आओ हार्दिक पटेल अब तुम संभालो गुजरात की कमान, राजस्थान पर पैनी नजर
- कांग्रेस सोनिया गांधी एक्शन में
- सचिन पायलट से फिलहाल नहीं मिले राहुल गांधी
- राहुल गांधी को केन्द्र में रखकर बन रही है कांग्रेस की नई टीम
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राजस्थान की राज्य सरकार को बचाने का पूरी जिम्मा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर है। कांग्रेस अध्यक्ष वहां पार्टी के भीतर किचकिच वाली पंचायत नहीं करना चाहती। गहलोत ने अपने मंत्रिमंडल में फेरबदल किया है। इस बीच 18-20 विधायक गुडग़ांव में शिफ्ट हो चुके हैं। दस ने फोन स्विच ऑफ कर लिया है। उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट नाराज है। वह अपना मान-सम्मान चाहते हैं, लेकिन अभी उन्हें कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कोशिश के बाद भी मिलने का समय नहीं दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष की टीम हालात पर नजर रख रही है। इस बीच एक बड़ा बदलाव हुआ है। गुजरात में प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी हार्दिक पटेल को सौंप दी गई है।
हार्दिक पटेल आओ संभालो गुजरात
हार्दिक पटेल युवा हैं। पटेल समाज से आते हैं। कांग्रेस पार्टी का यह बड़ा फैसला माना जा रहा है। गुजरात में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह की राजनीतिक कार्यशैली के धुर विरोधी हार्दिक पटेल को सोनिया गांधी ने खुशी से यह जिम्मेदारी सौंप दी है। इस समय वह देश में सबसे कम उम्र के प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बन चुके हैं। यह फैसला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की भावी टीम को देखते हुए लिया गया है। पटेल से बड़े, वरिष्ठ, अनुभवी गुजरात में कांग्रेस पार्टी के कई नेता हैं। अध्यक्ष पद की कुर्सी के काबिल भी हैं। लेकिन पाटीदार समाज के जुड़ाव, हार्दिक के जनसमर्थन को देखते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने इस संगठनात्मक दायित्व पर मुहर लगा दी है।
गुजरात में हो दो-दो हाथ
गुजरात में हार्दिक पटेल को कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर कांग्रेस ने राज्य में राजनीति के दो-दो हाथ संदेश दिया है। इसे भावी विधानसभा चुनाव की अभी से तैयारी के तौर पर भी देखा जा रहा है। कांग्रेस पार्टी के एक महासचिव का कहना है कि हार्दिक पटेल युवा हैं। उन्हें कम से कम आगे के तीन दशक की राजनीति करनी है। इसे देखते हुए कांग्रेस अध्यक्ष युवा नेतृत्व पर भरोसा जताया है। इसका स्वागत किया जाना चाहिए।