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Health Ministry: बीमारियों की रोकथाम के लिए साक्ष्य जुटा रहे भारतीय वैज्ञानिक, डॉक्टरों को मिलेगा प्रशिक्षण

Wed, 20 Mar 2024 07:09 AM IST
यशोधन शर्मा परीक्षित निर्भय
परीक्षित निर्भय Published by: यशोधन शर्मा Updated Wed, 20 Mar 2024 07:09 AM IST
सार

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फेफड़ों का कैंसर भारत में सबसे आम कैंसरों में से एक है। इसके मरीजो की संख्या हर साल बढ़ रही हैं। देश में कैंसर से होने वाली कुल मौतों में से 10% मौतें इसी से होती हैं।

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Health Ministry Indian scientists gathering evidence disease prevention Doctors given training
स्वास्थ्य मंत्रालय

विस्तार

विभिन्न बीमारियों की रोकथाम और सही उपचार को लेकर सरकार ने एक अनोखी प्रक्रिया शुरू की है। इसके तहत गठित समिति साक्ष्य आधारित दिशा-निर्देशों को एकत्रित करेगी। इस समिति में नई दिल्ली स्थित भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर), स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय और स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (डीएचआर) के विशेषज्ञ शामिल हैं।

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इसके अलावा सरकार ने यह भी तय किया है कि एमबीबीएस और पीजी छात्रों के साथ-साथ देशभर के डॉक्टरों को भी व्यवस्थित समीक्षाएं और मेटा-विश्लेषण को लेकर प्रशिक्षित किया जाए ताकि चिकित्सा प्रबंधन को लेकर चिकित्सा अध्ययन उनके काम आ सकें। इसके लिए सरकार ने सबसे पहले उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सहित 10 राज्यों में डॉक्टरों के लिए कार्यशाला आयोजित करने का निर्णय लिया है। जानकारी के अनुसार, आईसीएमआर की ओर से प्रत्येक कार्यशाला के लिए करीब छह लाख रुपये का बजट आवंटित किया जाएगा।
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फेफड़ों का कैंसर सबसे आम
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फेफड़ों का कैंसर भारत में सबसे आम कैंसरों में से एक है। इसके मरीजो की संख्या हर साल बढ़ रही हैं। देश में कैंसर से होने वाली कुल मौतों में से 10% मौतें इसी से होती हैं। इसके बाद भी देश में फेफड़ों के कैंसर की रोकथाम, निगरानी, जांच या फिर उपचार को लेकर वैज्ञानिक साक्ष्य आधारित दिशा निर्देश मौजूद नहीं है।
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इसी तरह अन्य बीमारियों को लेकर भी सही जानकारी का अभाव है। उन्होंने कहा कि इस अनोखी प्रक्रिया का सबसे बड़ा लाभ मरीजों की चिकित्सा व्यवस्था पर होगा, जिन्हें प्राथमिक और उच्च स्तरीय अस्पतालों में सही उपचार मिल सकेगा। वहीं, लक्षणों के आधार पर डॉक्टरों को रोग पहचानने में आसानी होगी।

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