{"_id":"5ba38080867a55014042df2a","slug":"government-prepared-online-database-of-sex-offenders-for-first-time","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"महिला सुरक्षा की दिशा में सरकार का बड़ा कदम, देश में पहली बार यौन अपराधियों का ऑनलाइन डाटाबेस तैयार","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
महिला सुरक्षा की दिशा में सरकार का बड़ा कदम, देश में पहली बार यौन अपराधियों का ऑनलाइन डाटाबेस तैयार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 20 Sep 2018 04:42 PM IST
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यौन अपराध और महिला उत्पीड़न देश की प्रमुख समस्याओं में से एक है। लगातार बढ़ते जा रहे इन अपराधों पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने यौन अपराधियों का अलग डाटाबेस 'नेशनल डाटाबेस ऑफ सेक्सुअल ऑफेंडर्स' (एनडीएसओ ) तैयार किया है। भारत ऐसा करने वाला दुनिया का नौवां देश बन गया है। गृह मंत्री राजनाथ सिंह आज इसका उद्घाटन करेंगे। गृह मंत्रालय के ट्विटर हैंडल से यह जानकारी दी गई।
देश में बलात्कार की घटनाएं, महिलाओं पर हो रहे अत्याचार और यौन अपराधों के बढ़ते मामले देश के लिए चिंता का विषय हैं। इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने यह पहल की है। डाटाबेस में ऐसे अपराधियों का फोटो, पता, डीएनए, आधार कार्ड, फिंगर प्रिंट और पैन कार्ड से जुड़ी जानकारी फीड की जाएगी। यह रिकॉर्ड देश भर की जेलों से जुटाया गया है। गृह मंत्रालय के अंतर्गत नेशनल क्राइम रिकार्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) इस डाटाबेस को तैयार कर रहा है। एनसीआरबी ही यह डाटा विभिन्न जांच एजेंसियों को मुहैया कराएगा।
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देश में बलात्कार की घटनाएं, महिलाओं पर हो रहे अत्याचार और यौन अपराधों के बढ़ते मामले देश के लिए चिंता का विषय हैं। इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने यह पहल की है। डाटाबेस में ऐसे अपराधियों का फोटो, पता, डीएनए, आधार कार्ड, फिंगर प्रिंट और पैन कार्ड से जुड़ी जानकारी फीड की जाएगी। यह रिकॉर्ड देश भर की जेलों से जुटाया गया है। गृह मंत्रालय के अंतर्गत नेशनल क्राइम रिकार्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) इस डाटाबेस को तैयार कर रहा है। एनसीआरबी ही यह डाटा विभिन्न जांच एजेंसियों को मुहैया कराएगा।
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तीन श्रेणियों में बांटे जाएंगे अपराधी
इस डाटाबेस में अपराधियों की तीन श्रेणियां बनाई गई हैं। पहली श्रेणी में वह अपराधी होंगे जिन्होंने पहली बार इस तरह का अपराध किया होगा। इन अपराधियों की जानकारी 15 साल तक रखी जाएगी। दूसरी श्रेणी में शामिल अपराधियों का डाटा 25 साल तक फीड रहेदा। तीसरी श्रेणी में बार-बार इस तरह के अपराध करने वाले अपराधी शामिल किए जाएंगे। ऐसे अपराधियों का ब्योरा आजीवन डाटाबेस में सेव रहेगा।
ऐसा करने वाला दुनिया का नौवां देश बना भारत
भारत दुनिया का नौवां ऐसा देश होगा जहां इस तरह की व्यवस्था होगी। भारत के अलावा अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, आस्ट्रेलिया, आयरलैंड, कनाडा, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड और त्रिनिदाद व टोबैगो देशों में ऐसी व्यवस्था है। इनमें अमेरिका ऐसा देश है जहां, आम नागरिक भी डाटाबेस से जानकारी ले सकते हैं। बाकी देशों में केवल वहां की जांच एजेंसियां ही ऐसे रिकॉर्ड एक्सेस कर सकती हैं।