1 करोड़ परिवारों को गरीबी से निजात दिलाएगी सरकार
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सरकार ने बजट में साल 2019 यानी महात्मा गांधी की 150वीं जयंती तक एक करोड़ परिवारों को गरीबी से निजात दिलाने, 50 हजार ग्राम पंचायतों को गरीबी मुक्त बनाने के लिए अंत्योदय मिशन पर काम करेगी। बजट में मौद्रिक पहलुओं को संयमित रखकर ग्रामीण क्षेत्र के विकास, बुनियादी अवसंरचना को बढ़ावा देने और गरीबी उन्मूलन के लिए ज्यादा धन खर्च करने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है।
सिंचाई कोष का तोहफा
सरकार ने पांच हजार करोड़ रुपये की संचित निधि से एक सूक्ष्म सिंचाई कोष स्थापित करेगी। इसके साथ ही कुल 40 हजार करोड़ रुपये की संचित निधि से दीर्घ अवधि सिंचाई कोष भी स्थापित किया जाएगा। बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि संविदा खेती को लेकर कानून तैयार किया जाएगा और इसे राज्यों को भी भेजा जाएगा, ताकि वे इसे अपना सकें।
डेरी विकास
बजट में सरकार ने ग्रामीणों की लाइफ लाइन कही जाने वाली डेरी के विकास के लिए भी अहम कदम उठाया है। इसके तहत तीन साल में आठ हजार करोड़ रुपये की संचित निधि से नाबार्ड में एक दुग्ध प्रसंस्करण एवं अवसंरचना निधि की स्थापना की जाएगी। इस निधि की शुरुआत 2,000 करोड़ रुपये की संचित निधि से की जाएगी।
महिला सशक्तिकरण केंद्रों की स्थापना
महिला सशक्तिकरण केंद्रों की स्थापना
सरकार ने बजट में महिला सशक्तिकरण की दिशा में कदम उठाया है। इसके लिए ग्रामीण स्तर पर महिला शक्ति केंद्रों की स्थापना की जाएगी, जो महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए काम करेंगे।
इनमें ग्रामीण महिलाओं को कौशल विकास, रोजगार, डिजिटल साक्षरता, स्वास्थ्य एवं पोषण आदि की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। सरकार ने महिला एवं बाल कल्याण के लिए बजट 1,56,528 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2017-18 में 1,84,632 करोड़ रुपये प्रस्तावित किया है।
प्रधानमंत्री की ओर से 31 दिसंबर 2016 को गर्भवती महिलाओं के लिए की गई घोषणा को दोहराते हुए वित्तमंत्री जेटली ने कहा कि अस्पतालों में बच्चे को जन्म देने और बच्चे का पूर्ण टीकाकरण कराने वाली गर्भवती महिलाओं के बैंक खातों में देशभर में करीब छह हजार करोड़ रुपये हस्तांतरित किए जाने का प्रस्ताव है।