आईटी स्टार्टअप को गुजरात सरकार देगी जमीन, सात हजार करोड़ की सहायता भी मिलेगी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुजरात सरकार ने देशभर के नवोन्मेषियों को आमंत्रित करते हुए सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र के स्टार्टअप्स को राज्य में जमीन मुहैया कराने की घोषणा की है। बुधवार को सूबे के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने कहा कि आईटी को राज्य में उद्योग का दर्जा देने का फैसला किया गया है। वाइब्रेंट गुजरात वैश्विक सम्मेलन में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अब तक 184 स्टार्टअप्स की सहायता की है और 2021 तक 2,000 स्टार्टअप्स को सात हजार करोड़ रुपये की सहायता मुहैया कराई जाएगी।
तीन दिवसीय वैश्विक सम्मेलन में रुपाणी ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर के नवोन्मेष को राज्य से पूरा सहयोग मिलेगा। उनके नवोन्मेष के साकार रूप लेने पर राज्य ही नहीं बल्कि देश भी विकासोन्मुख होता है। ऐसे में राज्य सरकार विभिन्न स्तरों पर आईटी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए परितंत्र को और भी बेहतर बनाएगी।
हालांकि रुपाणी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि जमीन छूट पर या निशुल्क मुहैया कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि मौजूदा सम्मेलन देशभर के स्टार्टअप्स के लिए आकर्षण का केंद्र है, जहां उन्हें राज्य में मिलने वाली सुविधाओं की पूरी जानकारी मिल रही है। साथ ही इसमें विभिन्न हिस्सेदारों के बीच संबंध स्थापित होते हैं।
कनाडा के व्यापार आयुक्त ने की कनाडा-भारत स्टार्टअप वीजा कार्यक्रम पर चर्चा
वैश्विक सम्मेलन के आयोजन में साझेदार कनाडा के व्यापार आयुक्त चैड हेंसलर ने कनाडा-भारत स्टार्टअप वीजा कार्यक्रम की चर्चा की। उन्होंने कहा कि दुनिया में जहां तमाम देश अपने दरवाजे और खिड़कियां बंद कर रहे हैं, वहीं कनाडा लोगों को खुले हाथों से आमंत्रित कर रहा है। कनाडा अब उद्यमियों को स्थायी नागरिकता मुहैया कराने का भी आमंत्रण दे रहा है।
हेंसलर ने आगे कहा कि दो साल की परीक्षण अवधि के बाद मैं यह घोषित करते हुए खुश हूं कि वीजा कार्यक्रम अब स्थायी तौर पर जारी रहेगा। भारत और कनाडा के बीच गहरी मित्रता विभिन्न सामाजिक व आर्थिक क्षेत्रों में है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्तों से बहुत उपलब्धियों के दरवाजे उद्यमियों के लिए खुलते हैं। खासतौर पर नवोन्मेष क्षेत्र के उद्यमी आगे बढ़ रहे हैं।
सम्मेलन में आयोजित स्टार्टअप समिट की स्पर्धा ग्रांड चैलेंज में पुरस्कार की राशि तीन करोड़ रुपये रखी गई है। यह पुरस्कार स्पर्धा में भाग लेने वाले तकनीकी और व्यवसायिक नवोन्मेष के जरिए राज्य और राष्ट्र को विकास के मुद्दे पर समाधान मुहैया कराने वाले सबसे बेहतर स्टार्टअप को मिलेगा। गौरतलब है कि आईटी को उद्यम क्षेत्र का दर्जा मिलने से निर्माण करने वाली इकाईयों की तर्ज पर सुविधाएं और सहायता मुहैया होगी। निर्माण क्षेत्र की तरह ही उन्हें कर्ज और सिंगल विंडो सिस्टम मुहैया होगा।