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Hindi News ›   India News ›   Gurdeep Singh Case: Had to go to New Zealand, human smugglers sent Indonesia

जाना था न्यूजीलैंड, मानव तस्करों ने पहुंचा दिया इंडोनेशिया

Sat, 30 Jul 2016 03:58 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, देवबंद
ब्यूरो/ अमर उजाला, देवबंद Updated Sat, 30 Jul 2016 03:58 AM IST
सार

  • जाना था न्यूजीलैंड, मानव तस्करों के जाल में फंसकर पहुंच गया इंडोनेशिया
  • मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में 2004 से जेल में है गुरदीप 
  • सहारनपुर के गंगोह क्षेत्र के गांव शीतलपुर में रहता है परिवार

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Gurdeep Singh Case: Had to go to New Zealand, human smugglers sent Indonesia
गुरदीप सिंह का परिवार - फोटो : ब्यूरो/ मेरठ

विस्तार

 इंडोनेशिया सरकार द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में क्षेत्र के गांव शीतलपुर निवासी गुरदीप सिंह को मौत की सजा सुनाए जाने से यहां उसके परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों के अनुसार बृहस्पतिवार रात उसे चार अन्य लोगों के साथ शूट करने के लिए ले जाया गया था। अन्य चारों को तो शूट कर दिया गया लेकिन अचानक तूफान आने अथवा विदेश मंत्रालय के हस्तक्षेप के चलते उसकी सजा रोक दी गई थी। परिजनों ने भारत सरकार से अविलंब कार्रवाई किए जाने की मांग की है। 

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गंगोह थाना क्षेत्र के गांव शीतलपुर निवासी गुरदीप सिंह के छोटे भाई गुरप्रीत सिंह ने बताया कि वह तीन भाई हैं और उनके पिता गुरदेव सिंह के पास मात्र 12 बीघा जमीन है। इससे उनका परिवार बेहद तंगहाली में गुजर-बसर कर रहा था। जिसके चलते वर्ष 2002 में गुरदीप ने विदेश में जाकर किस्मत आजमाने का निर्णय लिया। 
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पंजाब निवासी एक एजेंट के माध्यम से वह अपनी पत्नी कुलदीप कौर और पांच साल की बच्ची हरदीप के साथ न्यूजीलैंड के लिए रवाना हो गया लेकिन मानव तस्करों के जाल में फंसकर वे न्यूजीलैंड न पहुंचकर इंडोनेशिया में ही फंस गए। उस वक्त उसकी पत्नी गर्भवती थी। वहां वह मजदूरी कर किसी तरह गुजर-बसर करने लगा। 

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शूट किए जाने की सूचना से सहमा परिवार

Gurdeep Singh Case: Had to go to New Zealand, human smugglers sent Indonesia
गुरदीप सिंह - फोटो : ब्यूरो/ मेरठ

करीब छह माह बाद उसने अपनी पत्नी और बच्ची को वापस भेज दिया। इसके बाद वह वहां पाकिस्तानी नागरिक जुल्फकार अली के संपर्क में आ गया। 2004 में इंडोनेशिया पुलिस ने उसे मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था। तब से वह जेल में बंद था।

26 जुलाई को उसकी पत्नी को भारतीय दूतावास से सूचना मिली कि इंडोनेशिया सरकार ने गुरदीप सिंह को तीन दिन में शूट करने के आदेश दिए हैं। गुरदीप को शूट किए जाने की सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया। 

बृहस्पतिवार शाम कुलदीप कौर ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से बात कर अपने पति को निर्दोष बताते हुए बचाने और स्वदेश वापस लाने की मांग की थी। उन्होंने उसे हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। शुक्रवार को भी परिजन उनसे लगातार संपर्क करने का प्रयास कर रहे थे।

रात एक बजे आया गुरदीप का फोन

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गुरदीप सिंह के परिजन - फोटो : ब्यूरो/ मेरठ

गुरदीप सिंह के पिता गुरुदेव सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार रात करीब एक बजे खुद गुरदीप ने उन्हें इंडोनेशिया से फोन किया था। उसने बताया था कि रात करीब 10 बजे इंडोनेशिया पुलिस एक इंडोनेशियाई और नाईजीरिया के तीन नागरिकों के साथ उसको भी शूट करने के लिए ले गई थी। उन सभी के हाथ पीछे बांध दिए गए थे और मुंह पर कपड़ा डाल दिया था। इसके बाद एक-एक कर चारों को शूट कर दिया गया।

परिजनों ने बताया कि उसका नंबर आते ही वहां तूफान आ गया। इसके बाद उसे शूट नहीं किया गया। वह बेहद घबराया हुआ था। उसने बताया कि उसे किसी भी वक्त शूट किया जा सकता है। गुरदीप सिंह के पिता गुरुदेव सिंह, माता हरजिंदर कौर, भाई गुरप्रीत सिंह और भाभी का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था। हरजिंदर कोर ने बताया कि परिवार की खुशहाली के लिए 14 साल पूर्व उनका बेटा रोजगार की तलाश में विदेश गया था।

उसके बाद से आज तक उन्होंने उसकी शक्ल तक नहीं देखी और अब उसे शूट किए जाने की सूचना मिली है। वह केवल भारत सरकार के भरोसे है कि वह उसके बेकसूर बेटे को मरने नहीं देगी और यहां वापस लाएगी। गुरदीप सिंह को सजाए मौत दिए जाने की सूचना मिलने के बाद से उसके घर सांत्वना देने के लिए सगे संबंधियों और ग्रामीणों का तांता लगा हुआ है।

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