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Gujarat Election: रुपाणी-पटेल समेत इन रूठे नेताओं को ये जिम्मेदारी देगी BJP, विरोध टालने के लिए बनाया ये प्लान

Tue, 15 Nov 2022 04:58 PM IST
Rahul Sampal राहुल संपाल
Updated Tue, 15 Nov 2022 04:58 PM IST
सार

Gujarat Election: गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने वर्षों तक भाजपा संगठन के लिए काम किया है। उन्हें ब्लॉक स्तर से लेकर राष्ट्रीय संगठन तक व्यापक अनुभव है। बतौर सीएम उन्हें सरकार चलाने का भी अनुभव है। पार्टी ने हाल ही में उन्हें पंजाब राज्य के प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी है...

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Gujarat Election: BJP will adjust the rebel leaders to avoid the possible protests
Gujarat Election: vijay rupani and nitin patel - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के उम्मीदवारों की सूची जारी होने के बाद नाराज नेताओं के विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। एक तरफ पार्टी के लोग रूठे नेताओं की मान-मनौव्वल कर रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ टिकट को मना कर चुके बुजुर्ग नेताओं के अनुभवों का लाभ लेने के लिए पार्टी ने 'प्लान बी' तैयार कर लिया है।

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अमर उजाला को सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इन नेताओं को भविष्य में नई जिम्मेदारी देने और अनुभव का लाभ लेने के लिए पार्टी के भीतर ही चर्चा शुरू हो गई है। ये सभी बुजुर्ग नेता अभी पार्टी का काम करने में सक्षम हैं। फिलहाल राज्य में विधानसभा चुनाव चल रहे हैं। इसी लिहाज से कई अहम सीटों की जिम्मेदारी इन्हें सौंपी गई है। सभी को चुनाव संबंधित व्यवस्था का बड़ा अनुभव भी है। इसलिए भविष्य में पार्टी इन्हें दरकिनार नहीं करने वाली है। ये नेता सरकार और संगठन के कई अहम पदों पर भूमिका निभा चुके हैं। सभी बुजुर्ग नेताओं को उनकी कार्यकुशलता के हिसाब से सेट किया जाएगा।

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चुनाव के बाद बुजुर्ग नेताओं को मिल सकती है ये जिम्मेदारी

गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने वर्षों तक भाजपा संगठन के लिए काम किया है। उन्हें ब्लॉक स्तर से लेकर राष्ट्रीय संगठन तक व्यापक अनुभव है। बतौर सीएम उन्हें सरकार चलाने का भी अनुभव है। पार्टी ने हाल ही में उन्हें पंजाब राज्य के प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी है। रुपाणी जैन-बनिया सामुदाय से ताल्लुक रखते हैं, जिसकी गुजरात की आबादी में हिस्सेदारी पांच फीसदी है। आगामी भाजपा संगठन में बदलाव के बाद रुपाणी को महामंत्री या उपाध्यक्ष जैसे पद पर बिठाने की पूरी संभावना है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमण सिंह और राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे और झारखंड के पूर्व सीएम रघुवर दास भी अभी पार्टी के उपाध्यक्ष हैं।

उत्तर गुजरात से पूर्व उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल पार्टी का सबसे चर्चित और प्रभावी पाटीदार चेहरा हैं। 1995 में पहली बार विधायक का चुनाव लड़ने वाले नितिन पटेल राज्य में भाजपा की हर सफल सरकार का हिस्सा रह चुके हैं। 68 वर्षीय पटेल को वित्त, स्वास्थ्य, कृषि, राजस्व, सिंचाई और शहरी विकास मंत्रालयों चलाने का अच्छा खासा अनुभव है। हालांकि वे चौथी बार राज्य के मुख्यमंत्री बनते-बनते चूक गए। अब चर्चा है कि पार्टी उन्हें 2024 के लोकसभा चुनाव में मेहसाणा सीट से उम्मीदवार बना सकती है। मेहसाणा विधानसभा सीट भी भाजपा की सबसे मजबूत सीटों में गिनी जाती है। 1990 के बाद से भाजपा इस सीट पर लगातार जीत दर्ज कर रही है। 2012 से नितिन पटेल इस सीट से विधायक चुने जा रहे हैं। पटेल पहली बार कडी क्षेत्र से विधायक चुने गए थे।

किसी बड़े निगम या फिर केंद्र में देगी संवैधानिक पद

गुजरात और भाजपा की राजनीति में जाना-पहचाना नाम आरसी फालदू का हैं। वे जामनगर विधानसभा सीट से विधायक रहे चुके हैं। फालदू गुजरात भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। सरकार के साथ साथ संगठन के कामों पर भी उनकी अच्छी पकड़ है। 65 वर्षीय फालदू किसान परिवार के बैकग्राउंड से आते हैं। प्रदेश में कृषि, मत्स्य पालन, पशुपालन और परिवहन जैसे बड़े मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। गुजरात में भाजपा की सरकार बनने के बाद उन्हें गुजरात सरकार के किसी बड़े निगम या फिर केंद्र में संवैधानिक पद एडजस्ट किया जा सकता है।

गुजरात भाजपा के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह चुडासमा जनसंघ के जमाने से पार्टी से जुड़े हैं। उनकी गिनती कानून और संविधान के जानकार लोगों में होती है। सरकार के कामकाज और मंत्री पद पर रहने का उन्हें भी लंबा अनुभव है। 2017 के विधानसभा चुनाव में ढोलका विधानसभा सीट से उनके निर्वाचन को हाईकोर्ट ने अवैध करार दिया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उस पर रोक लगा दी थी। अगले साल कई राज्यों के राज्यपाल का कार्यकाल खत्म होने जा रहा है। ऐसे में उन्हें किस प्रदेश के राज्यपाल बनाए जाने की पूरी संभावना नजर आ रही है।

जडेजा को भी मिलेगा इनाम

पूर्व गृह राज्यमंत्री प्रदीप सिंह जडेजा को भी प्रदेश भाजपा के लिए किए गए कामों का इनाम जरूर मिलेगा। उन्हें गुजरात प्रदेश भाजपा संगठन के अहम पद या सरकार में कैबिनेट मंत्री दर्जा जैसे पद पर एडजस्ट किया जा सकता है।

182 सीटों वाली गुजरात विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा हो चुकी है। दो चरणों में 01 दिसंबर और 05 दिसंबर को मतदान होगा। पहले चरण में 89 सीटों पर मतदान होगा, जबकि दूसरे चरण में 93 सीटों पर मतदान होगा। गुजरात विधानसभा का कार्यकाल 18 फरवरी, 2023 को समाप्त हो रहा है। गुजरात में आमतौर पर सत्तारूढ़ भाजपा और उसकी प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस पार्टी के बीच आमना-सामना होता रहा है, लेकिन आगामी चुनावों में आम आदमी पार्टी (आप) की चुनावी मैदान में एंट्री से मुकाबला त्रिकोणीय होने के आसार हैं।

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