भाजपा ने अंजान से चेहरे को बनाया गुजरात का अध्यक्ष
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गुजरात में भाजपा ने एक अंजान से चेहरे को पार्टी की बागडोर सौंप दी है। भावनगर पश्चिम से विधायक जीतू वघानी को प्रदेश भाजपा का नया अध्यक्ष बनाया गया है। खास बात ये है कि जीतू उसी पाटीदार समुदाय से आते हैं जो पिछले कुछ समय से भाजपा की मुश्किलें बढ़ाए हुए है। सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री की रेस में नितिन पटेल के पिछड़ने के बाद पाटीदार समुदाय की नाराजगी दूर करने के लिए भाजपा ने यह कदम उठाया है।
45 साल के वघानी लेवा पाटीदार समुदाय से आते हैं जिसका राज्य में काफी प्रभाव है। वो राज्य के सबसे कम उम्र के प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए हैं। जानकारों की मानें तो सौराष्ट्र से आने वाले वघानी को अध्यक्ष बनाने का मकसद सौराष्ट्र और पाटीदारों को पर्याप्त प्रतिनिधत्व देना है।
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार बैंकर परिवार से आने वाले वघानी ने अपनी राजनीति की शुरूआत भाजपा की छात्र इकाई एबीवीपी से शुरू की थी। भावनगर के एमजे कालेज से अपनी पढ़ाई के दौरान एबीवीपी से जुड़े। इसके बाद वह आरएसएस से भी काफी समय तक जुड़े रहे जहां से भाजपा में पहुंचे और 1990 में उन्हें भावनगर जिला समिति का महासचिव बनाया गया।
सीएम रुपानी के करीबी जीतू पहली बार बने विधायक
मुख्यमंत्री विजय रुपानी ने बताया कि जीतू काफी युवा हैं और पाटीदार हैं। हमारा मानना है कि पार्टी में और युवाओं को आगे आना चाहिए। पेशे से इंश्योरेंस एजेंट और बिल्डर वघानी को पहली बार 2007 में पार्टी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शक्तिसिंह गोहिल के सामने भावनगर वेस्ट से मैदान में उतारा था। हालांकि वह 3,134 वोट से चुनाव हार गए थे लेकिन चुनाव और पार्टी में अपनी छाप छोड़ने में सफल रहे।
इसके बाद पार्टी ने उन्हें भाजयुमो का प्रदेश अध्यक्ष बनाया और यहां से वह भाजपा के प्रदेश महासचिव भी रहे। साल 2012 के चुनावों में एक बार फिर वह मैदान में उतरे और जीत दर्ज करने में सफल रहे।
प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने से पहले वह राजकोट जिला ईकाई के अध्यक्ष थे। वघानी को मुख्यमंत्री रुपानी का नजदीकी माना जाता है। 2001 के बाद से यह पहली बार हुआ है कि राज्य के दोनों बड़े पद मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष दोनों सौराष्ट्र से हों।