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स्वस्थ भारत का सपना होगा साकार, सरकार ने तैयार किया एक्शन प्लान

Fri, 10 Feb 2017 12:32 PM IST
एजेंसी/ नई दिल्ली 
एजेंसी/ नई दिल्ली  Updated Fri, 10 Feb 2017 12:32 PM IST
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Healthy India's dream WILL come true
देश में बेहतर स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए बुधवार को पेश केंद्रीय बजट में 2017 तक कालाजार, फाइलेरिया, 2018 तक कुष्ठ रोग तथा 2020 तक खसरा समाप्त करने के लिए कार्य योजना पेश करने का प्रस्ताव किया गया है। बजट प्रस्तावों में कहा गया है कि औषधियों की उचित मूल्यों पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए औषधि और सौंदर्य प्रसाधन नियमावली में संशोधन किया जाएगा।
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वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों के मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को संसद में वर्ष 2017-18 का आम बजट पेश करते हुए बताया कि सरकार ने 2017 तक कालाजार और फाइलेरिया, 2018 तक कुष्ठ तथा 2020 तक खसरा समाप्त करने के लिए कार्य योजना तैयार की है। 2025 तक तपेदिक को भी समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। 
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उन्होंने कहा कि इसी प्रकार नवजात शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) जो 2014 में 39 थी, उसे घटाकर 2019 तक 28 करने तथा मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) को 2011-13 के 167 से घटाकर 2018-20 तक 100 करने के लिए भी कार्य योजना बनाई गई है। जेटली ने 1.5 लाख स्वास्थ्य उप-केंद्रों को स्वास्थ्य और सेहत केंद्रों में परिवर्तित करने का भी प्रस्ताव किया।
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विशेषज्ञ डॉक्टरों की पर्याप्त उपलब्धता की जरूरत

Healthy India's dream WILL come true

जेटली ने अपने बजट भाषण में कहा कि द्वितीयक और तृतीयक स्तरों की देखभाल को मजबूत करने के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की जरूरत है, इसलिए हमने प्रति वर्ष 5,000 अतिरिक्त स्नातकोत्तर सीटें सृजित करने का निर्णय किया गया है। 

जेटली ने कहा कि इसके अलावा बड़े जिला अस्पतालों में डीएनबी पाठ्यक्रम शुरू करने, चुनिंदा ईएसआई और नगर निगमों के अस्पतालों में स्नातकोत्तर शिक्षा को मजबूत करने तथा प्रख्यात निजी अस्पतालों को डीएनबी पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करने के कदम उठाए जाएंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार देश में चिकित्सा शिक्षा और प्रैक्टिस के विनियामक ढांचे में संरचनात्मक परिवर्तन के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए भी प्रतिबद्ध है।

जेटली ने कहा कि बजट में उचित मूल्यों पर औषधि की उपलब्धता और जनेरिक औषधियों को बढ़ावा देने के लिए औषधि और सौंदर्य प्रसाधन नियमावली में संशोधन करने का प्रस्ताव किया गया है। चिकित्सा उपकरणों को विनियमित करने के लिए नई नियमावली तैयार की जाएगी। ये नियम अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार होंगे और इस क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करेंगे। इससे इन उपकरणों की लागत कम हो जाएगी। 

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