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अब लोगों की समस्याएं बोलकर दूर करेंगे सरकारी पोर्टल, एनआईसी तैयार कर रहा है वायस बोर्ड 

Sat, 01 Sep 2018 05:22 AM IST
पीयूष पांडेय, नई दिल्ली
पीयूष पांडेय, नई दिल्ली Updated Sat, 01 Sep 2018 05:22 AM IST
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Government portal will now address people problems
फाइल फोटो
सरकार केंद्रीय योजनाओं और छात्रवृत्ति जैसे ऑनलाइन पोर्टल के इस्तेमाल के दौरान पेश आने वाली परेशानियों को वायस बोर्ड के जरिये दूर करने की तैयारी में है। इस वायस बोर्ड को पोर्टल से जोड़ा जाएगा, जो योजनाओं से जुड़ी हर परेशानी को बोलकर दूर करेगा। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) तकनीक के जरिये इसे जल्द शुरू करने की तैयारी में है।
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एनआईसी की प्रबंध निदेशक नीता वर्मा के मुताबिक मौजूदा समय में सरकार की तमाम योजनाओं में हेल्प डेस्क चलानी पड़ती है। इसके बावजूद लोगों को पूरी सूचना नहीं मिल पाती है। ऐसे में उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते हैं। हम इसका हल निकालने की तैयारी में हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि हम वायस बोर्ड बनाने की प्रक्रिया में हैं, जो संबंधित पोर्टल में आई परेशानी का हल तत्काल निकाल देगा। वायस बोर्ड हर उस सवाल का जवाब देगा, जो पोर्टल से जुड़ा होगा। इससे लोगों को किसी हेल्प डेस्क से सहायता नहीं लेनी पड़ेगी। 
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वर्मा ने बताया कि इसमें आर्टिफिशियल इंजन से बात करके लोग पहले, दूसरे और तीसरे स्तर की सूचना हासिल कर सकेंगे। मान लीजिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल है। इसमें देशभर से करीब 1.26 करोड़ आवेदन आए, जिसके जरिये प्राथमिक, माध्यमिक और स्नातक स्तर की छात्रवृत्ति दी जाती है। यह वायस बोर्ड जानकारी देगा कि किस छात्रवृत्ति के लिए कौन सी कक्षा का छात्र योग्य है। इसमें पिछले एक साल के प्रश्न और उत्तर डाले जाएंगे। इसके बाद मशीन में नए सवाल खुद जुड़ते जाएंगे।
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एआई तकनीक पर सहायक व्यवस्था होगी वायस बोर्ड

वर्मा ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के उपकरण आज इस स्तर पर पहुंच गए हैं कि हम उन्हें प्रयोग में ला सकते हैं। इस तकनीक को चलाने के लिए डाटा चाहिए, जिससे मशीन मौजूदा स्थिति को ग्रहण कर खुद सक्षम हो जाए। वायस बोर्ड एआई तकनीक पर आधारित एक सहायक व्यवस्था होगी, जिसके जरिये सरकारी योजनाओं में लोगों की समस्या तत्काल दूर हो सकेगी। 


सरकारी सुविधाओं में पहला आर्टिफिशियल इंजन

वायस बोर्ड देश की सरकारी सुविधाओं में पहला आर्टिफिशियल इंजन होगा। इससे इतर नीति आयोग कृषि, स्वास्थ्य समेत अन्य क्षेत्रों में भी एआई के इस्तेमाल पर काम कर रहा है। माना जा रहा है कि सरकार विभिन्न स्तरों पर एआई के प्रयोग के लिए डाटा जुटा रही है।
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