इसरो की नई कामयाबी, GSAT-18 सफलता पूर्वक प्रक्षेपित
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारतीय उपग्रह GSAT-18 को ले जाने वाले यूरोपीय एरियन 5 रॉकेट का गुरुवार सुबह फ्रेंच गयाना से सफलतापूर्वक प्रक्षेपित कर दिया गया। हालांकि इस रॉकेट का प्रक्षेपण बुधवार को होना था लेकिन, मौसम ठीक न होने के कारण इसे गुरुवार को 24 घंटे बाद लॉन्च किया गया।
भारतीय समयानुसार दो बजे सुबह यूरोपीय एरियन 5 रॉकेट छोड़ा गया। आपको बता दें कि GSAT-18 एक टेलिकम्युनिकेशन सैटलाइट है और जिसका निर्माण भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने किया है। इसरो के अनुसार, 48 ट्रांसपोंडर के साथ GSAT-18 देश का नवीनतम संचार उपग्रह है, जो संचार संकेतों को प्राप्त करने के साथ-साथ भेज भी सकता है।
इसका वजन 3,404 किलोग्राम है। इसरो के मुताबिक यह 15 साल तक कक्षा में काम करने में सक्षम है। इस समय इसरो के 14 संचार उपग्रह काम कर रहे हैं।
पीएम नरेंद्र मोदी ने दी बधाई
GSAT-18 इसरो का 20वां सैटेलाइट है जिसे यूरोपियन स्पेस एजेंसी द्वारा लॉन्च किया गया है। इस समय इसरो अपने भारी उपग्रहों को ले जाने के लिए एरियन -5 रॉकेट पर निर्भर है। हालांकि इसरो इससे निजात पाने के लिए जीएसएलवी एमके III विकसित कर रहा है। एरियनस्पेस के लिए यह इस साल आठवां लॉन्च मिशन है।
भारतीय संचार उपग्रह के अलावा एरियन-5 रॉकेट ऑस्ट्रेलियाई स्काई मस्टर द्वितीय उपग्रह को भी अपने साथ ले गया है। इसरो की इस कामयाबी के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने भी बधाई दी है। उन्होंने ट्वीट कर इसरो को बधाई दी।
Congratulations to @isro for successfully launching the communication satellite, GSAT-18. This is another milestone for our space programme.
— Narendra Modi (@narendramodi) October 6, 2016