केंद्र सरकार ने दिया 1000 फाइटर प्लेन, 100 चॉपर के निर्माण का ऑर्डर
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केंद्र सरकार ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के स्वेदशीकरण के लिए मुहिम छेड़ दी है। सरकार ने एचएएल को डिफेंस सेक्टर के लिए 1000 फाइटर प्लेन और 100 हेलिकॉप्टर बनाने का ऑर्डर दे दिया है। इसके साथ ही कंपनी जल्द ही भारतीय वायुसेना को 123 तेजस विमानों की आपूर्ति करने जा रही है।
अगले साल से शुरू होगी तेजस की आपूर्ति
एचएएल के चेयरमैन और एमडी टी सुवर्णा राजू ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि अगले साल यानी 2018-19 में कंपनी पहले चरण में 16 तेजस विमान वायुसेना को देगी। इसके अलावा अगले पांच साल में कंपनी वायुसेना के अन्य विमानों जैसे कि सुखोई-30 एमकेआई, जगुआर और मिराज जेट विमानों को पूरी तरह से अपग्रेड करेगा। कंपनी इनकी मारक क्षमता को भी बढ़ाने जा रही है।
राजू ने कहा कि जिन हेलिकॉप्टर का निर्माण एचएएल करने जा रही है, उनमें हल्का लड़ाकू हेलिकॉप्टर, कमॉव 226 और एडवांस लाइट हेलिकॉप्टर का निर्माण अगले 10 सालों में करेगा।
रूस के साथ होगी पार्टनरशिप
एचएएल ने रूस की रक्षा फर्मों के साथ टाईअप किया है, जिसके जरिए कमॉव 226टी हेलिकॉप्टरों को भारत में बना जाएगा। इन हेलिकॉप्टरों के बनने के बाद चीता और चेतक चॉपर का दौर खत्म हो जाएगा।
तेजस के निर्माण में दुगनी होगी रफ्तार
राजू ने कहा कि कंपनी तेजस के निर्माण में भी तेजी दिखाएगी। अभी फिलहाल 8 तेजस विमानों का निर्माण एचएएल पूरे साल में करती है। अब इसको बढ़ाकर के 16 करने जा रही है। तेजस को पिछले साल वायुसेना ने अपने बेड़े में शामिल किया था।
अभी एचएएल के पास वायुसेना से 40 तेजस विमान बनाने का ऑर्डर मिला हुआ है। 83 विमानों का सरकार की तरफ से ऑर्डर मिला है। कंपनी सुखोई विमानों को भी मिसाइल और सेंसर लगाकर के अपग्रेड कराने जा रही है।