#नोटबंदी का 20वां दिन: ढाई लाख जमा करने वालों पर भी इनकम टैक्स की नजर
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नोटबंदी के बाद अपने खातों में ढाई लाख तक की रकम जमा करने के बाद जो लोग निश्चिंत होकर बैठे हैं जल्द ही उनकी नींद उड़ सकती है आयकर विभाग कभी भी उन्हें नोटिस जारी कर रकम के स्रोत के बारे में पूछताछ कर सकता है।
इकॉनामिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार सरकार इस संबंध में जल्द ही एक अमेंडमेंट संसद में पेश कर सकती है, जिसमें 500 और 1000 के नोट की शक्ल में जमा किए गए बेनामी धन पर 50 फीसदी टैक्स के अलावा जमा रकम में से 25 फीसदी को जीरो फीसदी ब्याज पर चार साल के लॉक किया जा सकता है। इसमें से सिर्फ 25 फीसदी रकम को अपनी जरूरत के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
इस स्कीम के तहत खातों में एक सीमा से परे जमा कराई गई बड़ी रकम पर सरकार पूरा ब्याज वसूलने की तैयारी में है। नोटबंदी के बाद जिस तरह लोग बेहिसाब रकम अपने खाते में जमा कर रहे हैं उसके तहत उन्हें यह छूट दी जाएगी कि वो जमा रकम पर 50 फीसदी टैक्स जमा कर 25 फीसदी रकम को जीरो फीसदी ब्याज पर बैंक में जमा रख सकते हैं।
परिवार के चार सदस्यों के खाते में अलग अलग रकम डालने की आशंका
टैक्स विभाग के अधिकारी रद हुए नोटों वाले सभी बड़े लेनदेन पर निगाह रख रहे हैं, ताकि यह देखा जा सके कि यह रकम अनकाउंटेड तो नहीं है कहीं परिवार के लोगों के खाते में अलग अलग रकम जमा तो नहीं कर दी गई है।
एक अधिकारी ने बताया कि 2.5 लाख रुपये तक की रकम जमा करने पर छूट है लेकिन कोई ऐसी रकम को हिस्सो में बांटकर परिवार के अलग अलग सदस्यों के खाते में रकम जमा करा दे तो फिर उसे देखना पड़ेगा।
राजस्व सचिव हंसमुख अधिया ने भी कुछ दिन पहले कहा था कि हम 10 नवंबर से 30 दिसंबर तक ढाई लाख से ज्यादा रकम के सभी ट्रांजेक्शन पर निगाह रखेंगे। इस बात का मिलान किया जाएगा कि उक्त व्यक्ति कितना इनकम टैक्स फाइल करता है, कमी मिलने पर आरोपी के खिलाफ तुरंत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
ये भी खबरें हैं कि प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खोले गए खातों में भी लोग काफी संख्या में बेनामी रकम जमा करा रहे हैं। जिसमें 9 नवंबर से 23 नवंबर तक कुल 27 हजार करोड़ से ज्यादा की रकम जमा कराई जा चुकी है। साफ है कि कुछ लोग गरीबों के खाते का इस्तेमाल अपने कालेधन को सफेद करने में कर रहे हैं।