खुशखबरः जंगलों की आग बुझाएगा ‘मेक इन इंडिया’ का ड्रोन समेत वो प्रमुख खबरें जो कर देंगी आपको खुश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जंगलों में हर साल आग लगने से पर्यावरण और प्राकृतिक संपदा को होने वाले नुकसान से अब भारत में बना ड्रोन निपटेगा। मोदी सरकार की ‘मेक इन इंडिया योजना’ के तहत बना ड्रोन स्वचलित है। हिमाचल प्रदेश में इसका ट्रायल शुरू हो गया है।
खास बात यह है कि ड्रोन आग लगने की जगह की खुद पहचान करता और उसे बुझाने का काम करता है। इसमें एक सिलेंडर लगा रहता है जो निर्धारित क्षेत्र में केमिकल बरसाकर आग को पूरी तरह से बुझा देता है। देश में यह पहला मौका है जब इसे प्रयोग में लाया जाने वाला है। जबकि उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, केरल समेत कई राज्य इस तकनीक को अपनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।
यूपी बोर्ड का बड़ा फैसला, नकल रोकने के लिए बनाया खास प्लान
परीक्षा के दौरान बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी रोकने के लिए, यूपी बोर्ड आग बुझाने वाले यंत्र, सीसीटीवी कैमरे और अन्य सुविधाओं सहित उचित बुनियादी ढांचे के आधार पर स्कूलों की एक सूची तैयार करने वाला है। रिपोर्ट के मुताबिक स्कूलों की हर एक आवश्यक सुविधाओं के आधार पर स्कूल आवंटित किए जाएंगे।एक बार योग्यता सूची तैयार हो जाने के बाद, परीक्षा प्राप्त केंद्रों के लिए सबसे ज्यादा नंबन पाने वाले स्कूलों पर विचार किया जाएगा। बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी रोकने के लिए बोर्ड की ओर से ये रिपोर्ट आई है।
भारतीय रेल को मिला सबसे तेज इंजन, घटेगा ट्रैवल टाइम
चितरंजन लोकोमोटिव वर्क्स ने भारतीय रेल को अब तक का सबसे तेज इंजन सौंप दिया है। अनुमान है कि ये इंजन 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक चल सकता है। WAP 5 मोडिफाइड इंजन में ड्राइवर के कंफर्ट और सेफ्टी का भी ख्याल रखा गया है। पहला इंजन गाजियाबाद में भेजा गया है।
राजधानी एक्सप्रेस, गतिमान एक्सप्रेस और शताब्दी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में इसे इस्तेमाल किए जाने की उम्मीद है। नए इंजन की वजह से ट्रेन का ट्रैवल टाइम घट जाएगा।नए इंजन में सीसीटीवी कैमरा और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर भी लगाया गया जो ड्राइवर के बीच बातचीत को 90 दिनों के लिए रिकॉर्ड कर रखेगा. इस इंजन में बिजली की भी खपत कम होगी क्योंकि इसमें नेक्स्ट जेनरेशन रिजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है।