फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Govt planning to develop water transport in the Ganges as in China

चीन की तर्ज पर गंगा में जल परिवहन को विकसित करने की तैयारी

Mon, 19 Dec 2016 03:34 AM IST
जयेंद्र चतुर्वेदी/ अमर उजाला, वाराणसी
जयेंद्र चतुर्वेदी/ अमर उजाला, वाराणसी Updated Mon, 19 Dec 2016 03:34 AM IST
विज्ञापन
Govt planning to develop water transport in the Ganges as in China

अगले साल से गंगा में चीन की तर्ज पर इलाहाबाद से हल्दिया के बीच ऐसे जलपोत चलाए जाएंगे, जिन पर एक ही बार में 300 से 500 कारें भेजी जा सकेंगी। बेल्जियम की एक कंपनी को डिजाइन तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। फरवरी तक यह कंपनी फाइनल डिजाइन तैयार कर आईडब्ल्यूएआई (इनलैंड वाटरवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया) को सौंप देगी। 

विज्ञापन


गंगा में माल ढुलाई के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इलाहाबाद से हल्दिया(पश्चिम बंगाल) के बीच जलमार्ग विकसित किया जा रहा है। काम भी शुरू हो गया है। 4200 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के प्रथम चरण में वाराणसी से हल्दिया को विकसित किया जा रहा है। 
विज्ञापन


वाराणसी में केंद्रीय सड़क एवं जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने जलपोत वीवी गिरि से कोलकाता के लिए 24 मारुति कारें भेजी थी। वासुदेव नामक जलपोत से भवन निर्माण सामग्री भेजी गई थी। इसमें अपेक्षित लाभ नहीं मिलने के कारण दोनों जलपोत दोबारा वाराणसी नहीं आए। इसके मद्देनजर हाल ही में आईडब्ल्यूएआई की टीम चीन के दौरे पर गई थी। जहां उसने जल परिवहन की बारीकियों को देखा और उस पर मंथन किया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


टीम का नेतृत्व कर रहे परियोजना निदेशक प्रवीर पांडेय ने बताया कि चीन का जल परिवहन विकसित है, वहां चलने वाले जलपोतों की भार वहन क्षमता ज्यादा है। इसी तर्ज पर गंगा में कम जल स्तर में ज्यादा क्षमता के जलपोत चल सकें, इसके लिए बेल्जियम की संस्था से करार किया गया है। फरवरी में डिजाइन मिल जाने के बाद ऐसे जलपोत का निर्माण शुरू हो जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed