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रक्षा उपाय: समुद्री सुरक्षा के लिए हो सकती है राष्ट्रीय सुरक्षा समन्वयक की नियुक्ति, जानिए कैसे करेगा काम
Tue, 13 Jul 2021 10:07 PM IST
संजीव कुमार झा
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Tue, 13 Jul 2021 10:07 PM IST
सार
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में चीन की पैठ बनाने की कोशिश विश्व की प्रमुख शक्तियों के बीच चर्चा का विषय बन गई है। भारत और चीन के बीच पिछले साल मई से पूर्वी लद्दाख में टकराव वाले कई स्थानों पर सैन्य गतिरोध बना हुआ है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारत में समुद्री सुरक्षा के मुद्दों से निपटने वाले कई संगठनों के बीच सुगमता और तेजी से निर्णय लेना सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा एक राष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा समन्वयक की नियुक्ति करने की संभावना है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
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हिंद-प्रशांत क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में चीन की पैठ बनाने की कोशिश विश्व की प्रमुख शक्तियों के बीच चर्चा का विषय बन गई है। भारत और चीन के बीच पिछले साल मई से पूर्वी लद्दाख में टकराव वाले कई स्थानों पर सैन्य गतिरोध बना हुआ है।
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अधिकारियों ने कहा कि भारतीय नौसेना द्वारा किसी सेवानिवृत्त या सेवारत वाइस एडमिरल को समुद्री सुरक्षा समन्वयक के पद पर चयनित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा समन्वयक राष्ट्रीय समुद्री आयोग (एनएमसी) का नेतृत्व करेंगे।
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आयोग नौसेना, तटरक्षक, बंदरगाह और जहाजरानी मंत्रालयों आदि के बीच समन्वय करेगा। आयोग द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार को रिपोर्ट करने की भी संभावना है।
वर्ष 1999 के करगिल युद्ध के बाद गठित करगिल समीक्षा समिति ने एक ऐसी शीर्ष संस्था के गठन की सिफारिश की थी जो नौसेना, तटरक्षक और अन्य मंत्रालयों तथा राज्य या केंद्र सरकार के विभागों के बीच संपर्क स्थापित कर देश के समुद्री मामलों की देखरेख करे।