माल्या से सबक, भगोड़ों की संपत्ति जब्त करने के लिए सरकार लाएगी नया कानून
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उद्योगपति विजय माल्या से सबक लेते हुए सरकार ने बड़े घपले या अपराध को अंजाम देकर देश छोड़कर भाग जाने वाले अपराधियों पर नकेल कसने की तैयारी कर ली है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि भगोड़े अपराधियों की संपत्तियों को जब्त करने के लिए सरकार नए कानून लाने पर विचार कर रही है। इनमें आर्थिक अपराधों में शामिल अपराधी भी हैं।
वित्त मंत्री ने अपने बजटीय भाषण में कहा कि देश में अपराध को अंजाम देकर बाहर भाग जाने वालों पर नकेल कसने के लिए सरकार एक नए कानून के लाने पर विचार कर रही है जिसके तहत इन अपराधियों की देश की तमाम संपत्तियां जब्त कर ली जाएंगी। सरकार का मानना है कि कानून से भागते फिरने वाले अपराधियों को इस तरह की बेड़ियां जरूरी है, लिहाजा प्रयास यह है कि भगोड़े अपराधी खुद को कानून के हवाले कर दें।
ऐसा नहीं है कि भगोड़े अपराधियों की संपत्तियों को जब्त करने के प्रावधान नहीं है। प्रावधान अब भी है, लेकिन इसकी प्रक्रिया बेहद जटिल है। भगोड़ों की संपत्तियों को जब्त करने के लिए एजेंसियों को कई प्रक्रियाओं से होकर गुजरना पड़ता है। कई औपचारिकताएं हैं। लिहाजा हालिया प्रावधान प्रभावी नहीं है, जिसका अपराधी फायदा उठा रहे हैं।
सरकारी एजेंसियों को होगी मदद
सरकार के प्रस्तावित नए कानून से प्रवर्तन निदेशालय समेत कई अन्य सरकारी एजेंसियों को काफी मदद होगी। नए कानून के तहत, विजय माल्या जैसे अपराधियों की भारतीय संपत्तियों को आसानी से जब्त किया जा सकता है।
वर्तमान कानून केतहत अगर अपराधी विदेशी भाग जाते हैं तो उसे वहां से भारत से लाना बेहद मुश्किल होती है। क्यों प्रत्यर्पण के जरिए अपराधियों को देश लाने की प्रक्रिया बेहद जटिल है। अधिकतर मामलों में प्रत्यर्पण विफल हो जाता है, ऐसे में जांच एजेंसियों के लिए जांच का काम मुश्किल हो जाता है।