गुजरात से ISIS के दो संदिग्ध गिरफ्तार, 'लोन वुल्फ अटैक' की साजिश नाकाम
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गुजरात एटीएस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। एटीएस ने रविवार को अंतरराष्ट्रीय आतंकी समूह आईएसआईएस से ताल्लुक रखने वाले दो संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। ये पहली बार है कि कि राज्य में आईएसआईएस नेटवर्क से संबंधित कोई गिरफ्तारी हुई है।
एटीएस ने दो सगे भाईयों को गिरफ्तार किया है। एक की गिरफ्तारी राजकोट और दूसरे की गिरफ्तारी भावनगर से हुई है। एटीएस को पता चला कि दोनों भाई पूरे भारत के भीतर हमले की योजना बना रहे हैं। मीडिया को गिरफ्तारी के बारे में जानकारी देते वक्त एटीएस के ज्वाइन्ट कामिश्नर ऑफ पुलिस ( क्राइम ब्रांच) आईके भट्ट ने कहा कि वे (दोनों संदिग्ध) "लोन वुल्फ" अटैक की तैयारी कर रहे थे।
गुजरात एटीएस के डिप्टी एसपी केके पटेल के मुताबिक ये संदिग्ध पिछले 18 महीने से सर्विलांस पर थे। वो सोशल मीडिया और अन्य मैसेजिंग एप्स- ट्विटर फेसबुक, टेलीग्राम का इस्तेमाल आईएस से संपर्क साधने के लिए कर रहे थे। गिरफ्तार किए गए दोनों ही भाई कंप्यूटर के अच्छे जानकार हैं। इनके पास से गन पाउटर और विस्फोटक बनाने की जानकारी देने वाले दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।
भारत में पांव पसारने में अभी तक नाकाम रहा आईएसआईएस
आईएसआईएस भारत में अभी तक अपने पांव पसारने में नाकाम रहा है। हालांकि पिछले दिनों कुछ ऐसे मामलों की जानकारी जरूर मिली थी जिसमें से कुछ लोगों ने सीरिया में आईएसआईए के समूह में शामिल होने के लिए देश छोड़ा था। आईएसआईएस के सदस्यों के द्वारा कोई बड़ा हमला भी भारत के अंदर कामयाब नहीं हो सका है।
हालांकि भारत के पड़ोसी देशों बांग्लादेश और पाकिस्तान में आईएसआईएस ने कुछ हमलों को अंजाम जरूर दिया है। जिसमें हालिया तौर पर शाहबाज कलंदर की दरगाह में हुआ आत्मघाती हमला शामिल है। 14 फरवरी को, एनआईए ने केरला के रहने वाले मोईनुद्दीन प्रकादवत को राज्य के भीतर आईएसआईएस का मॉड्यूल चलाने के संबंध में गिरफ्तार किया था।
मोईनुद्दीन को इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उस वक्त गिरफ्तार किया गया था जब वो अबू धाबी से भारत आया। पिछले साल राजस्थान एटीएस ने आईएसआईएस संदिग्ध को सिकार जिले से गिरफ्तार किया था। इस पर आरोप था कि ये आतंकी संगठन के लिए दुबई से फंड ट्रांसफर कर रहा था।