सरकार का दावा-जम्मू-कश्मीर में आईएस की मौजूदगी नहीं
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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आईएसआईएस का झंडा लहराने वालों के खिलाफ कानून के तहत उपयुक्त कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि साल 2015 में इस तरह के आठ मामले सामने आए थे। 2016 में इस तरह की 31 और 2017 में 5 घटनाएं हुईं। हालांकि 22 जून 2018 को आईएस की विचारधारा से प्रभावित संगठन आईएसजेके के चार आतंकवादियों को अनंतनाग जिले में मार गिराया गया था।
एक अन्य सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राज्य में 20 जून का राज्यपाल शासन लगाए जाने के बाद से पत्थरबाजी की घटनाओं में 176 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त आतंकी हिंसा की 39 वारदातों में सुरक्षा बलों के आठ जवान शहीद हुए और तीन नागरिकों की जान गई।
इन घटनाओं में 14 आतंकी भी मारे गए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में साल 2017 में 213 आतंकी मारे गए। इसमें 86 स्थानीय आतंकी शामिल थे। राज्य में साल 2016 में 33 स्थानीय आतंकियों समेत 150 आतंकी मारे गए थे।