{"_id":"5c6b8d2dbdec22737f733a15","slug":"government-survey-revealed-that-5-7-crore-indians-are-dependent-on-alcohol","type":"story","status":"publish","title_hn":"शराब की चपेट में हैं 5.7 करोड़ भारतीय, उत्तर प्रदेश में होता है सबसे ज्यादा नशा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
शराब की चपेट में हैं 5.7 करोड़ भारतीय, उत्तर प्रदेश में होता है सबसे ज्यादा नशा
Tue, 19 Feb 2019 10:29 AM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Tue, 19 Feb 2019 10:29 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकार का एक व्यापक सर्वेक्षण सामने आया है जिसमें सभी राज्यों को केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया है। इस सर्वे में बताया गया है कि 5.7 करोड़ भारतीय गंभीर रूप से शराब और ड्रग्स की चपेट में हैं। जिन्हें कि इलाज की जरुरत है। वहीं 72 लाख शख्स भांग का, 60 लाख लोग नशीले पदार्थों और 11 लाख लोग दर्दनिवारक गोलियों का इस्तेमाल करते हैं। यह संख्या ज्यादा हो सकती है।
विज्ञापन
इस सर्वे को 186 जिलों के 2 लाख घरों पर किया गया था। यह ड्रग और शराब की एक चिंताजनक तस्वीर दिखाता है। जिससे कि व्यक्तियों के स्वास्थ्य और आर्थिक उत्पादकता पर असर पड़ता है। सर्वे में 70,293 लोगों को अवैध दवाओं पर निर्भरता से पीड़ित पाया गया। भांग की वजह से प्रभावित लोग एक बढ़ती परेशानी हैं क्योंकि यह आसानी से शहरों और ग्रामीण इलाकों में मिल जाता है। इसे ड्रग का गेटवे (प्रवेशद्वार) माना जाता है। जिसके बाद व्यक्ति हार्ड ड्रग जैसे कि कोकिन और हीरोइन की तरफ जाता है। भांग की वजह से मूड और व्यक्तित्व विकार हो जाता है।
विज्ञापन
पहली बार महिला उपयोगकर्ताओं का डाटा भी इकट्ठा किया गया है। डाटा दिखाता है कि शराब का सेवन सबसे ज्यादा पुरुष 27.3 प्रतिशत करते हैं वहीं 1.6 प्रतिशत महिलाएं शराब पीती हैं। डाटा से पता चला है कि सभी राज्यों में 6.4 प्रतिशत महिलाएं शराब पर निर्भर हैं। छत्तीसगढ़, त्रिपुरा और पंजाब के आधे से ज्यादा पुरुष शराब उपयोगकर्ता हैं। यूपी में सबसे ज्यादा 4.2 करोड़ उपयोगकर्ता हैं। इसके बाद 1.4 करोड़ के साथ पश्चिम बंगाल और 1.2 करोड़ के साथ मध्यप्रदेश का नंबर आता है।
विज्ञापन
सर्वे से पता चला है कि अनुमानित 16 करोड़ उपयोगकर्ताओं में से 19 प्रतिशत शराब पर निर्भर करते हैं। शराब और ड्रग्स पर निर्भरता के अलावा 4.6 लाख बच्चे और 18 लाख वरिष्ठ नशीली दवाओं और इनहेलेंट्स पर निर्भर हैं। यह डाटा दिसंबर 2017 से अक्तूबर 2018 तक के बीच उपचार की सुविधाओं का अभाव भी दिखाता है। वहीं शराब पर निर्भर केवल 38 लोगों ने अपना इलाज करवाया है।