अलविदा नीरज: अंतिम विदाई पर आसमान भी रोया, गहरा सदमा देकर रुख्सत हो गया महान गीतकार
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मशहूर गीतकार पद्मभूषण गोपाल दास ‘नीरज’ का कारवां अनंत यात्रा के लिए चला गया। अलीगढ़ और आगरा में उमड़ी भारी भीड़ ने नम आंखों से गीतकार को अंतिम विदाई दी। अलीगढ़ में नीरज के पार्थिव शरीर को शनिवार को उनके जनकपुरी स्थित आवास पर लाया गया।
आवास से नुमाइश मैदान स्थित कृष्णांजलि नाट्यशाला तक बड़े जुलूस की शक्ल में नीरज के पार्थिव शरीर को उनके गानों के साथ लाया गया। यहां एक घंटे तक शव को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। यहां प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि के रूप में दुग्ध विकास मंत्री चौ. लक्ष्मी नारायण सहित अन्य गणमान्य जनों व हजारों प्रशंसकों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
दुग्ध विकास मंत्री ने भरोसा दिलाया कि नीरज के साहित्य जगत में योगदान को देखते हुए उन्हें भारत रत्न दिए जाने की मांग करेंगे। इसके बाद नुमाइश मैदान स्थित श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। इसके बाद बारिश हुई। मौजूद लोग कह उठे कि नीरज की अंतिम विदाई पर आसमान भी रो रहा है। इस मौके पर जिले की सभी राजनीतिक, सामाजिक, कारोबार-उद्योग और अन्य क्षेत्रों से जुड़ी दिग्गज हस्तियां मौजूद थीं।
इससे पूर्व आगरा में भी गीतकार की अंतिम यात्रा राजकीय सम्मान के साथ निकाली गई। उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिए उनके दीवाने उमड़ पड़े। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, सपा नेता शिवपाल यादव, कवि कुमार विश्वास, सुरेंद्र शर्मा, अरुण जैमिनी, तेज नारायण बेचैन, उदय प्रताप सहित बड़ी संख्या में लोग भावभीनी श्रद्धांजलि देने आए। हर आंख नम थी, हर चेहरे पर गम था। नीरज ने बृहस्पतिवार को दिल्ली स्थित एम्स में अंतिम सांस ली थी।
इटावा में बनाया जाएगा स्मारक: अखिलेश
इटावा में बनाया जाएगा स्मारक: अखिलेश
आगरा। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गीतकार को श्रद्धांजलि देने के बाद कहा कि पद्मभूषण नीरज मूलरूप से इटावा जिले के थे, इसलिए समाजवादियों को जब भी मौका मिलेगा, वह गोपाल दास ‘नीरज’ की याद में स्मारक बनवाएंगे। जैसे लाइन सफारी को देखने लोग दूर-दूर से आते हैं, उसी प्रकार उनकी यादगार को देखने आएंगे। ब्यूरो
ऊपर शाम जम गई होगी : कुमार विश्वास
आगरा। ‘हमारा बड़ा नुकसान हुआ है। हमारा औलिया, पीर, कबीर उठा है, लेकिन निश्चित रूप से जब वह ऊपर पहुंचे होंगे, जहां साहिर लुधियानवी, निदा फाजली बैठे होंगे, उन्होंने जरूर उन्हें गले लगाकर कहा होगा, आओ पार्टनर यहां जमात लगाते हैं, और वहां शाम जम गई होगी। नीरज जी वहां भी नीरज निशा का आयोजन कर रहे होंगे।’
राहुल गांधी ने भेजा शोक संदेश
आगरा। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने महाकवि गोपालदास नीरज के निधन पर गहरा शोक जताया है। उन्होंने शनिवार को प्रदेश उपाध्यक्ष उपेंद्र सिंह को शोक संदेश लेकर बल्केश्वर स्थित उनके घर भेजा। उन्होंने कहा, हिंदी गीत और कविता के अद्भुत हस्ताक्षर नीरज के निधन से हिंदी प्रदेश की जनता सहित कांग्रेस परिवार बेहद दुखी है। भारतीय फिल्म उद्योग को भी उनके गीतों से नई ऊंचाइयां मिलीं। ब्यूरो
नीरज की देहदान की इच्छा नहीं हुई पूरी
हिंदी साहित्य जगत के गौरव थे नीरज : शिवपाल
आगरा। वरिष्ठ सपा नेता व पूर्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने गोपाल दास ‘नीरज’ के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, नीरजजी का जाना अपूर्णनीय क्षति है। इसे कभी पूरा नहीं किया जा सकता। वह हिंदी साहित्य जगत के गौरव थे। ब्यूरो
उनकी जगह कोई नहीं ले सकता: सुरेंद्र शर्मा
आगरा। प्रख्यात हास्य कवि सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि गोपाल दास ‘नीरज’ हमारे कवि सम्मेलनों की एकमात्र ऐसी इमारत थे, जो नींव थे और गुंबद भी। उनकी जगह कोई नहीं ले सकता।
सहज व्यक्तित्व के धनी थे : उदय प्रताप
आगरा। कवि उदय प्रताप ने कहा, गोपाल दास ‘नीरज’ जितने श्रेष्ठ कवि थे, उतने ही सहज व्यक्तित्व के धनी थे। उनसे हर मुलाकात में कुछ नया सीखने को मिलता था।
नीरज की देहदान की इच्छा नहीं हुई पूरी
नीरज की देहदान की इच्छा पूरी नहीं हो सकी। शरीर में इंफेक्शन के कारण परिजनों ने अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया। नीरज ने देहदान से संबंधित सहमति पत्र पर अक्तूबर 2015 में हस्ताक्षर किया था। मरणोपरांत पार्थिव शरीर को एएमयू के जेएलएन मेडिकल कॉलेज के छात्रों एवं शिक्षकों को पठन-पाठन एवं शोध के लिए समर्पित करने की इच्छा व्यक्त की थी।