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Hindi News ›   India News ›   Gujarat | Aam Aadmi Party's Botad MLA Umesh Makwana resigns from all party posts

Gujarat: गुजरात में बोटाद से आप विधायक उमेश मकवाना ने दिया इस्तीफा; थोड़ी देर बाद ही पार्टी से निलंबित किए गए

Thu, 26 Jun 2025 01:42 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Thu, 26 Jun 2025 01:42 PM IST
सार

आम आदमी पार्टी ने गुरुवार को अपने विधायक उमेश मकवाना को पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए निलंबित कर दिया। इससे कुछ घंटे पहले ही उन्होंने विधायक पद को छोड़कर पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था। उनका दावा था कि आप पिछड़े वर्गों के मुद्दों को उठाने में विफल रही है। विधायक ने यह कदम ऐसे समय उठाया है, जब तीन दिन पहले ही आप ने उपचुनाव में विसावदर सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा है।

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Gujarat | Aam Aadmi Party's Botad MLA Umesh Makwana resigns from all party posts
Umesh Makwana - फोटो : ANI

विस्तार

गुजरात में आम आदमी पार्टी के बोटाद विधायक उमेश मकवाना ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पत्र में लिखा, '...इस समय मेरी सामाजिक सेवाएं कम हो रही हैं, इसलिए मैं आम आदमी पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे रहा हूं। मैं पार्टी के लिए कार्यकर्ता के तौर पर काम करूंगा।' इसके थोड़ी देर बाद ही उन्हें पार्टी से पांच साल के लिए निलंबित कर दिया गया। आप गुजरात के अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने ट्वीट किया, 'उमेश मकवाना को पार्टी विरोधी और गुजरात विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण पार्टी से पांच साल के लिए निलंबित कर दिया गया है।'

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उन्होंने कहा, 'मैंने 20 साल तक भाजपा में अलग-अलग पदों पर काम किया। उस समय जब गुजरात में आप को कोई पहचानता भी नहीं था, तब मैंने सत्तारूढ़ भाजपा पार्टी छोड़कर आम आदमी पार्टी ज्वाइन की थी। आज आप में मुझे लगता है कि हम डॉ. बीआर आंबेडकर के सिद्धांतों से भटक रहे हैं। इसलिए मैंने आम आदमी पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। मैं पार्टी कार्यकर्ता के तौर पर काम करना जारी रखूंगा। मैं बोटाद के लोगों के बीच जाऊंगा। मैं कुछ लोगों से मिलकर अलग पार्टी बनाने या न बनाने पर चर्चा करूंगा। 
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'निर्वाचन क्षेत्र के लोगों से सलाह-मशविरा करने के बाद आगे कोई निर्णय लेंगे'
बोटाड सीट से विधायक मकवाना ने गांधीनगर में घोषणा की कि उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय सचिव और राज्य विधानसभा में सचेतक के पद से इस्तीफा दे दिया है। कोली (अन्य पिछड़ा वर्ग) समुदाय से ताल्लुक रखने वाले विधायक ने कहा कि वह एक साधारण आप कार्यकर्ता के रूप में काम करना जारी रखेंगे। यह पूछे जाने पर कि क्या वह विधायक पद से भी इस्तीफा देने की योजना बना रहे हैं, मकवाना ने कहा कि वह अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों से सलाह-मशविरा करने के बाद कोई निर्णय लेंगे, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उन्हें परेशानी न हो। 
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AAP के उपचुनाव जीतने के ठीक तीन दिन बाद फैसला
इस कदम के तुरंत बाद गुजरात आप अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने एक बयान जारी कर मकवाना के निलंबन की घोषणा की। मकवाना 182 सदस्यीय राज्य विधानसभा के लिए 2022 के चुनावों में पहली बार चुने गए पांच आप विधायकों में से एक थे। उनकी अचानक घोषणा आप नेता गोपाल इटालिया की ओर से जूनागढ़ जिले की विसावदर सीट पर भाजपा उम्मीदवार किरीट पटेल को हराकर उपचुनाव जीतने के ठीक तीन दिन बाद हुई। 

