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आतंकवाद फैला रहा पाक, मौजूदा हालात में सार्क के साथ आगे बढ़ना संभव नहीं: भारत

Sun, 08 Apr 2018 01:36 AM IST
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Updated Sun, 08 Apr 2018 01:36 AM IST
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go ahead with saarc under present circumstances is not possible says india
pm modi

भारत ने शनिवार को साफ शब्दों में कहा कि सीमापार आतंकवाद को पाकिस्तान का समर्थन जारी है। ऐसे हालात में दक्षिण एशिया क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) पहल के साथ आगे बढ़ना कठिन है। सार्क सम्मेलन के आयोजन का मुद्दा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेपाली पीएम केपी शर्मा ओली की मुलाकात के दौरान उठा। 2016 में उड़ी में हुए आतंकी हमले के बाद पाक में होने वाले सार्क सम्मेलन से भारत हट गया था।

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विदेश सचिव विजय गोखले के अनुसार, पीएम मोदी ने यह मामला उठने पर कहा कि वह काठमांडू में हुए सार्क सम्मेलन में बड़े उत्साह के साथ शामिल हुए थे। हालांकि सीमापार से चलाए जा रहे आतंकवाद का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि मौजूदा हालात में इस तरह की पहल के साथ आगे बढ़ना कठिन है। गोखले ने कहा, भारत का रवैया क्षेत्रीय संपर्क और सहयोग बढ़ाने वाले मुद्दों पर साथ देने वाला रहा है लेकिन पीएम मोदी ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि नेपाली पीएम मौजूदा हालात से अच्छी तरह परिचित हैं।
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सार्क के सदस्य देश हर दो साल में वर्णमाला के क्रम में यह सम्मेलन आयोजित करते हैं। इसका आयोजन करने वाला देश ही सार्क की अध्यक्षता करता है। 2014 में हुए सार्क सम्मेलन में पीएम मोदी शामिल हुए थे। लेकिन 2016 में 18 सितंबर को उड़ी में सैन्य शिविर पर आतंकी हमले के बाद भारत ने इस्लामाबाद में आयोजित सम्मेलन में जाने से इनकार कर दिया। बाद में बांग्लादेश, भूटान और अफगानिस्तान ने भी कदम पीछे खींच लिए थे। इसके बाद सार्क सम्मेलन को रद्द करना पड़ा। इससे पाक की काफी किरकिरी हुई थी। मालदीव और श्रीलंका सार्क के क्रमश: सातवें और आठवें सदस्य हैं।
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गोखले के अनुसार, ओली ने पीएम मोदी को बताया कि उन्हें बिना पाक की मौजूदगी वाले बिम्सटेक (बंगाल की खाड़ी बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग उपक्रम) सम्मेलन की मेजबानी करने का इंतजार है। ओली ने बांग्लादेश, भूटान, भारत और नेपाल (बीबीआईएन) पहल को लेकर भी ‘सकारात्मक रुख’ जाहिर किया।

 
सार्क सम्मेलन के आयोजन की कोशिशों में पाक
पाक सार्क सम्मेलन को बहाल करने की कोशिशों में जुटा है। पिछले महीने पाक पीएम शाहिद खाकान अब्बासी ने काठमांडू की यात्रा के दौरान इस्लामाबाद में इस सम्मेलन का आयोजन कराने के लिए ओली से समर्थन मांगा था। अब्बासी ने श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना से भी जल्द सार्क सम्मेलन आयोजित कराने के लिए अपनी भूमिका निभाने का अनुरोध किया था। 

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