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सराहनीय: गुजरात में खुला ‘कैट गार्डन’, 200 से ज्यादा बिल्लियां
Sat, 21 Aug 2021 03:02 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, कच्छ
एजेंसी, कच्छ
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 21 Aug 2021 03:02 AM IST
सार
- गुजरात के कच्छ में कैट हाउस आगंतुकों के लिए बन गया एक अहम पर्यटन केंद्र
- रविवार को न्यूनतम प्रवेश शुल्क के साथ चार घंटे के लिए खुलता है कैट गार्डन
- यहां एक मिनी थियेटर में शाम को जानवरों से संबंधित ‘शो’ देखती हैं बिल्लियां
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कैट गार्डन
- फोटो : ani
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विस्तार
गुजरात के कच्छ में ‘कैट गार्डन’ आगंतुकों के लिए एक पर्यटन केंद्र बन गया है। यह प्रत्येक रविवार को पर्यटकों के लिए न्यूनतम प्रवेश शुल्क के साथ चार घंटे खुला रहता है। यह 500 वर्ग गज क्षेत्र में फैला है।
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इसकी स्थापना कच्छ के रहने वाले उपेंद्र गोस्वामी ने अपनी दिवंगत बहन की याद में वर्ष 2017 में की थी। ‘कैट गार्डन’ नाम से बिल्लियों के इस घर में अब 200 से ज्यादा बिल्लियां हैं। कच्छ के गांधीधाम निवासी गोस्वामी एक कस्टम हाउस एजेंट हैं। उन्होंने यह कैट हाउस अपनी दिवंगत बहन को समर्पित किया है, जिनकी 1994 में मृत्यु हो गई थी।
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गोस्वामी अपने पेशेवर जीवन में सफलता का श्रेय कैट हाउस को देते हैं। बिल्लियों के इस घर को खोलने के पीछे एक कहानी का जिक्र करते हुए गोस्वामी कहते हैं, ‘हम हर साल अपनी दिवंगत बहन का जन्मदिन मनाते हैं।
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एक बार एक बिल्ली ने हमारे घर में प्रवेश किया और उसके जन्मदिन का केक खा लिया (यह उसके निधन के बाद की बात है)। तब से वह बिल्ली हमारे साथ रह रही है। हम मानते हैं कि यह हमारी बहन है, जो बिल्ली के रूप में हमारे साथ रह रही है।’
उन्होंने आगे कहा कि उनके परिवार ने तब से कई बिल्लियों को पालना शुरू किया और 2017 में उन्होंने उनके लिए एक बिल्ली घर ‘कैट गार्डन’ की स्थापना की।
बकौल गोस्वामी, ‘कैट हाउस में पली-बढ़ी बिल्लियों को सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाती हैं। हमारे यहां चार एसी कमरे हैं और 12 बेड के साथ 16 कॉटेज हैं। यहां शावर और एक मिनी थिएटर है, जहां शाम को बिल्लियां जानवरों से संबंधित शो देखती हैं। उन्हें दिन में तीन बार खाना दिया जाता है और हम उन्हें कैट फूड के सर्वश्रेष्ठ ब्रांड प्रदान करना सुनिश्चित करते हैं।’
जीवदया करता है बिल्लियों की नियमित चिकित्सा जांच
गोस्वामी ने कहा कि ‘कैट गार्डन’ में बिल्लियों के लिए नियमित पशु चिकित्सा जांच की जाती है और अहमदाबाद जीवदया चैरिटेबल ट्रस्ट उनके प्रयास में उनका समर्थन करता है। ये बिल्लियां हमारे परिवार का हिस्सा हैं और हम उनकी उचित देखभाल करना सुनिश्चित करते हैं।’
आय का 90 फीसदी बिल्लियों के रखरखाव पर खर्च
गोस्वामी की पत्नी एक स्कूल प्रिंसिपल हैं और कैट हाउस की देखभाल में अपने पति की भी मदद करती हैं। दंपत्ति स्वयं बिल्ली के घर के रखरखाव के लिए प्रति माह आवश्यक 1.5 लाख रुपये का 90 प्रतिशत खर्च वहन करते हैं।