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जंगली जानवरों ने किया फसल का नुकसान तो मिलेगा मुआवजा

Sun, 29 May 2016 01:16 AM IST
विवेक मिश्रा / अमर उजाला, दिल्ली
विवेक मिश्रा / अमर उजाला, दिल्ली Updated Sun, 29 May 2016 01:16 AM IST
सार

  • पर्यावरण मंत्रालय ने प्रस्ताव कृषि मंत्रालय को भेजा
  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में जल्द हो सकता है प्रावधान

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Govt to reimburse farmers if wild animal destroys crop!
हाथी - फोटो : amar ujala

विस्तार

अब उन किसानों को शीघ्र राहत मिल सकती है जिनकी फसल जंगली हाथियों द्वारा रौंदकर खराब कर दी जाती है या फिर नीलगाय या अन्य किसी जंगली जीव बर्बाद कर देते है। ऐसी दशा में किसान फसल के नुकसान की भरपाई सरकार से हासिल कर पाएंगे। इस सुविधा के लिए पर्यावरण मंत्रालय की ओर से कवायदें तेज हो गई हैं। सुविधा को अमल में लाने के लिए पर्यावरण मंत्रालय ने इसी महीने एक औपचारिक प्रस्ताव कृषि मंत्रालय को भेजा है।

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पर्यावरण मंत्रालय की ओर से कृषि मंत्रालय को भेज गए इस प्रस्ताव में कहा गया है कि जल्द से जल्द इस प्रावधान को भी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अधीन शामिल किया जाए ताकि किसानों को वन जीवों के कारण होने वाली फसल नुकसान की भरपाई भी हासिल हो सके। प्रस्ताव में यह भी अपील की गई है कि किसानों को  राहत तय समय के भीतर मुहैया कराई जानी चाहिए।
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पर्यावरण मंत्रालय का वन्यजीव प्रभाग भी प्रधानमंत्री फसल बीमा स्कीम में शामिल हो सकता है। वहीं, पर्यावरण मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि उनके प्रस्ताव पर कृषि मंत्रालय का रुख सकारात्मक है। वह इस प्रस्ताव के बाद फसल बीमा की मौजूदा गाइडलाइनों में बदलाव की तैयारी कर रहा है। नए नियम और मानकों को तय करने के लिए बीमा कंपनियों को भी आमंत्रित किया जाएगा।
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पर्यावरण मंत्रालय ने अपने भेजे गए प्रस्ताव में कहा है कि लगातार जंगली की जमीनों के लैंड-यूज बदले जाने से वन जीवों और आबादी के बीच संघर्ष में बढ़ोतरी हुई है। खासतौर से हाथियों के लिए जंगलों में मौजूद करीब 70 फीसदी से ज्यादा रास्ते संरक्षित इलाके से बाहर आते हैं। इसकी वजह से हाथी न सिर्फ रास्ता बदलकर आबादी की ओर रूख कर जाते हैं बल्कि फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान भी पहुंचाते हैं।


यही वजह है कि कई बार आबादी और हाथियों के बीच संघर्ष भी होता है। अनुमान के मुताबिक इस बढ़ते संघर्ष के कारण प्रतिवर्ष 400 लोगों और 100 हाथियों की मौत हो जाती है। यह नुकसान दोनों तरफ है। वहीं जंगली जीवों के कारण फसलों का नुकसान अनुमानित 200 से 400 करोड़ रुपये तक होता है। 

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