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Lok Sabha: पीएमयूजे के तहत सरकार ने दिए 10.33 करोड़ मुफ्त एलपीजी कनेक्शन, लोकसभा में हरदीप पुरी का लिखित जवाब
Sun, 09 Feb 2025 11:06 PM IST
शुभम कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शुभम कुमार
Updated Sun, 09 Feb 2025 11:06 PM IST
सार
इस योजना में अधिक गरीब परिवारों को लाभ देने के लिए अगस्त 2021 में उज्ज्वला 2.0 शुरू की गई। इसका लक्ष्य 1 करोड़ और कनेक्शन देना था, जिसे जनवरी 2022 में पूरा कर लिया गया। इसके बाद, सरकार ने 60 लाख और एलपीजी कनेक्शन देने की मंजूरी दी।
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केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी।
- फोटो : ANI
विस्तार
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूजे) की मई 2016 में शुरू की गई थी और तब से अब तक सरकार ने पूरे देश में 10.33 करोड़ मुफ्त एलपीजी कनेक्शन दिए हैं। लोकसभा में इस हफ्ते यह जानकारी पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप पुरी ने दी। मंत्री हरदीप पुरी ने लिखित जवाब में कहा कि इस योजना के तहत 8 करोड़ एलपीजी कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया था, जिसे सितंबर 2019 में पूरा कर लिया गया।
2021 में उज्जवला 2.0 की शुरुआत
साथ ही इस योजना में अधिक गरीब परिवारों को लाभ देने के लिए अगस्त 2021 में उज्ज्वला 2.0 शुरू की गई। इसका लक्ष्य 1 करोड़ और कनेक्शन देना था, जिसे जनवरी 2022 में पूरा कर लिया गया। इसके बाद, सरकार ने 60 लाख और एलपीजी कनेक्शन देने की मंजूरी दी, जिसे दिसंबर 2022 तक पूरा कर लिया गया। फिर, 2023-24 से 2025-26 की अवधि में 75 लाख और एलपीजी कनेक्शन देने का फैसला किया गया, जिसे जुलाई 2024 तक पूरा कर लिया गया। इन सभी कोशिशों की वजह से भारत में एलपीजी कवरेज अप्रैल 2016 में 62 फीसदी से बढ़कर अब लगभग 100 फीसदी हो गया है।
नए एलपीजी कनेक्शन देने का कोई नया लक्ष्य फिलहाल नहीं
फिलहाल,पीएमयूजे के तहत नए कनेक्शन देने का कोई नया लक्ष्य तय नहीं किया गया है। गरीब परिवारों के लिए एलपीजी को और सस्ता बनाने के लिए सरकार ने मई 2022 में 200 रुपये प्रति सिलेंडर (14.2 किलोग्राम) की सब्सिडी शुरू की। यह सब्सिडी 12 सिलेंडर प्रति वर्ष तक दी जाती है। अक्टूबर 2023 में इसे 300 रुपये प्रति सिलेंडर कर दिया गया। वर्तमान में, दिल्ली में पीएमयूजे लाभार्थियों के लिए एक एलपीजी सिलेंडर 503 रुपये में मिल रहा है, जिससे गरीब परिवारों के लिए साफ-सुथला ईंधन सुलभ और किफायती बना है।
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पीएमयूजे बनाया गरीब महिलाओं के लिए खाना पकाना स्वच्छ
पीएमयूजे का उद्देश्य गरीब परिवारों की वयस्क महिलाओं को बिना जमा राशि वाले एलपीजी कनेक्शन देना था। इससे पहले, कई घरों में लकड़ी, कोयला और गोबर के उपले जलाकर खाना पकाया जाता था, जिससे महिलाओं की सेहत पर बुरा असर पड़ता था और पर्यावरण को भी नुकसान होता था। इस योजना से खाना पकाने को स्वच्छ और सुरक्षित बनाया गया।
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2021 में उज्जवला 2.0 की शुरुआत
साथ ही इस योजना में अधिक गरीब परिवारों को लाभ देने के लिए अगस्त 2021 में उज्ज्वला 2.0 शुरू की गई। इसका लक्ष्य 1 करोड़ और कनेक्शन देना था, जिसे जनवरी 2022 में पूरा कर लिया गया। इसके बाद, सरकार ने 60 लाख और एलपीजी कनेक्शन देने की मंजूरी दी, जिसे दिसंबर 2022 तक पूरा कर लिया गया। फिर, 2023-24 से 2025-26 की अवधि में 75 लाख और एलपीजी कनेक्शन देने का फैसला किया गया, जिसे जुलाई 2024 तक पूरा कर लिया गया। इन सभी कोशिशों की वजह से भारत में एलपीजी कवरेज अप्रैल 2016 में 62 फीसदी से बढ़कर अब लगभग 100 फीसदी हो गया है।
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नए एलपीजी कनेक्शन देने का कोई नया लक्ष्य फिलहाल नहीं
फिलहाल,पीएमयूजे के तहत नए कनेक्शन देने का कोई नया लक्ष्य तय नहीं किया गया है। गरीब परिवारों के लिए एलपीजी को और सस्ता बनाने के लिए सरकार ने मई 2022 में 200 रुपये प्रति सिलेंडर (14.2 किलोग्राम) की सब्सिडी शुरू की। यह सब्सिडी 12 सिलेंडर प्रति वर्ष तक दी जाती है। अक्टूबर 2023 में इसे 300 रुपये प्रति सिलेंडर कर दिया गया। वर्तमान में, दिल्ली में पीएमयूजे लाभार्थियों के लिए एक एलपीजी सिलेंडर 503 रुपये में मिल रहा है, जिससे गरीब परिवारों के लिए साफ-सुथला ईंधन सुलभ और किफायती बना है।
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पीएमयूजे बनाया गरीब महिलाओं के लिए खाना पकाना स्वच्छ
पीएमयूजे का उद्देश्य गरीब परिवारों की वयस्क महिलाओं को बिना जमा राशि वाले एलपीजी कनेक्शन देना था। इससे पहले, कई घरों में लकड़ी, कोयला और गोबर के उपले जलाकर खाना पकाया जाता था, जिससे महिलाओं की सेहत पर बुरा असर पड़ता था और पर्यावरण को भी नुकसान होता था। इस योजना से खाना पकाने को स्वच्छ और सुरक्षित बनाया गया।