-सूची में यह मामला भी है। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पिछले साल 20 दिसंबर को यह अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था। इसके बाद कार्रवाई शुरू की गई थी। सुप्रीम कोर्ट में अपील कर कार्रवाई रोकने की मांग की गई। सुप्रीम कोर्ट ने 5 जनवरी के हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाई तो वहीं, 2 मई को अंतरिम आदेश में अपील लंबित रहने तक रोक जारी रखने को कहा था।

रेलवे के अनुसार हल्द्वानी के बनभूलपुरा में उसकी 29 एकड़ जमीन पर 4,365 लोगों ने अवैध कब्जे कर रखे हैं। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद 20 दिसंबर को आदेश दिया कि 7 दिन का नोटिस देने के बाद अतिक्रमण तोड़ दिए जाएं। इसके खिलाफ स्थानीय लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में अपील में कहा कि हाईकोर्ट के आदेश में कई खामियां हैं। जमीन पर मालिकाना हक को लेकर जिला मजिस्ट्रेट के पास मामले लंबित हैं। 

यहां कई स्कूल, धार्मिक स्थल, अस्पताल, कारोबारी प्रतिष्ठान आदि बने हैं। कई ने दावा किया कि उनके पास जमीन पर मालिकाना हक के वैध दस्तावेज हैं। यहां करीब 50 हजार लोग रहते हैं, इनमें हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के परिवार हैं, मुस्लिम परिवार अधिक हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद इसे एक 'मानवीय मामला' बताया और कहा कि 50 हजार लोगों को रातों-रात उखाड़ के नहीं फेंका जा सकता।

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