जीएसटी काउंसिल बैठक: सीजीएसटी और एसजीएसटी पर सहमति, दोहरे नियंत्रण पर अब भी टकराव
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वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की बृहस्पतिवार एवं शुक्रवार को यहां हुई 7वीं बैठक में सीजीएसटी कानून, एसजीएसटी और जीएसटी मुआवजा कानूनों पर तो सहमति बन गई, लेकिन दोहरे नियंत्रण (डुएल कंट्रोल) और आईजीएसटी पर सहमति नहीं बन सकी। अब इन बचे हुए मसलों पर परिषद की अगली बैठक में चर्चा होगी जो आगामी तीन एवं चार जनवरी को प्रस्तावित है।
परिषद की 22-23 दिसंबर को हुई बैठक के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि राज्यों के मुआवजे को लेकर सहमति बनाने की कोशिश की गई है। उन्होंने बताया कि अन्य सभी मसलों पर लगभग सहमति बन चुकी है।
केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) और राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) पर प्रारंभिक ड्राफ्ट तैयार किया गया है। इन पर जो कुछ संशोधन आए, उसे शामिल कर मसौदा अगली बैठक में लाया जाएगा।
केंद्र सरकार सर्विस टैक्स देने वाले कारोबारी पर चाहती है नियंत्रण
जेटली ने कहा कि अधिकांश मसलों को हल कर लिया गया है। इसके सशक्तीकरण और दोहरे नियंत्रण को लेकर बात चल रही हैं। जीएसटी लागू होने के बाद राज्यों को होने वाले राजस्व के नुकसान की भरपाई हर दो माह में की जाएगी, इस पर सहमति बनी है। मुआवजे का प्रारंभिक ड्राफ्ट तैयार करके उसे मंजूर किया गया है। गौरतलब है कि पहले तीन माह में नुकसान की भरपाई की बात थी।
जीएसटी परिषद की अगली बैठक 3-4 जनवरी 2017 को होगी। इसमें दोहरे नियंत्रण और आईजीएसटी को लेकर चर्चा की जाएगी। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार सर्विस टैक्स देने वाले कारोबारी पर नियंत्रण चाहती है, जबकि राज्य 1.5 करोड़ टर्नओवर के सभी कारोबारी पर नियंत्रण चाहते हैं।
नरेंद्र मोदी सरकार अगले साल एक अप्रैल से एक देश, एक टैक्स यानी वस्तु एवं सेवा कर लागू करना चाहती है। अब दिसंबर लगभग बीत चुका है और सरकार के पास इस दिशा में काम करने के लिए महज तीन महीने बचे हैं इसलिए सब कुछ बेहद कम समय में करना होगा। यह भी उल्लेखनीय है कि जीएसटी काउंसिल की पिछली तीन बैठकों में दोहरे नियंत्रण पर सहमति नहीं बन पाई है।