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एनआरसी में छूटे भारतीयों को वर्क परमिट देने पर गहन मंथन में जुटी सरकार

Sun, 18 Nov 2018 04:16 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 18 Nov 2018 04:16 AM IST
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Governments intense churn on giving work permits to Indians who left in NRC
NRC Assam
असम में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनआरसी) में शामिल होने से चूक गए 40 लाख लोगों के कारण पैदा होने वाली स्थिति पर शनिवार को सरकार के शीर्ष स्तर पर चर्चा की गई। यह बैठक उन खबरों के बीच की गई है, जिनमें बताया गया था कि एनआरसी से छूटे वास्तविक भारतीयों को सरकार वर्क परमिट उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है।  बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने एनआरसी में नाम शामिल कराने के लिए आपत्ति और दावे देने की समयसीमा 15 दिसंबर तय की हुई है। 
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गृहमंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, असम के मुख्यमंत्री सरवानंद सोनोवाल की मौजूदगी वाली बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय गृह सचिव राजीव गाबा और आईबी निदेशक राजीव जैन भी शामिल हुए। बैठक में शामिल एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि बैठक में एनआरसी में सभी वास्तविक भारतीयों को शामिल करने के लिए उठाए जाने वाले आवश्यक कदमों पर ही चर्चा की गई। 
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‘विदेशी’ भारतीयों को नागरिकता देने पर भी विचार

साथ ही बैठक के दौरान केंद्र सरकार की तरफ से बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान  से आए हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, ईसाई और पारसियों को भारतीय नागरिकता देने के लिए नागरिकता कानून में संशोधन करने की संभावना पर भी विचार किया गया। इसके लिए ड्राफ्ट किए गए बिल में इन देशों से आने वाले उन सभी भारतीयों को नागरिकता देने का प्रावधान किया गया है, जो 6 साल से भारत में रह रहे हैं। अभी तक ये समयसीमा 12 साल है। साथ ही इसके लिए ऐसे लोगों को कोई उपयुक्त कागजात पेश करने की बाध्यता भी खत्म की जा रही है। फिलहाल एक संयुक्त संसदीय समिति इस बिल के प्रावधानों का निरीक्षण कर रही है, जिसकी रिपोर्ट 11 दिसंबर से शुरू हो रहे संसद के शीत सत्र में पेश कर दिए जाने की संभावना है।

असम में हो रहा है नागरिकता कानून संशोधन का विरोध

असम में जनता का एक बड़ा वर्ग नागरिक कानून संशोधन बिल का विरोध कर रहा है। इनका कहना है कि ऐसा किए जाने पर 1985 के असम समझौते के वे प्रावधान खत्म हो जाएंगे, जिनमें अवैध प्रवासियों को नागरिकता देने के लिए 24 मार्च 1971 की कट ऑफ तारीख तय की गई है।
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