{"_id":"5b2eea854f1c1bb06e8b97d6","slug":"government-to-ban-big-terrorists-genitals-in-the-valley","type":"story","status":"publish","title_hn":"घाटी में सख्त कार्रवाई का फैसला- बड़े आतंकियों के जनाजों पर प्रतिबंध लगाएगी सरकार","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
घाटी में सख्त कार्रवाई का फैसला- बड़े आतंकियों के जनाजों पर प्रतिबंध लगाएगी सरकार
गुंजन कुमार, नई दिल्ली
Updated Sun, 24 Jun 2018 06:19 AM IST
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फाइल फोटो
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कश्मीर में सैन्य कार्रवाई में मारे जाने वाले शीर्ष स्थानीय आतंकियों के जनाजे पर रोक लगाने की व्यापक योजना तैयार की जा रही है। इस योजना केलागू हो जाने पर सुरक्षा एजेंसियां कुख्यात आतंकियों केशव उसके घरवालों को नहीं सौंप उसे खुद दफन कर देगी। इसी योजना के तहत मारे गए नए आतंकियों की शव यात्रा में भड़काऊ भाषण देने वालों और आतंकवाद के पक्ष में एके-47 चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का फैसला ले लिया गया है। इन शव यात्रा में एक निश्चित संख्या से अधिक भीड़ को रोकने के उपायों पर भी काम चल रहा है।
गौरतलब है कि सीजफायर से पहले स्थानीय आतंकियों की शव यात्रा में शामिल होने वाले करीब 125 लड़केआतंकवाद के महिमामंडल और उसकेमाहौल से प्रभावित हो कर बंदूक उठा चुकेहैं। सुरक्षा एजेसियों के उच्चपदस्थ सूत्रों ने बताया कि यह स्थिति कोई संयोग नहीं बल्कि पूरी योजना के तहत की गई करतूतों का नतीजा है। सूत्रों के मुताबिक इन घटनाओं में स्थानीय लोगों की संलिप्तता के चलते इसपर सख्ती की योजना के खिलाफ जबरदस्त राजनीतिक हस्तक्षेप हुआ था। लेकिन अब राज्यपाल शासन लागू होने केबाद इसे अमल में लाने का फैसला लिया गया है।
सूत्रों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस को यह निर्देश दिया गया है कि शव यात्रा केदौरान आतंकवादी को शहीद बताने वालों और भड़काऊ भाषण से युवकों को आकर्षित करने वालों की पहचान कर उसकेखिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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सूत्रों ने बताया कि आतंकवादियों केशव घर वालों को नहीं सौंपने का मसला काफी संवेदनशील है। लिहाजा सुरक्षा एजेंसियां इसके सामाजिक और धार्मिक नजरिए से भी नफा नुकसान का आंकलन कर रही है। यह काम सिर्फ वैसे आतंकवादियों के मामले में किया जाएगा जिसके उपर बड़ा ईनाम घोषित है। कई वारदात कर चुकेऔर सोशल मीडिया पर सक्रिय आतंकवादियों के मामले में भी यही कार्रवाई किए जाने की योजना है।
सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकवाद का दामन थामने वाले नए 25 आतंकवादियों की प्रोफाइलिंग करवाई थी। इससे पता लगा कि उनमें से ेज्यादातर युवक शव यात्रा केमाहौल से प्रभावित हो कर आतंकवाद का दाम थाम लिया। घाटी में मौजूद पाकिस्तानी तंत्र इन लड़कों को फौरन बंदूक थमा कर उसकेफोटो सोशन मीडिया पर वायरल कर देते हैं। इससे उसके आसपास रहने वाले अन्य लड़कों की मानसिकता भी बुरी तरह प्रभावित होती है।
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गौरतलब है कि सीजफायर से पहले स्थानीय आतंकियों की शव यात्रा में शामिल होने वाले करीब 125 लड़केआतंकवाद के महिमामंडल और उसकेमाहौल से प्रभावित हो कर बंदूक उठा चुकेहैं। सुरक्षा एजेसियों के उच्चपदस्थ सूत्रों ने बताया कि यह स्थिति कोई संयोग नहीं बल्कि पूरी योजना के तहत की गई करतूतों का नतीजा है। सूत्रों के मुताबिक इन घटनाओं में स्थानीय लोगों की संलिप्तता के चलते इसपर सख्ती की योजना के खिलाफ जबरदस्त राजनीतिक हस्तक्षेप हुआ था। लेकिन अब राज्यपाल शासन लागू होने केबाद इसे अमल में लाने का फैसला लिया गया है।
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सूत्रों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस को यह निर्देश दिया गया है कि शव यात्रा केदौरान आतंकवादी को शहीद बताने वालों और भड़काऊ भाषण से युवकों को आकर्षित करने वालों की पहचान कर उसकेखिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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सूत्रों ने बताया कि आतंकवादियों केशव घर वालों को नहीं सौंपने का मसला काफी संवेदनशील है। लिहाजा सुरक्षा एजेंसियां इसके सामाजिक और धार्मिक नजरिए से भी नफा नुकसान का आंकलन कर रही है। यह काम सिर्फ वैसे आतंकवादियों के मामले में किया जाएगा जिसके उपर बड़ा ईनाम घोषित है। कई वारदात कर चुकेऔर सोशल मीडिया पर सक्रिय आतंकवादियों के मामले में भी यही कार्रवाई किए जाने की योजना है।
सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकवाद का दामन थामने वाले नए 25 आतंकवादियों की प्रोफाइलिंग करवाई थी। इससे पता लगा कि उनमें से ेज्यादातर युवक शव यात्रा केमाहौल से प्रभावित हो कर आतंकवाद का दाम थाम लिया। घाटी में मौजूद पाकिस्तानी तंत्र इन लड़कों को फौरन बंदूक थमा कर उसकेफोटो सोशन मीडिया पर वायरल कर देते हैं। इससे उसके आसपास रहने वाले अन्य लड़कों की मानसिकता भी बुरी तरह प्रभावित होती है।