उपचुनाव में कैसे रहे थे परिणाम?
2022 के विधानसभा चुनावों में आप के भूपेंद्र भयानी विसावदर में विजयी हुए, लेकिन दिसंबर 2023 में भयानी के इस्तीफा देने और सत्तारूढ़ भाजपा में शामिल होने के बाद यह सीट खाली हो गई। हाल ही में हुए उपचुनाव में पूर्व राज्य आप प्रमुख इटालिया ने भाजपा के किरीट पटेल को 17,554 मतों के अंतर से हराया। हालांकि, आप को अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित मेहसाणा के कादी निर्वाचन क्षेत्र में हार का सामना करना पड़ा, जहां पार्टी के उम्मीदवार जगदीश तीसरे स्थान पर रहे। भाजपा ने यह सीट बरकरार रखी, जबकि कांग्रेस दूसरे स्थान पर रही। 

'महत्वपूर्ण पद देने की बात आने पर हमेशा पिछड़े वर्गों की अनदेखी'
गांधीनगर में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मकवाना ने आरोप लगाया कि सभी पार्टियां, चाहे वह भाजपा हो, कांग्रेस हो या आप, मुख्यमंत्री या पार्टी अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद देने की बात आने पर हमेशा पिछड़े वर्गों की अनदेखी करती हैं। उन्होंने दावा किया, 'गुजरात में कोली समेत ओबीसी की आबादी सबसे ज्यादा है। करीब 30 साल तक सत्ता में रहने के बावजूद भाजपा ने कभी किसी ओबीसी को गुजरात का मुख्यमंत्री या पार्टी अध्यक्ष नहीं बनाया। कांग्रेस भी कोली और अन्य पिछड़े वर्गों से जुड़े मुद्दे उठाने में विफल रही।

'ओबीसी नेताओं को सिर्फ चुनाव के दौरान ही महत्व दिया जाता है'
मकवाना ने आरोप लगाया कि पार्टियां चाहे जो भी हों, ओबीसी नेताओं को सिर्फ चुनाव के दौरान ही महत्व दिया जाता है, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद उन्हें दरकिनार कर दिया जाता है। उन्होंने दावा किया कि आप भी पिछड़े वर्गों से जुड़े मुद्दे उठाने में विफल रही है। मकवाना ने कहा, 'चाहे गुजरात की राजनीति हो या राष्ट्रीय राजनीति, अगर पार्टी उनके दिखाए रास्ते पर नहीं चल सकती तो दफ्तरों में डॉ. बीआर आंबेडकर की तस्वीर लगाने का कोई मतलब नहीं है।' 


सभी ओबीसी नेताओं की बैठक बुलाई
उन्होंने कहा, 'इसलिए मैं पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे रहा हूं। मैं बोटाद में अपने लोगों से सलाह-मशविरा करने के बाद विधायक पद छोड़ने का फैसला लूंगा। मैंने आने वाले दिनों में सभी ओबीसी नेताओं की बैठक बुलाई है, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। उस बैठक के बाद मैं अपनी भविष्य की योजनाओं के बारे में बताऊंगा।' 

जगदीश चावड़ा के खिलाफ पक्षपात करने का आरोप
मकवाना ने आप के राष्ट्रीय और स्थानीय नेतृत्व पर कादी सीट पर पार्टी के दलित उम्मीदवार जगदीश चावड़ा के खिलाफ पक्षपात करने का आरोप लगाया, जो चुनाव हार गए। उन्होंने कहा, 'पार्टी नेताओं ने केवल विसावदर चुनाव पर ध्यान केंद्रित किया और वहां सभी संसाधन लगाए, क्योंकि गोपाल इटालिया पाटीदार हैं। दूसरी ओर हमारे कादी उम्मीदवार जगदीश चावड़ा को कोई मदद नहीं मिली, क्योंकि वह दलित हैं। चावड़ा ने चुनाव लड़ने के लिए 10 लाख रुपये का कर्ज लिया। ऐसा भेदभाव क्यों?'

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