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प्रधानों की मौज! अब गर्भवतियों को ‘बांटेंगे’ दूध, दही
रंजीत ठाकुर/अमर उजाला, मुरादाबाद
Updated Fri, 01 Jul 2016 02:53 AM IST
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बच्चों में बढ़ते कुपोषण को रोकने के लिए सरकार ने अब गर्भवती महिलाओं को रोजाना पौष्टिक आहार खिलाने का निर्णय लिया है। इसके लिए हौसला पोषण योजना शुरू की गई है। आंगनबाड़ी केंद्र पर रोजाना गर्भवती महिलाओं के लिए खाना तैयार किया जाएगा। इसके लिए सभी तैयारियां कर ली गई हैं।
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10 जुलाई से महिलाओं को खाना मिलना शुरू हो जाएगा। खाने के साथ सप्ताह में तीन दिन फल, दूध, दही भी दिया जाएगा। खाना बनवाने की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान की होगी।
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वैसे तो यह योजना गर्भवती महिलाओं के लिए बेहद हितकारी है, बस अब सब कुछ सिस्टम पर निर्भर है कि असल फायदा उन्हें मिल जाए। वरना मिड डे मील की तरह इसका हश्र हुआ तो प्रधान किसे दूध, दही, घी पिलाएंगे, उसकी धरपकड़ में ही सारी ऊर्जा खर्च हो जाएगी।
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योजना के तहज खाना आंगनबाड़ी केंद्र पर ही बनेगा और गर्भवती महिलाओं को यहीं खाना पड़ेगा। खाना खाने के साथ महिलाओं को रोजाना फल और लाल रंग की आयरन की गोली भी खिलाई जाएगी। गर्भवती महिलाओं को जो खाना खिलाया जाएगा उससे उन्हें 56 प्रतिशत ऊर्जा और 57 प्रतिशत प्रोटीन मिलेगा। इस योजना के लिए राज्य सरकार ने 500 करोड़ रुपये का बजट पास किया है।
इस कारण शुरू की योजना
कुपोषण रोकने के लिए किए गए सभी प्रयासों के असफल हो जाने के बाद यह निर्णय लिया गया है। राज्य में मात्र 4.3 प्रतिशत महिलाएं ही आयरन की गोलियां खाती हैं। राज्य में 22.5 प्रतिशत बच्चे ऐसे हैं जिनका जन्म के समय वजन 2.5 किग्रा से कम है।
ऐसे में कुपोषित बच्चों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है। प्रदेश में हर दूसरी गर्भवती महिला एनीमिया से ग्रसित है। 2016 में प्रदेश में लगभग एक लाख से अधिक गर्भवती महिलाएं हाई रिस्क प्रेगनेंसी की श्रेणी में चिन्हित हुईं।
बच्चों को पिलाएंगे घी
इस योजना के अंतर्गत अति कुपोषित बच्चों को रोजना फल, चना, बिस्किट और 20 ग्राम घी भी पिलाई जाएगी। इसमें 0 से 6 साल तक के बच्चों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। जनपद में अभी 16 हजार कुपोषित बच्चों को चिन्हित किया गया है।
30 हजार से अधिक गर्भवती महिलाओं को मिलेगा लाभ
जनपद में कुल 2742 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। प्रत्येक केंद्र में लगभग 10 से 12 महिलाएं गर्भावस्था में चिन्हित हैं। इस तरह करीब 30 हजार महिलाओं को इस योजना के तहत पौष्टिक आहार मिलेगा।
वर्जन: इस योजना का उद्देश्य कुपोषण को रोकना है। योजना को धरातल पर लागू करने के लिए सभी तैयारियां कर ली गई हैं। 10 जुलाई से योजना के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं को भोजन मिलना शुरू हो जाएगा।
अनुपमा शाडिल्य, जिला कार्यक्रम अधिकारी।
अति कुपोषित बच्चों को भी दिया जाएगा पौष्टिक आहार
फल, चना, बिस्किट के साथ मिलेगा 20 ग्राम घी, राज्य में बढ़ते कुपोषण को रोकने के लिए शुरू की है हौसला पोषण योजना, इस योजना के लिए 500 करोड़ का है बजट, महिला एवं बाल विकास कर रहा है योजना का संचालित, 10 जुलाई से शुरू होगा खाना खिलाने का काम, ग्राम प्रधान की निगरानी में बंटेगा भोजन, देश के किसी राज्य में कुपोषण रोकथाम के लिए इतने बड़े स्तर पर नहीं चलाई गई है योजना।