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Manipur Unrest: मणिपुर हिंसा के बीच बड़ा फैसला, म्यांमार से आने वाले शरणार्थियों की होगी बायोमेट्रिक जांच

Fri, 28 Jul 2023 02:30 AM IST
गुलाम अहमद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गुलाम अहमद Updated Fri, 28 Jul 2023 02:30 AM IST
सार

साथ ही सरकार ने भारत-म्यांमार की पूरी सीमा पर बाड़ लगाने के प्रयास बड़े पैमाने पर शुरू किए हैं। अब तक मणिपुर-मिजोरम सीमा पर 10 किलोमीटर इलाके में ही बाड़बंदी की जा सकी है।
 

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Govt to collect biometrics of refugees from Myanmar crossing into India Amid Manipur unrest
प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

मणिपुर में नस्ली हिंसा के बीच केंद्र सरकार ने पूर्वोत्तर के लिए दो बड़े निर्णय किए हैं। सरकार ने तय किया है कि म्यांमार से आने वाले लोगों की बायोमैट्रिक जांच कर डाटा यूआईडीएआई से जोड़ दिया जाए, ताकि वह भारत में नागरिकता या मतदाता सूची में नाम न दर्ज करा पाएं। इसके अलावा सरकार ने भारत-म्यांमार की पूरी सीमा पर बाड़ लगाने के प्रयास बड़े पैमाने पर शुरू किए हैं। अब तक मणिपुर-मिजोरम सीमा पर 10 किलोमीटर इलाके में ही बाड़बंदी की जा सकी है।
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मणिपुर में घुसे म्यांमार के 718 नागरिक   
इससे पहले, दावा किया गया था कि कुकी और मैतेई समुदाय के बीच जारी तनाव के बीच सीमा पर चौकसी के बावजूद पिछले हफ्ते म्यांमार के 718 नागरिक मणिपुर में अवैध तरीके से घुस गए। इनमें 209 पुरुष, 208 महिलाएं और 301 बच्चे शामिल हैं। इस मामले में सरकार ने असम राइफल्स से रिपोर्ट मांगी है।
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गृह मंत्रालय के मुख्य सचिव विनीत जोशी ने असम राइफल्स से पूछा है कि कैसे म्यांमार के नागरिकों को बिना वैध दस्तावेज के भारत में घुसने दिया गया। उन्होंने असम राइफल्स को ऐसी किसी भी घुसपैठ की कोशिश को रोकने और उन्हें वापस भेजने को कहा। गृह मंत्रालय के मुताबिक,  22 और 23 जुलाई को म्यांमार सीमा से सबसे ज्यादा लोग मणिपुर के चंदेल जिले में घुसे।
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जोशी ने कहा, मुख्यालय 28 सेक्टर असम राइफल्स से रिपोर्ट मिली है कि 718 शरणार्थी भारत-म्यांमार सीमा को पारकर न्यू लाजांग के आम क्षेत्र में घुस आए हैं। मुख्य सचिव ने कहा, राज्य सरकार ने असम राइफल्स को उन 718 अवैध म्यांमार नागरिकों को तुरंत वापस भेजने को कहा है। मुख्य सचिव ने चंदेल जिले के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने और ऐसे सभी व्यक्तियों की बायोमेट्रिक्स पहचान और तस्वीरें भी रखने को कहा है। बता दें कि मणिपुर म्यांमार के साथ 398 किमी लंबी खुली सीमा साझा करता है। म्यांमार का चिन समुदाय मणिपुर के कुकी के साथ पारंपरिक संबंध साझा करते हैं।

विश्वास बहाली के लिए बातचीत जारी
हिंसाग्रस्त राज्य में विश्वास बहाली के लिए सरकार मैतेई और कुकी, दोनों समुदायों से बात कर रही है। असम में छह-छह दौर की वार्ता हो चुकी है। इस बीच, कुकी प्रतिनिधि मंडल दिल्ली में गृह मंत्री शाह से भी मुलाकात कर चुका है। 35 हजार जवान तैनात : मणिपुर में सेना व अर्धसैनिक बल के करीब 35 हजार, जवान तैनात हैं। राज्य में अब दवा और अन्य वस्तुओं की आपूर्ति नियमित रूप से हो रही है। आवश्यक चीजों की आपूर्ति भी नियंत्रण में है।


याचिका सीजेआई के पास
सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर हिंसा व महिलाओं से बर्बरता की जांच रिटायर्ड जज की अध्यक्षता वाली कमेटी से कराने की मांग से जुड़ी याचिका को सीजेआई के पास भेज दी। इसे जस्टिस एसके कौल व जस्टिस सुधांशु धूलिया की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किए जाने का उल्लेख था।
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